रासुका में अवधि से पहले योगी सरकार के रिहा कराने के फैसले के बारे में उन्होंने कहा, 'मै तो वजह कुछ नहीं कह सकता, क्योंकि उनकी दिली इच्छा हुई तो उठाकर बंद कर दिया था, उनकी इच्छा हुई छोड़ दिया। मै तो सरकार का अंग नहीं हूं, आम आदमी हूं। जब आदमी तानाशाह हो जाता है तो उसका जो मन आता है करता है। एससी एसटी एक्ट पर पूरा सवर्ण समाज विरोधी हो गया तो भाजपा सरकार ने सोचा कि दलित को रिझाने के लिए चंद्रशेखर को रिहा कर दो। ताकि दलितों को गुमराह कर उनका वोट हासिल किया जा सके। सरकार ने सोचा कि रावण को नवंबर में तो बाहर आना ही है। ऐसे में अभी रिहा करके दलितों को रिझा लो। हो सकता है कि उन्हें बाहर लाकर फिर से फंसा दिया जाए। उनकी मंशा तो वो ही जाने।'
उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में यदि मजबूत गठबंधन होता है तो भाजपा को हराने के लिए वह तत्पर खड़े रहेंगे। किसी भी सूरत में भाजपा को सत्ता में 2019 में वापसी नहीं करने देंगे। उनकी तो घर वापसी करा देंगे। भाजपा का मंत्रिमंडल और हमारे विश्वसनीय नेता मोदी जी बेचारे थक गए हैं। पांच साल बहुत काम किया है। उन्हें आराम की जरूरत है। नागरिक होने के चलते उनका दायित्व बनता है कि उन्हें आराम देने का काम करें। पांच साल आराम करें, फिर देख लेंगे दोबारा। भाजपा में दो मुंह वाले सांप ज्यादा हैं। ऐसी सत्ता पहली बार आई है, जिसने समाज को सबसे ज्यादा कमजोर किया है।
इस दौरान पूर्व विधायक और प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष इमरान मसूद से मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा कि इन्होंने मुश्किल वक्त में हमारा साथ दिया है। यह बहुजन समाज के उस वर्ग से आते हैं, जिनके लिए वह खून दे भी सकते हैं और ले भी सकते हैं। उनका इशारा इमरान के साथ मुस्लिमों की ओर भी था। कांग्रेस उपाध्यक्ष इमरान मसूद के साथ उनकी इस जुगल बंदी के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं।
शुक्रवार को नाटकीय ढंग से भीम आर्मी के रावण को रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद से दिन भर रावण के घर जश्न का माहौल रहा और नीले रंग से होली खेली गई।सरकार ने भीम सेना के प्रमुख चंद्रशेखर उर्फ रावण को चेताया है कि अगर हिंसा फैलाने या सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश की गई तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने रावण के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार को आलोचना स्वीकार है लेकिन हिंसा फैलाने या सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश की गई तो सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।
शर्मा ने कहा कि रावण को उसकी मां के प्रत्यावेदन पर छोड़ा गया है। चंद्रशेखर की मां ने सरकार के समक्ष रिहा करने का प्रार्थनाप्रत्र प्रस्तुत किया था। अब सहारनपुर में स्थिति सामान्य है, इसलिए प्रार्थनापत्र पर विचार कर सरकार ने उसे समय पूर्व रिहा करने का आदेश दिया है।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/