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तस्वीरें: मेरठ का हाॅन्टेड हाउस जो सालों से पड़ा है वीरान, नाम सुनकर हिम्मत वालों के भी छूट जाते हैं पसीने

Thu, 05 Nov 2020 06:53 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ का ‘भूत बंगला’ - फोटो : amar ujala
मेरठ का कैंट एरिया, यहां माल रोड से तकरीबन आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस जगह शाम के सन्नाट की तो बात छोड़िए यहां दिन में भी कोई जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाता। यदि हिम्मत करके कोई यहां जाता भी है तो इस बंगले के अंदर पहुंचकर उसके पसीने छूट जाते हैं। आगे तस्वीरों में देखें कितना डरावना है यह हाॅन्टेड हाउस:-

 
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मेरठ का ‘भूत बंगला’ - फोटो : amar ujala
सुनने और पढ़ने में भले ही आश्चर्य लगे, लेकिन यह हकीकत है कि  यह सैकड़ों वर्ष पुराना बंगला है, जो अब एक खंडहर में तब्दील हो चुका है। यहां कई बार कुछ पैरानाॅर्मल गतिविधियों के होने की बात भी सामने आई है।

 
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मेरठ का ‘भूत बंगला’ - फोटो : amar ujala
शाम का सन्नाटा तो दूर, दिन में भी इस भूत बंगले को देखकर डर लगता है। यह बंगला देश के दस भूत बंगलों में शुमार है । मेरठ प्रशासन ने इस बंगले के अंदर जाने पर रोक लगा रखी है। लेकिन प्रशासन से अनुमति लेकर इस स्थान को देखा जा सकता है। 


 

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मेरठ का ‘भूत बंगला’ - फोटो : amar ujala
इस जगह के आस पास सन्नाटा पसरा रहता है, साथ ही बंगले के अंदर भी मकड़ी के जाले, चमगादड़ और कबूतर ही दिखाई पड़ते हैं। बंगले के चारों तरफ लंबे-लंबे वृक्ष हैं तो झाड़ियां भी कम नहीं है। दीवारें टूटी हालत में है, लेकिन फर्श पक्का है।

 
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मेरठ का ‘भूत बंगला’ - फोटो : amar ujala
बताया जाता है कि कई साल पहले यहां कुछ युवा घूमने के लिए आए थे जिन्हें यहां कुछ असाधारण गतिविधियों का अहसास हुआ जिसके बाद से प्रशासन ने इस जगह जाने पर रोक लगा दी। साथ ही एक तरफ के गेट को भी बंद कर दिया गया। 

 
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मेरठ का ‘भूत बंगला’ - फोटो : amar ujala
बंगले की भीतर अलग अलग कमरों में ईंटें बिखरी हुई पड़ी हैं तो सीढ़ियों की हालत भी ऐसी है जिन्हें देखकर भी चीख निकल जाए।

 
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मेरठ का ‘भूत बंगला’ - फोटो : amar ujala
बंगले के भीतर किसी कबूतरों के उड़ने की आवाज भी डरावनी लगती है, वहीं चमगादड़ों के झुंड दिन में डराते नजर आते हैं। सांप के बिलों के बाहर मिटटी के ढेर से भी डर लगता है।

आजादी के समय 1947 तक इस बंगले में सब एरिया मुख्यालय था, लेकिन उसके बाद सब एरिया मुख्यालय सरधना रोड पर चला गया। जिसके बाद से यह बंगला खंडर में तब्दील हो गया। आज इसे भूत बंगले के नाम से जाना जाता है।
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