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सलावा में सांप्रदायिक तनाव: धार्मिक स्थल पर उठे सवाल, आठ लोगों को भेजा जेल, फोर्स तैनात; गांव में ये हैं हालात

Wed, 17 Sep 2025 09:29 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

Meerut News: मेरठ के सरधना कस्बे के गांव सलावा में मुस्लिम और राजपूत समाज के लोगों के बीच भिड़ंत हो गई। इसमें नौ लोग घायल हो गए, जबकि मुस्लिम पक्ष के लोगों को गिरफ्तार किया गया। डीएम और एसएसपी ने गांव में आकर जायजा लिया है। गांव में फोर्स तैनात है। 
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सलावा में तैनात फोर्स। - फोटो : अमर उजाला
थाना सरधना क्षेत्र के गांव सलावा में मंगलवार रात दो समुदाय के युवकों में कहासुनी के बाद शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते साम्प्रदायिक संघर्ष में बदल गया। झड़प में राजपूत समाज के नौ लोग घायल हो गए, जिनमें आठ की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को पहले सरधना सीएचसी और बाद में मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। बुधवार सुबह डीएम डॉ. वीके सिंह और एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
 
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जेल भेजे गए आठ आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
मंगलवार देर रात गांव के तालाब के पास मछली पकड़ने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। बात इतनी बढ़ी कि देखते ही देखते लाठी-डंडे और धारदार हथियार चलने लगे। हिंसक झड़प में नौ लोग घायल हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
घायल पक्ष का कहना है कि मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने तालाब की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर मदरसा निर्माण कर लिया है। जब गांव वालों ने विरोध किया तो हमला कर दिया। ग्रामीणों ने अवैध निर्माण हटाने और मदरसे की जांच की मांग उठाई है।
 
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गांव सलावा पहुंचे डीएम और एसएसपी। - फोटो : अमर उजाला
वहीं मुस्लिम पक्ष का कहना है कि झगड़ा राजपूत युवकों द्वारा की गई कहासुनी के बाद शुरू हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि रात में राजपूत समाज के लोग उनके घरों में घुस आए, मारपीट की, पथराव किया और महिलाओं से बदसलूकी की। एक पीड़िता उस्मानी पुत्री अबरार ने पुलिस को तहरीर देकर सुरक्षा की मांग की है।
 

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पथराव के बाद एक घर में पड़ी ईंटें। - फोटो : अमर उजाला
आठ आरोपी किए गिरफ्तार
पुलिस ने बुधवार को मुस्लिम पक्ष के आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गांव में तलाशी अभियान भी चलाया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सिर्फ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, लेकिन मुस्लिम समुदाय का कहना है कि निर्दोष लोगों को भी परेशान किया जा रहा है।

राजस्व विभाग की टीम ने किया स्थल निरीक्षण
घटना के बाद बुधवार को प्रशासन ने राजस्व विभाग की टीम को गांव भेजा। टीम ने तालाब की भूमि पर हुए निर्माणों का सिजरा और पैमाइश से अवलोकन किया। अधिकारियों ने कहा कि अवैध कब्जों पर जल्द रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

इन आठ लोगों को भेजा जेल
आरिफ, सत्तार, अबरार, नाजिम, फुरकान, उस्मान, सलमान और रिहान को जेल भेज दिया गया। डीएम डॉ. विजय कुमार सिंह का कहना है कि अशांति फैलाने वाले तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
 
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गांव पहुंचे संगीत सोम। - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों ने प्रशासन से शिकायत की कि गांव में नाले की सफाई लंबे समय से नहीं हुई है, जिससे जलभराव और गंदगी से तनाव बना रहता है। अधिकारियों ने बीडीओ को मौके पर बुलाकर सफाई के निर्देश दिए। राजपूत समाज के लोगों ने आरोपियों के खिलाफ रासुका और गुंडा एक्ट में कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो गांव में शांति बहाल करना मुश्किल हो जाएगा।

गांव में तैनात भारी पुलिस बल, सन्नाटा पसरा
घटना के बाद से गांव में भारी पुलिस बल तैनात है। गलियों में पुलिस की गश्त लगातार जारी है। अफवाहों को रोकने के लिए प्रशासन सतर्क है। गांव में फिलहाल तनावपूर्ण शांति का माहौल बना हुआ है। डीएम डॉ. विजय कुमार सिंह और एसएसपी डॉ. विपिन कुमार ताडा ने मेडिकल कॉलेज और सलावा पहुंचकर घायलों का हाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। दोनों अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।


 
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रोते-बिलखता एक परिवार। - फोटो : अमर उजाला
मुस्लिम पक्ष बोला- पुलिस ने की एकतरफा कार्रवाई 
सलावा गांव में संघर्ष के बाद मुस्लिम पक्ष ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है। पीड़ित महिला उस्मानी पुत्री अबरार ने थाने में तहरीर देकर बताया कि पुलिस ने न केवल उनके साथ मारपीट करने वालों को छोड़ा, बल्कि उल्टे उन्हीं के परिवार के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया। 

तहरीर में उस्मानी ने बताया कि उसका चचेरा भाई नाजिम पुत्र सत्तार घर के बाहर खड़ा था। तभी प्रिंस, शिवा और सोनित वहां आए और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने नाजिम को सड़क पर गिराकर लाठी-डंडों से पीटा। शोर सुनकर परिवार के सत्तार, अबरार, आरिफ, उस्मान, सलमान, रिहान, आसिया पत्नी सत्तार और सन्नो पत्नी अबरार मौके पर पहुंचे और नाजिम को बचाने की कोशिश की। 
आरोप है कि हमलावरों ने उन भी पर भी डंडों से हमला कर दिया। जान बचाने के लिए सभी घर में घुसे और दरवाजा बंद किया, जिसके बाद पथराव शुरू हो गया। एक कमरे की छत से पत्थर की सिल्ली भी गिर गई, जिससे परिवार के आठ लोग घायल हो गए। घटना के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो सत्तार पक्ष के कई लोगों को हिरासत में लेकर गाड़ी में बैठाया गया।सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में यह भी देखा गया कि सोनित पक्ष के लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में गाड़ी को घेर लिया और डंडों से हमला करने का प्रयास किया। वे पुलिस वाहन से लोगों को खींचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने मुश्किल से वाहन को भीड़ से बाहर निकाला।

आरोपी पक्ष के घरों में चला तलाशी अभियान
संघर्ष के बाद पुलिस ने सत्तार और अबरार के घरों में तलाशी अभियान चलाया। मंगलवार रात को ही आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था। बुधवार को सभी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। गांव में जारी तनावपूर्ण माहौल के मद्देनज़र भारी पुलिस बल तैनात रहा। वहीं पुलिस का कहना है कि सिर्फ नामजद आरोपियों के खिलाफ ही कार्रवाई की जा रही है और जांच के बाद आगे की विधिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।


सलावा पहुंचे संगीत सोम, आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
बुधवार शाम को भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम सलावा गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर पूरी घटना की जानकारी ली और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
पूर्व विधायक ने कहा कि गांव सलावा में इस तरह की घटना पहले कभी नहीं हुई। यह सब एक नियोजित साजिश लगती है। श्राद्ध पक्ष चल रहे हैं और ऐसे में मछली प्रकरण के नाम पर जानबूझकर विवाद खड़ा किया गया है। आरोपियों के खिलाफ गुंडा एक्ट व जिला बदर की कार्रवाई नहीं होती, तो वह खुद अधिकारियों से इस मुद्दे पर वार्ता करेंगे। 


 
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