हाजी अहसान का फाइल फोटो
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ऐसे की थी मामा-भांजे की हत्या
शूटर दानिश ने बताया कि उसे और जब्बार को हाजी अहसान पर गोली चलाने को कहा गया। उनके सपोर्ट के लिए शाहआलम, इकरार, उब्बनवाला निवासी दानिश व शाहनवाज आसपास वाहन लेकर खड़े रहेंगे। घटना को अंजाम देने के लिए दो मोबाइल खरीदकर उनमें नए सिम डाले गए। हाजी अहसान की हत्या के बाद उनका साथी दानिश उन्हें अपाचे बाइक से कोटद्वार ले गया।
शाहनवाज ने दानिश को पहले ही पत्नी के उपचार के लिए पांच लाख रुपये दे रखे थे। इसके अलावा परिवार के रहन सहन का खर्च भी शाहनवाज ही उठा रहा था। दानिश का भी मकान बनाने व उसके मुकदमों में पैसा लगाने की बात कही थी। हाजी अहसान की हत्या को अंजाम देने के बाद शाहनवाज ने जब्बार को भी 50 हजार रुपये दिए थे।