फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिजनौर सामूहिक सुसाइड केस में नया मोड़: 'हमने नहीं दिया कर्ज...पुखराज पर हमरा कोई कर्जा नहीं', मुकर गए साहूकार

Sat, 28 Jun 2025 11:25 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर

सार

बिजनौर सामूहिक सुसाइड केस में नया मोड़ आ गया है। नौ साहूकारों और दो फाइनेंस कंपनियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। केस दर्ज होते ही साहूकारों ने कहा कि हमने कर्ज नहीं दिया है।
विज्ञापन
1 of 16
Bijnor mass suicide - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर के नूरपुर में कर्ज अदायगी के तकादे से परेशान होकर मजदूर पुखराज ने अपनी पत्नी और बेटियों के संग जहर निगल लिया। उसकी पत्नी और दोनों बेटियों की मौत हो चुकी है। इस मामले में पुलिस ने नौ साहूकारों और दो फाइनेंस कंपनियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। छह साहूकारों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो सभी साहूकार मुकर गए और बोले कि उनका पुखराज पर कोई कर्जा ही नहीं है।

गांव टंडेरा निवासी पुखराज की विवाहित बेटी पूनम की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। जिसमें गांव टंडेरा के रहने वाले सेठा, गुडडू उर्फ रामावतार, रमेश का लड़का, बिंदर और गांव बीरबलपुर उर्फ बूढ़पुर निवासीगण प्रदीप, नरदेव, मूलचंद, रजनीश उर्फ लालू, सतीश तथा लोन देने वाली चांदपुर व नूरपुर की फाइनेंस कंपनियों को आरोपी बनाया गया है। 
विज्ञापन

2 of 16
नूरपुर क्षेत्र के गांव टंडेरा में जहरीले पदार्थ निगलने से हुई तीन की मौत पर विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप
आरोप है कि कर्ज की चुकाने के लिए ये लोग तकादा कर रहे थे। तकादे के दबाव में उसके पिता, मां और बहनों ने जहर निगल लिया। जिसमें पूनम की मां और दो बहनों की मौत हो गई। 

 
विज्ञापन

3 of 16
जहरीले पदार्थ निगलने से हुई तीन की मौत के बाद जांच करती फॉरेंसिक की टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोपियों पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप है। उधर, पुलिस ने दबिश देकर छह साहूकारों को हिरासत में लिया है। जिनसे पूछताछ की जा रही है।
 

4 of 16
नूरपुर क्षेत्र के गांव टंडेरा में जहरीले पदार्थ निगलने से हुई तीन की मौत के बाद जमा भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शिकंजा कसता देख मुकरने लगे साहूकार
जिन साहूकारों को हिरासत में लिया गया है, वे अब पुखराज को कर्ज देने के बात से मुकर रहे हैं। कह रहे हैं कि उन्होंने कर्ज ही नहीं दिया। बताया जा रहा है कि जेल जाने से बचने के लिए अब कर्ज से इन्कार कर रहे हैं। हालांकि इनके रजिस्टर और डायरी से कर्ज और कितने प्रतिशत ब्याज पर दिया, यह राज खुलेगा।
विज्ञापन

5 of 16
नूरपुर क्षेत्र के गांव टंडेरा में जहरीले पदार्थ निगलने से हुई तीन की मौत के बाद गमजदा महिलाएं - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सामूहिक आत्महत्या से हर कोई आहत
नूरपुर क्षेत्र के ग्राम टंडेरा में घटी घटना के बाद लोग कर्ज की व्यवस्था से आहत नजर आ रहे हैं। फाइनेंस कंपनियों के कर्ज की व्यवस्था पर सरकार की निगरानी रहे। ताकि जिससे कोई भी मजदूर आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर न हो। 
विज्ञापन

6 of 16
नूरपुर क्षेत्र के गांव टंडेरा में जहरील पदार्थ निगलने वाले पुखराज का झोपड़ीनुमा घर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कर्ज लेने वाले लोगों ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति पचास हजार रुपए का ऋण लेना चाहता है तब उससे दो हजार रुपए तक फाइल चार्ज के नाम पर वसूल लिए जाते हैं। पचास हजार के कर्ज पर लगभग 2500 रुपए की किस्त प्रति महीने देनी होती है। 

 
विज्ञापन

7 of 16
नूरपुर क्षेत्र के गांव टंडेरा में पुखराज के घर के अंदर से हालात - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रामीणों की माने तो कर्ज वसूली के लिए बेहद सख्त नियम हैं। यदि किस्त की तिथि को रविवार पड़ने पर शनिवार में ही पेमेंट मांग लिया जाता है। पेमेंट न देने की दशा में कई बार कर्जदार को अपमानित भी होना पड़ता है।


 

8 of 16
नूरपुर के गांव टंडेरा में बृहस्पतिवार की रात तीनों शव पहुंचने पर उन्हें देखने के लिए जमा भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
छह साहूकारों को पुलिस ने हिरासत में लिया
साहूकारों और दो फाइनेंस कंपनियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। छह साहूकारों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। पूछताछ करते हुए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।-विनय कुमार सिंह, एएसपी देहात

9 of 16
नूरपुर क्षेत्र के गांव टंडेरा में जहरीले पदार्थ निगलने से हुई तीन की मौत के बाद जमा भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कर्ज में डूबे परिवार ने जहर निगला, मां और दो बेटियों की मौत, पिता की हालत गंभीर
बिजनौर के नूरपुर के गांव टंढेरा में बेटी पूनम की शादी के लिए साहूकारों और फाइनेंस कंपनियों का सवा लाख रुपये का कर्ज परिवार की तीन जिंदगियों को निगल गया। ब्याज के साथ बढ़ कर कर्ज के छह लाख रुपये नहीं चुका पाने से तंग भट्ठा मजदूर पुखराज ने पत्नी और दो बेटियों के साथ जहर निगल लिया। पत्नी रमेशिया (50), बेटी अनीता उर्फ नीतू (21), सविता उर्फ सीतू (18) की मौत हो गई।

 

10 of 16
नूरपुर के गांव टंडेरा में बृहस्पतिवार की रात तीनों शव पहुंचने पर उन्हें देखने के लिए जमा भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुखराज की भी गंभीर हालत बनी हुई है। इस परिवार ने कर्ज की मासिक किस्त 25 जून तक जमा नहीं कर पाने के कारण आत्मघाती कदम उठाया। डीएम ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की है। 
 

11 of 16
मृतक रमेशिया का फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जहर निगलने के बाद झोपड़ी से बाहर की ओर दौड़े सभी
गांव टंढेरा में भट्ठे पर घोड़ा बुग्गी से कच्ची ईंटें ढोने वाले पुखराज, उसकी पत्नी रमेशिया, बेटी अनीता और सविता ने बृहस्पतिवार की सुबह आठ बजे जहर निगल लिया। सभी जहर निगलने के बाद झोपड़ी से बाहर की ओर दौड़े। ग्राम प्रधान रईस अहमद ने पुलिस को सूचना दी। करीब 8:30 बजे चारों को नूरपुर सीएचसी में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर सभी को बिजनौर मेडिकल अस्पताल में ले जाया गया। जहां रमेशिया और अनीता की मौत हो गई, जबकि यहां से रेफर हुई छोटी बेटी सविता ने मेरठ मेडिकल अस्पताल में दम तोड़ दिया।

12 of 16
मृतक अनिता उर्फ नीतू का फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चार साल पहले बेटी की शादी में लिया था कर्ज
पुलिस के अनुसार, चार साल पहले पुखराज, उसकी पत्नी और बेटे ने बेटी की शादी के लिए साहूकारों और फाइनेंस कंपनियों से सवा लाख रुपये कर्ज लिया था जो अब बढ़कर करीब छह लाख रुपये हो गया है। कर्ज की अदायगी और तकादा बढ़ने पर पुखराज का अपने बेटे सचिन से झगड़ा भी होता था। 25 जून को उसे मासिक किस्त देनी थी, जिसके लिए वह पैसे नहीं जुटा पाया।

13 of 16
आदेश देवी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कर्ज के लिए नियम हो सरल, कोई न करे आत्महत्या
महिला आदेश देवी के अनुसार, गरीब कामगारों को कर्ज सरकार द्वारा मुहैया कराया जाए। गरीबों को कर्ज देने में सरकार के नियम सरल हो और लोगों को आत्महत्या न करनी पड़े।

 

14 of 16
मास्टर बलराम सिंह - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मास्टर बलराम सिंह का कहना है कि कंपनी द्वारा लोन वसूली में बेहद सख्ती की जाती है। जिसके चलते कर्जदार मानसिक उत्पीड़न का शिकार हो जाता है।

 

15 of 16
सुमित - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
व्यापारी सुमित का कहना है कि सरकार को सभी लोन अपने देखरेख में दिलाने चाहिए। ऐसी व्यवस्था बननी चाहिए कि कर्ज लेने वाले कर्जदार के लोन पर सीमित व्याज हो तथा कर्जदार पर दबाव न डाला जाए।

 
विज्ञापन

16 of 16
इरशाद अली - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इरशाद अली का कहना है कि सरकार को कर्ज के लिए ब्याज की एक दर निर्धारित ही कर देनी चाहिए। कोई भी साहूकार या कम्पनी निश्चित दर से अधिक ब्याज की वसूली न कर पाए। चक्रवृद्धि ब्याज के जाल में फंसकर लोग बर्बाद हो रहे हैं।

यह भी पढ़ें: UP: बिजनौर में परिवार ने की खुदकुशी, मां और दो बेटियों की मौत; झोपड़ी में रहने वाली फैमिली ने इसलिए दी जान


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें