फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बवालियों ने इस्लामाबाद चौकी पर पेट्रोल बम से किया था हमला, पुलिसकर्मियों ने ऐसे बचाई जान

Mon, 23 Dec 2019 11:31 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
1 of 6
पुलिस चौकी को फूंका - फोटो : अमर उजाला
मेरठ के हापुड़ रोड स्थित इस्लामाबाद पुलिस चौकी को बलवाइयों ने पेट्रोल बम फेंककर फूंका था। शुऐब सैफी निवासी चमड़ा बाजार, जाकिर कॉलोनी ने पुलिस फोर्स को धमकी दी थी कि आज इनको सबक सिखाएंगे। पुलिस फोर्स ने कई बार लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी करतूत से बाज नहीं आए। पुलिस पर ताबड़तोड़ पथराव और फायरिंग की। आगे जानें आखिर कैसे पुलिस चौकी में मौजूद पुलिसकर्मियों ने बचाई अपनी जान: -
 
विज्ञापन

2 of 6
बवालियों ने पुलिस चौकी को फूंका - फोटो : अमर उजाला
इस्लामाबाद चौकी इंचार्ज भुवनेश कुमार ने एक मुकदमे में 56 लोगों को नामजद कराया। जिसमें मुख्य आरोपी शुऐब सैफी को बनाया गया है। मुकदमे में बताया कि पुलिस ने नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने वाले को समझाने का प्रयास किया। जिसके बाद शुऐब ने पुलिस को धमकी दी। 

 
विज्ञापन

3 of 6
पथराव करते उपद्रवी - फोटो : अमर उजाला
डिवाइडर की ग्रिल तोड़ दी और पुलिस पर पथराव किया। जान बचाकर कुछ पुलिसकर्मी चौकी में घुसे थे। तभी लोगों की भीड़ ने पुलिस चौकी पर ही पेट्रोल बम फेंक दिया था। इसी दौरान सीओ कोतवाली भी वहां पहुंचे। आग में जलती पुलिस चौकी से पीछे के रास्ते से पुलिसकर्मियों को निकाला गया। 

4 of 6
Meerut Violence, meerut police, up police - फोटो : अमर उजाला
वहीं, दूसरा मुकदमा पिलोखड़ी चौकी इंचार्ज अजय शर्मा ने 41 लोगों के खिलाफ नामजद दर्ज कराया। इसमें बताया कि सवला पुत्र यूनुस निवासी लखीपुरा भीड़ को लेकर लिसाड़ीगेट चौराहे पर पहुंचा। पुलिस ने उसे समझाने का प्रयास किया। लेकिन वह नहीं माना। 
विज्ञापन

5 of 6
बवालियों ने वाहनों में आग लगाई - फोटो : अमर उजाला
पुलिस टीम पर पथराव और फायरिंग की गई। सिटी मजिस्ट्रेट संजय पांडेय ने भीड़ को समझाया, बावजूद वह नहीं माने। पुलिस ने बचाव में आंसू गैस गोले भी छोड़े थे। इन दोनों मुकदमे में मुख्य आरोपियों को पुलिस अभी गिरफ्तार नहीं कर सकी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
पुलिस चौकी  - फोटो : अमर उजाला
बवाल में फूंकी गई इस्लामाबाद पुलिस चौकी अब अपने पहले रूप में आ गई है। बवाल करने वाले कई आरोपियों को चोट लगी है, जो कि गुपचुप तरीके से इलाज करा रहे हैं।

गढ़ रोड स्थित एक अस्पताल में गोली लगा हुआ हसमत निवासी लिसाड़ीगेट पहुंचा है। जिसका गुपचुप तरीके से अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसके अलावा कई अस्पतालों में डॉक्टर बवालियों का इलाज कर रहे हैं। पुलिस ने उन्हें चेतावनी दी है कि इलाज करने वाले डॉक्टर थाना पुलिस के पास मीमो भेजें अन्यथा उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें