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आईएएस अफसर बी चंद्रकला के आवास पर CBI की छापेमारी, मेरठ में रह चुकी हैं डीएम, मांगा रिकॉर्ड 

Sat, 05 Jan 2019 12:31 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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B. Chandrakala - फोटो : facebook
तेज तर्रार आइएएस अधिकारी बी चंद्रकला के आवास पर शनिवार सुबह सीबीआई ने लखनऊ में छापा मारा। हालांकि उस वक्त चंद्रकला अपने आवास पर मौजूद नहीं थी। पूर्व में वह मेरठ की भी डीएम रह चुकी हैं। आगे जानें आखिर किस घोटाले में फंस गईं ये सुर्खियां बटोरने वाली आईएएस अफसर:-


 
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b chandrakala - फोटो : फेसबुक से
यहां छापेमारी में टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। बताया जा रहा है कि करोड़ों के खनन घोटाले के प्रकरण में सीबीआई टीम ने यह छापा मारा है। आरोप है कि आईएएस चन्द्रकला ने जुलाई 2012 के बाद हमीरपुर जिले में 50 मौरंग के खनन के पट्टे किए थे। आईएएस बी.चन्द्रकला की पहली पोस्टिंग हमीरपुर जिले में जिलाधिकारी के पद पर की गई थी।
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B. Chandrakala - फोटो : facebook
2008 बैच की आईएएस अफसर बी चंद्रकला लखनऊ में हैवलॉक रोड पर सफायर अपार्टमेंट के फ्लैट नम्बर 101 में रहती हैं। वहीं सीबीआई की एक टीम हमीरपुर में छापेमारी कर रही है। जहां टीम ने 2 बड़े मौरंग व्यवसायियों के घरों में छापेमारी की है। बताया जा रहा है कि रमेश मिश्रा और सत्यदेव दीक्षित़ शहर के बड़े मौरंग व्यापारी है। इस दौरान टीम द्वारा बेड और सोफे को खोलकर जांच की जा रही है। सीबीआई की 15 सदस्यीय टीम कार्रवाई में जुटी है। 

 

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B. Chandrakala - फोटो : social media
पूर्व में वह मेरठ की डीएम भी रह चुकी हैं। यहां उनकी तैनाती 14  सितंबर, 2016 से 31 मार्च, 2017 तक रही थी। मेरठ में डीएम रहते हुए बी चंद्रकला ने काफी सुर्खियां बटोरीं। हालांकि इससे पहले वह बुलंदशहर में डीएम रही थी। इस दौरान एक पत्रकार को धमकाने का ऑडियो वायरल होने और नगर निगम के चेयरमैन को हड़काने का वीडियो वायरल होने के बाद काफी विवादों में रहीं। मेरठ में भी उनकी छवि एक दबंग आईएएस अफसर की ही रहीं। 
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B. Chandrakala - फोटो : facebook
आईएएस चन्द्रकला पर आरोप है कि उन्हाहोंने जुलाई 2012 के बाद हमीरपुर जिले में 50 मौरंग के खनन के पट्टे किए थे। जबकि ई-टेंडर के जरिए मौरंग के पट्टों पर स्वीकृति देने का प्रावधान था लेकिन बी.चन्द्रकला ने सारे प्रावधानों की अनदेखी की थी। ताजा जानकारी के अनुसार मेरठ के अधिकारियों से भी बी चंद्रकला की मेरठ में तैनाती के दौरान का रिकॉर्ड मांगा गया है।
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B. Chandrakala - फोटो : facebook
हमीरपुर में सीबीआई की छापेमारी
जानकारी के अनुसार वर्ष 2015 में अवैध रूप से जारी मौरंग खनन को लेकर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर 2015 को हमीरपुर में जारी किए गए सभी 60 मौरंग खनन के पट्टे अवैध घोषित करते हुए रद्द कर दिए थे। याचिका कर्ता विजय द्विवेदी के मुताबिक मौरंग खदानों पर पूरी तरह से रोक लगाने के बाद भी जिले में अवैध खनन खुलेआम किया गया। 28 जुलाई 2016 को तमाम शिकायतें व याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अवैध खनन की जांच सीबीआई को सौंप दी थी।
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