फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विस्फोट: पाबंदी के बावजूद नहीं छोड़ा पेशा, चार पीढ़ी से पटाखे बनाता आ रहा था परिवार, आखिरकार जान गवां बैठा निसार

Wed, 18 Nov 2020 01:29 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

- 17 अक्टूबर 2019 को निसार के घर से पुलिस ने पकड़े थे अवैध पटाखे
-  फलावदा थाने में निसार उसके भाई एजाज पर दर्ज हुआ था मुकदमा
विज्ञापन
1 of 6
मलबे में दबे लोगों की तलाश करते ग्रामीण - फोटो : amar ujala
मेरठ के रसूलपुर गांव निवासी निसार ने पाबंदी के बाद भी पटाखे बनाने का पेशा नहीं छोड़ा। मंगलवार रात घर में हुए भीषण विस्फोट में निसार और उसके बेटे की जान चली गई। पुलिस की जांच पड़ताल में सामने आया है कि यह परिवार चार पीढ़ियों से पटाखे बनाने का काम कर रहा था।

 
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 6
explosion - फोटो : amar ujala
साल 2019 में दीपावली से पहले फलावदा पुलिस ने 17 अक्तूबर को निसार के घर से अवैध पटाखों का जखीरा बरामद किया था। निसार और उसके भाई एजाज पर फलावदा थाने में पुलिस ने एफआइआर भी दर्ज की थी। इस बार भी पटाखों पर प्रतिबंध था। पुलिस निसार के घर की जांच पड़ताल करती तो शायद यह विस्फोट न होता। और न ही पिता-पुत्र की जान जाती।

 
विज्ञापन

3 of 6
विस्फोट के बाद मकान का हाल - फोटो : amar ujala
17 अक्तूबर 2019 को पूरे जिले में पुलिस, मजिस्ट्रेट और फायर विभाग की टीमों ने अवैध पटाखों को लेकर अभियान चलाया था। जिसमें एक दिन में ही पुलिस ने 54 लाख रुपए के पटाखे बरामद किए थे। उसमें कोतवाली, रोहटा, भावनपुर, मवाना के सठला गांव के अलावा फलावदा के रसूलपुर गांव में भारी संख्या में अवैध पटाखे बरामद किए गए थे।

 

4 of 6
मलबे से घायलों को निकालती पुलिस - फोटो : amar ujala
पटाखे कहीं और नहीं बल्कि निसार के घर में ही मिले थे। जिसमें निसार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। निसार के दादा भी पटाखे बनाते थे। उसके बाद निसार के पिता मोहम्मद नफीस व चाचा अब्दुल का पेशा भी पटाखे बनाने का ही रहा। निसार के चाचा अब्दुल के नाम पर पटाखे बनाने का लाइसेंस था।  
 
विज्ञापन

5 of 6
explosion - फोटो : amar ujala
एनसीआर में पटाखे बनाने पर पाबंदी लगी तो प्रशासन ने पटाखे बनाने के सभी लाइसेंस रद्द कर दिए। जिसमें निसार के चाचा अब्दुल का पटाखे बनाने का लाइसेंस निरस्त किया गया था। उसके बाद फायर विभाग व जिला प्रशासन ने मेरठ में किसी भी लाइसेंस का रिनुअल नहीं किया। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
घटना के बाद मौके पर पहुंची आईजी रेंज - फोटो : amar ujala
घर में हुए विस्फोट से पिता पुत्र की मौत के बाद यह मामला लखनऊ तक जा पहुंचा। आईजी रेंज प्रवीण कुमार व एसएसपी खुद मौके पर जांच पड़ताल करते रहे। अफसर भले ही घर में विस्फोटक सामग्री व अवैध पटाखों को लेकर चुप्पी साधे रहे हो। लेकिन पुलिस व फॉरेंसिक टीम के सामने धमाके जैसी आवाज इस बात के संकेत दे रही थी कि गैस सिलिंडर एक ही बार फट सकता है।  पटाखे व विस्फोटक सामग्री के बिना मलबे में विस्फोट नहीं होता।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें