रोते-बिलखता एक परिवार।
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मुस्लिम पक्ष बोला- पुलिस ने की एकतरफा कार्रवाई
सलावा गांव में संघर्ष के बाद मुस्लिम पक्ष ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है। पीड़ित महिला उस्मानी पुत्री अबरार ने थाने में तहरीर देकर बताया कि पुलिस ने न केवल उनके साथ मारपीट करने वालों को छोड़ा, बल्कि उल्टे उन्हीं के परिवार के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया।
तहरीर में उस्मानी ने बताया कि उसका चचेरा भाई नाजिम पुत्र सत्तार घर के बाहर खड़ा था। तभी प्रिंस, शिवा और सोनित वहां आए और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने नाजिम को सड़क पर गिराकर लाठी-डंडों से पीटा। शोर सुनकर परिवार के सत्तार, अबरार, आरिफ, उस्मान, सलमान, रिहान, आसिया पत्नी सत्तार और सन्नो पत्नी अबरार मौके पर पहुंचे और नाजिम को बचाने की कोशिश की।
आरोप है कि हमलावरों ने उन भी पर भी डंडों से हमला कर दिया। जान बचाने के लिए सभी घर में घुसे और दरवाजा बंद किया, जिसके बाद पथराव शुरू हो गया। एक कमरे की छत से पत्थर की सिल्ली भी गिर गई, जिससे परिवार के आठ लोग घायल हो गए। घटना के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो सत्तार पक्ष के कई लोगों को हिरासत में लेकर गाड़ी में बैठाया गया।सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में यह भी देखा गया कि सोनित पक्ष के लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में गाड़ी को घेर लिया और डंडों से हमला करने का प्रयास किया। वे पुलिस वाहन से लोगों को खींचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने मुश्किल से वाहन को भीड़ से बाहर निकाला।
आरोपी पक्ष के घरों में चला तलाशी अभियान
संघर्ष के बाद पुलिस ने सत्तार और अबरार के घरों में तलाशी अभियान चलाया। मंगलवार रात को ही आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था। बुधवार को सभी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। गांव में जारी तनावपूर्ण माहौल के मद्देनज़र भारी पुलिस बल तैनात रहा। वहीं पुलिस का कहना है कि सिर्फ नामजद आरोपियों के खिलाफ ही कार्रवाई की जा रही है और जांच के बाद आगे की विधिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
सलावा पहुंचे संगीत सोम, आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
बुधवार शाम को भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम सलावा गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर पूरी घटना की जानकारी ली और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
पूर्व विधायक ने कहा कि गांव सलावा में इस तरह की घटना पहले कभी नहीं हुई। यह सब एक नियोजित साजिश लगती है। श्राद्ध पक्ष चल रहे हैं और ऐसे में मछली प्रकरण के नाम पर जानबूझकर विवाद खड़ा किया गया है। आरोपियों के खिलाफ गुंडा एक्ट व जिला बदर की कार्रवाई नहीं होती, तो वह खुद अधिकारियों से इस मुद्दे पर वार्ता करेंगे।