पथराव करती भीड़
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20 दिसंबर को जुमे की नमाज से एक सप्ताह पहले से टेंपो और ई-रिक्शा से लेकर दीवारों पर भड़काऊ पोस्टर लगवाए जा रहे थे। धार्मिक स्थलों में भी आपत्तिजनक पर्चे बांटकर 20 दिसंबर को जुमे के बाद ज्यादा से ज्यादा भीड़ जमा होने की अपील की जा रही थी।
उसके बाद राज्यसभा में सीएए की मंजूरी के बाद हमारे लोगों ने शहर के लोगों से संपर्क करना शुरू किया था। तमाम वाहनों और दीवारों पर विवादित पोस्टर लगाए थे। इन पोस्टर पर लिखा था कि ‘कभी हम भूल न जाएं, याद रखना पहला डिफेंस’। 20 दिसंबर को सीएए की मंजूरी के बाद पहला जुमे पर बवाल कराने की योजना थी। इसके बाद देशभर में बवाल कराना था।