अरुण का फाइल फोटो
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परिजनों की मानें, तो 27 फरवरी को अरुण ने ड्यूटी ज्वॉइन की थी और उसी दिन दोपहर में खाना बनाते समय चावलों के पकने के बाद निकलने वाले गर्म पानी (मांड) के एक बड़े भगोने से पानी को नाली में डालने जा रहा था। पैर फिसलने से उसका सिर गर्म पानी के भगोने में चला गया और वह बुरी तरह झुलस गया। बटालियन के साथियों ने उसको अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। अरुण की पत्नी ने कॉल कर नगीना में परिजनों को इसकी खबर दी। बीएसएफ की यूनिट ने उसकी पत्नी व बच्चे को नगीना भिजवा दिया और अरुण के पार्थिव शरीर को लेकर नगीना के लिए चल दिए। अरुण के सहपाठी रहे हर्ष जोशी ने बताया कि अरुण का शव शनिवार देर रात तक घर पहुंचने की उम्मीद है। माता, पिता बहनों के अलावा पत्नी का रो- रोकर बुरा हाल है। रविवार को अंतिम संस्कार होगा।