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बाल दिवस विशेष: ये हैं मेरठी बच्चे, अपनी धुन के पक्के, कद से कहीं बड़े हैं इनके कारनामे

Wed, 14 Nov 2018 11:59 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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निष्ठा शतरंज खिलाड़ी
यूपी के मेरठ शहर के युवा ही नहीं, बल्कि बच्चे भी प्रतिभा के धनी हैं। खेल, नृत्य, कला और लेखन की विधाओं में भाग लेकर शहर के बच्चों ने राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाया है। देशभर में इन होनहारों की चर्चा है। शार्दूल विहान, सौरभ चौधरी तो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निशानेबाजी में तिरंगे का मान बढ़ा रहे हैं। वहीं युविका, इशिका व मुआज ने अन्य खेलों में खुद को साबित किया है। आज बाल दिवस के अवसर पर शहर की कुछ बाल प्रतिभाओं से रूबरू कराती यह स्टोरी...

 
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मेरठ न्यूज
जुड़वा बहन-भाई खेलों में कर रहे नाम 

शास्त्रीनगर एल-ब्लाक निवासी मांगेराम गुर्जर के जुड़वा बच्चे खेलों में प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। बेटी उज्जवल कसाना और बेटा दीपांशु कसाना बालेराम बृजभूषण में 9वीं कक्षा में पढ़ाई करते हैं। पढ़ाई के साथ दोनों बहन-भाई डिस्कस थ्रो में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। मेरठ सहित लखनऊ में आयोजित नेशनल एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। इसके अलावा दोनों बहन-भाईयों ने जिला एवं मंडल स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाई है। पिता ने बताया उज्जवल और दीपांशु की बड़ी बहन वैशाली कसाना भी बालेराम बृजभूषण में 10 वीं की छात्रा है। वो लॉन्ग जंप में राष्ट्रीय स्तर पर कई अहम पदक जीत चुके हैं। 
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मेरठ न्यूज
निशा भी बैडमिंटन खेल में बढ़ रहीं आगे

गोला कुआं के आजाद रोड़ निवासी निशा पूरी तरह बोल और सुन नहीं पाती। इसके बावजूद निशा का हौसला नहीं डिगा। निशा के पिता सलीम दूध की डेरी करते हैं। निशा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण पदक अपने नाम कर चुकी हैं। ऐसे में पिता सहित पूरे परिवार का फोकस निशा को बैडमिंटन खेल में आगे बढ़ाने पर है। निशा कई विदेशी खिलाड़ियों से मिल चुकी हैं। निशा फिलहाल इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रही हैं। निशा का सपना है कि वो एक दिन बैडमिंटन में भारत का प्रतिनिधित्व करे। 

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बैडमिंटन खिलाड़ी आरुषि
बैडमिंटन में आरुषि का जलवा 

दीवान पब्लिक स्कूल में 9वीं कक्षा की छात्रा आरुषि को कम सुनाई देता है। पूरी तरह मूकबधिर होने के चलते तीन साल की उम्र में आरुषि को कोक्लियर डिवाइस लगाया गया। जिसके जरिये आरुषि अब एक हद तक सुन और बोल पाती है। फिर भी तीन मीटर से ज्यादा दूरी पर आरुषि को आवाज सुनने में परेशानी होती है। इस परेशानी के बावजूद आरुषि बैडमिंटन में आसमान छू रही है। ब्रह्मपुरी निवासी आरुषि ने हाल में ही मलेशिया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कांस्य पदक जीता है। आरुषि साइना नेहवाल को अपना आईडल मानती हैं। पिता बालकिशन ने बताया कि 13 साल की कम उम्र में बैडमिंटन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूम मचाने वाली आरुषि देश की अकेली लड़की हैं।
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इफरा
पेंटिंग में इफरा कर  रहीं कमाल      

सेंट जोंस की पांचवीं कक्षा की छात्रा इफरा पढ़ाई के साथ-साथ पेटिंग में कदम बढ़ा रही हैं। कई बड़ी प्रतियोगिताओं में इफरा बड़े-बड़े कलाकारों को पछाड़ चुकी हैं। प्रशासन की ओर से आयोजित लंबी पेंटिंग बनाने में इफरा ने प्रतिभाग किया था। जिसमें मेरठ का नाम गिनीज बुक वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज हो चुका है। इफरा को भी संस्था द्वारा सर्टिफिकेट दिया गया। इसके अलावा इफरा स्कूली स्तर पर कला की प्रतिभा को लगातार निखार रही हैं। इफरा पेंटिंग के शौक के साथ खेलों पर भी विशेष ध्यान दे रही हैं। इफरा भारत के कई मशहूर कला आर्टिस्ट को अपना आदर्श मानती हैं।  
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मेरठ न्यूज
नन्हीं निष्ठा शतरंज में बडे़-बड़ों को दे रही मात 

पांडव नगर निवासी सात वर्षीय निष्ठा डीएवी स्कूल में प्रथम कक्षा में पढ़ाई करती हैं। नन्हीं उम्र के बावजूद निष्ठा का हौसला बहुत बड़ा है। छोटी उम्र से ही निष्ठा को शतरंज खेलने का शौक था। जिसके बाद उनके पिता विवेक त्यागी ने शतरंज में निष्ठा का सपोर्ट किया। सात साल की उम्र में निष्ठा अभी तक स्टेट और नेशनल स्तर पर गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। जिसमें वो अंडर-14 तक के खिलाड़ियों को शतरंज में मात दे चुकी हैं। वो भारत के शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद को अपना आदर्श मानती है। एक दिन देश के लिये खेलकर मेरठ का नाम रोशन करना चाहती है। खेलने की उम्र में कुछ कर गुजरने का जज्बा निष्ठा के परिवार के लोगों को गौरवान्वित कर रहा है। 
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table tenis
टेबल टेनिस में इशिका छू रहीं आसमान

केएल इंटरनेशल स्कूल की होनहार छात्रा इशिका नेगी बचपन से ही खेलकूद के प्रति जिज्ञासु रही हैं। इनका सपना एक अच्छी टेबल  टेनिस प्लेयर बनकर देश के लिए सोना जीतना है। इशिका ने हाल में ही नीलकंठ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में हुई खेल प्रतियोगिता में भाग लेकर कांस्य पदक जीता है। इसके अलावा सीबीएसई की क्लस्टर टेबिल टेनिस प्रतियोगिता जो धूम्र पब्लिक स्कूल ग्रेटर नोएडा में हुआ था, उसमें भाग लेकर पदक जीता। विजडम ग्लोबल स्कूल में हुई टेबिल टेनिस में 11 हजार रुपये की राशि व रजत पदक भी जीता। इशिका आठवीं की छात्रा हैं, पिता नरेश नेगी हैं।
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para cycling
साइकिल दौड़ में बनाया रिकॉर्ड

केएल इंटरनेशनल स्कूल में आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले मुआज अहमद ने साइकिल दौड़ में रिकॉर्ड कायम किया है। पिता परवेज अहमद का कहना है कि उनका बेटा पढ़ाई के साथ ही खेलों में भी अच्छा करे। उसकी रुचि भी खेलोें में है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से हुई बैडमिंटन व साइकिल दौड़ में भाग लेकर मुआज ने स्वर्ण पदक जीता। साथ ही एक लाख रुपये की धनराशि जीती। दिल्ली में हुई 50 किमी साइकिल दौड़ में भाग लेकर रिकार्ड तोड़ा और एक स्वर्ण पदक व ट्रॉफी पर कब्जा किया।

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