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बीएसएफ के जवान की दर्दनाक मौत, मां-पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल, पिता सदमे में, देखें तस्वीरें

Sat, 29 Feb 2020 10:56 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
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गमजदा परिजन - फोटो : अमर उजाला
पश्चिम बंगाल में तैनात नगीना निवासी बीएसएफ के जवान की मौत होने पर परिवार में कोहराम मच गया। पीड़ित के घर पर दुख प्रकट करने वालों का तांता लग गया। परिजनों को सूचना मिली कि चावल के मांड में गिरने से मौत हुई है।
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मृतक जवान का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
नगीना के मोहल्ला अंबेडकर नगर निवासी सुंदर सिंह के दो पुत्रों और तीन पुत्रियों में छोटा पुत्र अरुण कुमार (28 वर्षीय) बीएसएफ में था। बड़ा पुत्र आनंदपाल आईटीबीपी में कांस्टेबल है। परिजनों के अनुसार अरुण की तैनाती फिलहाल पश्चिम बंगाल में बॉर्डर पर 112 कल्याणी बटालियन में थी जबकि बड़े पुत्र आनंदपाल की तैनाती आईटीबीपी में लेह लद्दाख में है। अरुण की नौकरी 2013 में बीएसएफ में कुक कांस्टेबल के रूप में लगी थी और तीन वर्ष पूर्व उसकी शादी लता देवी के साथ हुई थी। दोनों के डेढ़ वर्ष का बेटा भी है। शादी के बाद अरुण पहली बार अपनी पत्नी और पुत्र को बीते 24 फरवरी को अपने साथ ले गया था।
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अरुण का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
परिजनों की मानें, तो 27 फरवरी को अरुण ने ड्यूटी ज्वॉइन की थी और उसी दिन दोपहर में खाना बनाते समय चावलों के पकने के बाद निकलने वाले गर्म पानी (मांड) के एक बड़े भगोने से पानी को नाली में डालने जा रहा था। पैर फिसलने से उसका सिर गर्म पानी के भगोने में चला गया और वह बुरी तरह झुलस गया। बटालियन के साथियों ने उसको अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। अरुण की पत्नी ने कॉल कर नगीना में परिजनों को इसकी खबर दी। बीएसएफ की यूनिट ने उसकी पत्नी व बच्चे को नगीना भिजवा दिया और अरुण के पार्थिव शरीर को लेकर नगीना के लिए चल दिए। अरुण के सहपाठी रहे हर्ष जोशी ने बताया कि अरुण का शव शनिवार देर रात तक घर पहुंचने की उम्मीद है। माता, पिता बहनों के अलावा पत्नी का रो- रोकर बुरा हाल है। रविवार को अंतिम संस्कार होगा।

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पत्नी और बच्चे के साथ अरुण - फोटो : अमर उजाला
देश सेवा में भेजा था बेटा : सुंदर सिंह 

अरुण के पिता सुंदर सिंह अपने पुत्र की मौत के बारे में सही से बताने की स्थिति में भी नहीं दिखे। उन्होंने बताया कि अपने दोनों बेटों को देश की सेवा के लिए अर्द्धसैनिक बल में भेजा था। उसकी तीनों बेटियों व दोनों पुत्रों का विवाह हो चुका है। अरुण की मौत के सदमे की वजह से पिता सुंदर सिंह की आंखों के आंसू भी सूख गए।
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
पिता की मौत से बेखबर मासूम 

अरुण के डेढ़ साल के मासूम बच्चे को यह भी नहीं पता है कि उसके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है। परिजनों के रोने, बिलखने और मां के गुमसुम होने के बावजूद नन्ना सा बेटा घर में बेखबर होकर खेलता हुआ दिखाई दिया। घर का माहौल देखकर हर व्यक्ति की आंखें नम हो गई है।

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