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UP: आखिरी समय तक नौकरी करते रहे नायब तहसीलदार...लेखपाल को फोन कर कही ये बात; SDM से भी की थी इस बारे में चर्चा

Thu, 04 Sep 2025 01:44 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर

सार

बिजनौर सदर तहसील के नायब तहसीलदार ने अपने सरकारी आवास पर बुधवार सुबह लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली कनपटी से सटाकर मारी गई, जो कि आरपार हो गई थी। उन्होंने आत्महत्या क्यों की इसका कारण स्पष्ट नहीं हुआ।
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nayab tehsildar suicide - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में नायब तहसीलदार राजकुमार की मौत के बाद माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। उनको आंखों से आंसू नहीं थमे। रोते हुए पिता बोले, बेटे के बिना खाए, उसकी मां भी खाना नहीं खाती थी। अब हमारा क्या होगा। पिता मां के गले लगकर फूट-फूटकर खूब रोए। वहीं, उनकी पत्नी शोक में चली गई और वह अपने होश में नहीं हैं। गम की वजह से उनकी आंखे पथरा गई।

हर किसी की जुबान पर एक ही वाक्य ये क्या हो गया 
कलेक्ट्रेट के पीछे बने सरकारी आवास में नायब तहसीलदार ने आत्महत्या की। घटना के बाद हर किसी की जुबान पर सिर्फ एक ही बात थी। ये क्या हो गया। हंसता-खेलता परिवार था। ऐसी क्या मजबूरी रही। जो इतना बड़ा कदम उठाया।
 
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नायब तहसीलदार राजकुमार की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नायब तहसीलदार की दो छोटी बेटी
नायब तहसीलदार के दो छोटी बेटी हैं। बड़ी बेटी शिया की उम्र करीब 10 साल तो छोटी बेटी शावी की उम्र करीब दो साल की। इतनी कम उम्र में उनके सिर से पिता का साया उठना किसी आपदा से कम नहीं है। छोटी बेटी ने तो अभी पिता की मुस्कान पर हंसना ही सीखा था।

 
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अस्पताल के बाहर अफसर, पुलिस और अन्य लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जिला मलेरिया अधिकारी ने दोपहर तक बिटिया को संभाला 
घटना के बाद डीएम जसजीत कौर उनके आवास पर पहुंची। यहीं कॉलोनी में जिला मलेरिया अधिकारी मंजूषा गुप्ता का भी आवास है। डीएम ने उनसे नायब तहसीलदार की दीनों बेटियों का ख्याल रखने के लिए कहा। दोपहर तीन बजे तक दोनों बेटियां उनके पास ही रहीं। इसके बाद सभी परिजन पैतृक गांव चले गए।
 

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बिजनौर में नायब तहसीलदार के आत्महत्या करने के बाद उनके घर पर घटना की जानकारी लेती डीएम व एसपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गुमसुम रही बड़ी बेटी 
नायब तहसीलदार की बड़ी बेटी शिया घटना के बाद गुमसुम रही। उसे पता तो था कुछ बड़ा हुआ है। लेकिन, यह समझ नहीं सकी कि हुआ क्या है। घर में भीड़ दिखाई दी।
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नायब तहसीलदार राजकुमार की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आखिरी समय तक नौकरी करता रहा नायब तहसीलदार
सदर एसडीएम रितु रानी घटनास्थल पर पहुंची तो उनकी आंखों में अपने अधीनस्थ को खोने का गम साफ दिखाई दिया। एसडीएम बोली, ऑफिस कार्य को लेकर सुबह करीब पौने 10 बजे बात हुई थी। सवा दस से साढ़े 10 बजे तक तहसील पहुंचने की बात कही। पहले तो हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करने के बारे में पता किया। तो उन्होंने कहा, सब कुछ ठीक रहा। 
 
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अस्पताल के बाहर अफसर, पुलिस और अन्य लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद एक शिकायत के समाधान के लिए लेखपाल को फोन करने के लिए बोला। नायब तहसीलदार ने लेखपाल को फोन करके शिकायत के बारे में बताया। फोन पर बात करने पर एसडीएम और लेखपाल को भनक तक नहीं लगी कि नायब तहसीलदार इतना बड़ा कदम उठाएंगे।

 
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बिजनौर अस्पताल के बाहर एसडीएम से अपने बेटे को बचाने की गुहार करती नायब तहसीलदार की मां - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नगर पंचायत में हुई थी गड़बड़ी, हाईकोर्ट में पक्ष रखने गए थे नायब तहसीलदार
झालू नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष शहजाद अहमद के समय में वित्तीय गड़बड़ी हुई थी। अब यह मामला हाईकोर्ट पहुंच चुका है। अध्यक्ष ने प्रस्तुत अपने स्पष्टीकरण में तथ्यों की पुष्टि के लिए इस प्रकरण के संबंध में गठित जांच समिति के समक्ष साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए थे। नायब तहसीलदार राजकुमार हाईकोर्ट इसी मामले में प्रशासन की तरफ से अपना जवाब दाखिल करने गए थे। हईकोर्ट में अपना पक्ष रखने के बाद बुधवार सुबह ही बिजनौर लौट आए। इसके बाद वह तहसील जाने की तैयारी में लगे हुए थे। इसी बीच यह घटना हो गई।

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बिजनौर में नायब तहसीलदार के आत्महत्या करने के बाद एक दूसरे कंधे पर सिर रखकर बिलखते माता पिता - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आत्महत्या करने के कारण
आपसी संबंध खराब होना।
आवेश में आने की प्रवृत्ति।
आर्थिक समस्या।
सामाजिक तौर पर दूरी।
मानसिक बीमारी (तनाव, घबराहट, बीमारी के बारे में नहीं बताना, बाइपोलर डिसऑर्डर, डिस्टीमिया, नशे की आदत)

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बिजनौर में नायब तहसीलदार के आत्महत्या करने के बाद अस्पताल में जमा भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ऐसे करें रोकथाम
सामाजिक संबंध अच्छे होने चाहिए।
कुछ भी समस्या होने पर परिवार के लोगों से बात करें।
मानसिक बीमारी का इलाज कराएं।
अमानसिक बीमारी के बारे में खुलकर बात करें।

 

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बिजनौर में घायल तहसीलदार राजकुमार को अस्पताल ले जाते परिजन - फोटो : वीडियो ग्रैब
आत्महत्या करने से पहले आने वाले विचार
आत्महत्या के बारे में ज्यादा बात करना।
व्यवहार में बदलाव होना।
अचानक से संपत्ति का प्लान करना।
उम्मीद टूटना, जीवन में कुछ नहीं बचा जैसे विचार आना।
विरासत की बात करना।

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बिजनौर में नायब तहसीलदार के आत्महत्या करने के बाद एक दूसरे कंधे पर सिर रखकर बिलखते माता पिता - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नेताओं का भी लगा रहा जमावड़ा 
नायब तहसीलदार की मौत के बाद जिले के नेताओं का भी जमावड़ा लगा रहा। उनके आवास, अस्पताल, पोस्टमार्टम हाउस पर जिले के नेता पहुंचे। सभी ने उनकी मौत पर दुख जताया।

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नायब तहसीलदार राजकुमार का फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नायब तहसीलदार ने की खुदकुशी
बिजनौर सदर तहसील के नायब तहसीलदार राजकुमार (40) ने अपने सरकारी आवास पर बुधवार सुबह लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली कनपटी से सटाकर मारी गई, जो कि आरपार हो गई थी। उन्होंने आत्महत्या क्यों की इसका कारण स्पष्ट नहीं हुआ। नायब तहसीलदार राजकुमार पुत्र कुंवरपाल बुधवार सुबह करीब आठ बजे प्रयागराज से बिजनौर की ऑफिसर कॉलोनी में स्थित अपने सरकारी आवास पर पहुंचे। करीब दस बजे अपने पिता कुंवरपाल से नहाने की बात कहते हुए कमरे में चले गए। कुछ ही देर में अंदर से गोली चलने की आवाज आई।
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nayab tehsildar suicide - फोटो : अमर उजाला
बिस्तर पर खून से लथपथ पड़े मिले राजकुमार
परिवार वालों ने दरवाजा खटखटाया तो कोई जवाब नहीं मिला। आसपास के लोगों और अन्य राजस्व कर्मियों ने दरवाजा तोड़ा। अंदर बिस्तर पर राजकुमार खून से लथपथ पड़े मिले।पास में ही लाइसेंसी पिस्टल पड़ी थी। पुलिस और अधिकारी भी वहां पहुंच गए। राजकुमार को बीना प्रकाश अस्पताल में ले जाया गया। खबर मिलते ही डीएम जसजीत कौर, एसपी अभिषेक झा और तमाम सरकारी अमला अस्पताल में पहुंच गया। वहां काफी देर तक इलाज चला और करीब डेढ़ बजे चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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