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मेरठ में मौत की नहर: अब तक ली 20 की जान, आज फिर हुआ बड़ा हादसा, मजबूत दिलवाले ही देखें ये तस्वीरें

Tue, 25 Dec 2018 01:26 PM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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गंगनहर
चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग पर बीते दिनों हुए बड़े हादसे के चंद दिनों बाद ही मंगलवार सुबह फिर से एक कार गंगनहर में डूब गई। बताया जा रहा है कि इससे पहले तकरीबन बीस से भी ज्यादा जिंदगियां नहर में समा चुकी हैं। आज सवेरे भी सरधना क्षेत्र के नजदीक गंगनहर पटरी पर एक कार अनियंत्रित होकर नहर में समा गई। आगे तस्वीरों में देखें क्यों मौत की नहर बन चुकी है गंगनहर:-

 
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gangnahar hadsa
मेरठ से सटे सरधना क्षेत्र के सलावा गांव में रहने वाले हुकुम सिंह के परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा। वह अपने परिवार के साथ अपने एक रिश्तेदार के घर तेहरवीं के आयोजन में शामिल होने जा रहे थे कि अचानक गंगनहर पटरी पर चलते हुए कार का नियंत्रण खो गया और कार नहर में जा गिरी। 
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गंगनहर
सूचना पर पहुंची पुलिस ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और लोगों को नहर से बाहर निकाला। जानकारी के अनुसार तीन लोगों को नहर से बाहर निकाला गया और कंकरखेड़ा के कैलाशी अस्पताल पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंगनहर में अभी एक महिला समेत कई लोग लापता हैं। इसके अलावा एक बच्ची व महिला को सुरक्षित बचा लिया गया।

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गंगनहर
पुलिस के मुताबिक हुकुम सिंह पुत्र राकेश, अनिल पुत्र हुकुम सिंह व सीमा पत्नी संजय की नहर में डूबने से मौत हो गई है जबकि हुकुम सिंह की पत्नी माया व उसकी एक साल की बच्ची परी को सुरक्षित बचा लिया गया। सुनील की पत्नी राधा अभी भी लापता हैं। पुलिस जांच में जुटी है।

 
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गंगनहर में कार की तलाश करती टीम
गौरतलब है कि पिछले दस दिनों के भीतर ये दूसरा बड़ा हादसा है। इससे पहले पिछले सप्ताह गुरुवार को कांवड़ मार्ग पर पूठ गंगनहर के पुल के पास नोएडा की एचसीएल में काम करने वाले इंजीनियर की स्विफ्ट डेजायर कार अनियंत्रित होकर गंगनहर में जा गिरी थी। किसी तरह गुरनीक कौर व विशाल तो तैर कर बहार आ गये, लेकिन कार चला रहा इंजीनियर नितिन गुप्ता कार के साथ ही पानी में समा गया। कई दिन बाद नहर से उसका शव बरामद किया जा सका।  
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गंगनहर
मेरठ में चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग (गंगनहर पटरी) पर रात के लिए न तो कोई लाइट की व्यवस्था है और नही कहीं स्पीड ब्रेकर। पुलिस ने कहीं भी बैरियर नहीं लगाए हैं। रात में वाहनों की स्पीड के लिए भी संकेत के लिए बोर्ड भी नहीं लगाए गये हैं। ऐसे में लगातार हादसे हो रहे हैं और सरकारी सिस्टम चुप्पी साधे बैठा है। मेरठ में गंगनहर पटरी मार्ग की लंबाई 42 किमी है। एक साल में बीस से अधिक लोगों की जान इस गंगनहर में गिरकर जा चुकी है। 
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गंगनहर
चौधरी चरणसिंह कांवड़ मार्ग का दोहरीकरण के बाद मार्ग पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। संख्या बढ़ने से सड़क हादसे बढ़ गए हैं। वाहनों की तेज गति से सीधी भिड़ंत हो जाती हैं। वहीं, गंगनहर पटरी पर रेलिंग क्षतिग्रस्त होने से वाहन गंगनहर में समा जाते हैं। करीब दो माह के दौरान दर्जनभर हादसे सरधना सीओ सर्किल क्षेत्र में सलावा झाल गंगनहर पुल से भोला झाल गंगनहर पुल तक हो चुके हैं।

 

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गंगनहर
लगातार बढ़ते हादसों को लेकर इंस्पेक्टर प्रशांत कपिल ने हाल ही में रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों के पास भेजी है। रिपोर्ट में कावंड़ मार्ग पर बड़े वाहनों को रोकने के लिए पुलों पर हाइट गेट लगवाने व ब्रेकर बनवाने की बात कही गई है। ताकि पुलों पर क्रॉसिंग के दौरान कोई हादसा न हो। जगह-जगह पुलों की टूटी रेलिंग को ठीक कराने की बात कही गई है। अधिकांश दूरी में खाई ही खाई है। ऐसे में यदि वाहन गिर जाए तो पानी के तेज बहाव में वाहन नहीं मिलता। 

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गंगनहर
हाल में ये बड़े हादसे  
कपसाड़ के निकट दो कारों की आमने सामने की जोरदार भिड़ंत हुई। जिसमें दिल्ली कार चालक की मौके पर ही मौत हो गई। 
नानू गंगनहर पुल पर क्रासिंग के दौरान अनियंत्रित 22 टायर ट्रक नहर में समा गया था। जिसमें चालक रोहित की पानी में डूबने से मौत हो गई। 
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गंगनहर
हादसा हो जाए तो नहीं है टीम
गंगनहर में जब भी कोई वाहन गिर जाए तो गाजियाबाद से ही एनडीआरएफ की टीम बुलाई जाती है। पीएसी के गोताखोरों को भी कई बार लगाया गया है। ऐसे में पानी का बहाव इतना तेज होता है कि वाहन गिरने के बाद मिलना मुश्किल हो जाता है। दूसरे जिले से टीम बुलाने में काफी देर हो जाती है। जबकि रात में सर्च अभियान नहीं चलता।
गंगनहर पटरी को लेकर उच्च अधिकारियों से बात की जाएगी। जो भी संबंधित विभाग हैं उन्हें भी पत्र लिखा जाएगा। लगातार हादसे पुलिस के लिए भी चिंता का कारण हैं। - राजेश कुमार, एसपी देहात
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