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Bijnor: अमानगढ़ में हाथियों का बसेरा, एक साथ दिखे 50 से ज्यादा हाथी, पर्यटक  उत्साहित

Thu, 13 Oct 2022 05:44 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
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बिजनौर : अमानगढ़ में हाथी - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के बिजनौर की अमानगढ़ टाईगर रिजर्व में इन दिनों हाथियों का बसेरा है। अमानगढ़ के हर रास्ते में पर जहां हाथी नजर आ रहे हैं, वहीं पीली डैम के नास छोटे बड़े 50 से ज्यादा हाथियों का एक झुंड देख उत्साहित हो उठे। पानी पीने के लिए पीली डैम पर अक्सर हाथियों के झुंड आते हैं, लेकिन कुछ दिन पहले 50 से ज्यादा हाथी एक साथ देखे गए। इसका वीडियो एक ग्रामीण ने बना लिया और डीएफओ डॉ.अनिल पटेल को दिया।

इस वीडियो को देख वन विभाग भी उत्साहित हैं, क्योंकि जल्द ही अमानगढ़ पर्यटन का केंद्र बनने जा रहा है। इसकी तैयारी में वन विभाग जुटा हुआ है। वहीं दो दिन पहले जब डीएफओ डॉ.अनिल पटेल गाड़ी लेकर अमानगढ़ पहुंचे तो उनके आगे-आगे एक हाथी काफी दूर तक चला। इसके अलावा दूसरे रास्ते पर एक हाथी ने उनकी गाड़ी का कुछ दूर तक पीछा भी किया। डीएफओ डॉ.अनिल पटेल ने बताया कि इन दिनों अमानगढ़ में बड़ी संख्या में हाथी आ गए हैं। पर्यटकों को भी सतर्कता से साथ घूमने की सलाह दी जा रही है।
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बिजनौर : अमानगढ़ में हाथी - फोटो : अमर उजाला
अमानगढ़ की गोद प्रकृति ने पेड़-पौधों व सुंदर वन्यजीवों से भरी है। अमानगढ़ का रकबा एक लाख बीघा जमीन से अधिक है। उत्तराखंड बनने से पहले यह जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क का ही हिस्सा था। यहां बाघ, गुलदार, हाथी, चीतल आदि बहुत संख्या में हैं।

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बिजनौर : अमानगढ़ में हाथी - फोटो : अमर उजाला
अमानगढ़ में आम जनता को घूमने की अनुमति नहीं रहती है, जबकि उत्तराखंड के वन क्षेत्र में बहुत पर्यटक आते हैं। इसे देखते हुए वन विभाग भी इसे पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बना रहा था। इसका प्रस्ताव वन निगम के सामने रखा था। वन निगम ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

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बिजनौर : अमानगढ़ में हाथी - फोटो : अमर उजाला
यहां पर अब पर्यटन से जुड़ी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। अगर सब कुछ ठीक रहा तो नवंबर में अमानगढ़ में पर्यटन शुरू हो सकता है। तब आम लोगों को भी अमानगढ़ में प्रकृति की सुंदरता निहारने का अवसर मिलेगा।

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बिजनौर : अमानगढ़ में हाथी - फोटो : अमर उजाला
पीली बांध में होगी बोटिंग
अमानगढ़ के पास में ही पीली बांध है। यहां पर बोटिंग की सुविधा मिल सकती है। इसके अलावा सफारी यानि घूमने के लिए जीप आदि की व्यवस्था की जाएगी। होटल, शौचालय आदि की व्यवस्था पीली बांध के पास ही करने पर विचार किया जा रहा है।
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बिजनौर : अमानगढ़ में हाथी - फोटो : अमर उजाला
दुर्लभ प्रजाति के लकड़बग्घे मिले
अमानगढ़ के एरिया के पास में सफेद धारी वाले लकड़बग्घे भी मिले थे। ये दुर्लभ प्रजाति के होते हैं। इनके होने का पहले पता तक नहीं था। दो साल पहले किसी वाहन की चपेट में आकर एक लकड़बग्घे की मौत हो गई थी। तब पहली बार यहां लकड़बग्घा होने का पता चला था। इसके कुछ दिन बाद एक लकड़बग्घे ने किसानों पर भी हमला बोल दिया था और किसानों ने उसे मार दिया था।
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बिजनौर : अमानगढ़ के जंगल में घूमता टाइगर। - फोटो : amar ujala
अमानगढ़ एक नजर में
रकबा -9580 हेक्टेयर
बाघ -27
गुलदार -45
चिकारा -06
काला हिरन -50
सांभर -226
बारहसिंगा -37
भालू -9
मोर -1074
नोट: आंकड़े वन विभाग से लिए गए हैं।
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