बागपत में व्यापारी सोहनलाल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि उनको तीन गोलियां पेट में लगी हैं। उनके बेटे विकास को एक गोली सीने में, दूसरी गोली पीठ और तीसरी गोली हाथ में लगी है।
बागपत के बड़ौत के टेंट व्यापारी सोहनलाल अग्रवाल और उनके बेटे विकास अग्रवाल की हत्या तीन-तीन गोली मारकर की गई। इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ। व्यापारी सोहनलाल अग्रवाल के पेट में दो और जांघ में एक गोली मिली है, जबकि बेटे विकास अग्रवाल के कंधे में लगी गोली दिल में धंसी मिली। वहीं उसको दो गोली लगने के बाद बाहर निकल गई थीं।
मंगलवार को दुकान पर बैठे टेंट व्यापारी सोहनलाल अग्रवाल पर हिस्ट्रीशीटर वरुण ने काउंटर के पास खड़े होकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। इसी बीच घर से बाहर निकलकर आया उनका बेटा विकास भी बदमाशों से भिड़ गया।
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सोहनलाल की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वरुण के साथ आए दूसरे बदमाशों ने कई गोली मारकर उसकी भी हत्या कर दी। मंगलवार देर रात तीन चिकित्सकों के पैनल ने दोनों का पोस्टमार्टम किया और उसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। पुलिस के अनुसार, व्यापारी के पेट में तीन गोली लगने के तीन निशान मिले, जिसमें दो गोली पेट के अंदर मिल गईं और तीसरी गोली पेट में लगने के बाद जांघ में चली गई थी।
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विकास की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उनके बेटे विकास अग्रवाल को भी तीन गोली लगी मिलीं। इसमें एक गोली हाथ में लगकर बाहर निकल गई। दूसरी गोली भी कमर में लगकर बाहर निकल गई। इसके अलावा तीसरी गोली कंधे में लगी, जो विकास अग्रवाल के दिल में धंसी मिली। इन सभी गोलियों को पोस्टमार्टम में निकाला गया।
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सीसीटीवी में कैद आरोपी
- फोटो : वीडियो ग्रैब
व्यापारी पिता-पुत्र को तीन-तीन गोलियां लगीं
पुलिस के अनुसार, व्यापारी सोहनलाल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि उनको तीन गोलियां लगी हैं। पेट में दो और एक गोली जांघ में लगी थी। उनके बेटे विकास को एक गोली सीने में, दूसरी गोली पीठ और तीसरी गोली हाथ में लगी है। हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी को कई गोलियां लगने की बात बताई जा रही है। उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी पुलिस को नहीं मिली है।
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सीसीटीवी में कैद आरोपी
- फोटो : वीडियो ग्रैब
पिता और भाई के शव से लिपटकर रोई दिव्या
टेंट व्यापारी सोहनलाल अग्रवाल व उनके बेटे विकास का शव पोस्टमार्टम के बाद बुधवार सुबह घर पहुंचने से पहले ही वहां रिश्तेदारों, व्यापारियों की भीड़ जमा थी। घर के आंगन में रखे शवों को देखकर सोहनलाल की मूकबधिर बेटी दिव्या कभी पिता के शव से लिपटकर तो कभी भाई के शव से लिपटकर रोती। यह सब देखकर वहां मौजूद सभी लोगों की आंखों से आंसू बहने लगे।
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सीसीटीवी में कैद आरोपी
- फोटो : वीडियो ग्रैब
व्यापारी सोहनलाल की एक बेटी है, जो बचपन से न बोल सकती है और न सुन सकती है। केवल इशारों से बातों को समझती है। बुधवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद पिता-पुत्र के शवों को घर पर लाया गया और उनको घर के आंगन में रख दिया गया। शवों को देखकर दिव्या खुद को संभाल नहीं पाई और लोगों की भीड़ से निकलकर पिता व भाई के शव से लिपटकर रोती रही। वहीं दिव्या की माता उषा तो पति व बेटे की मौत से बेसुध हैं। वह कुछ न बोलती हैं और न रोती हैं, बस एक टक देखती रहती हैं।
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बड़ौत में ट्रिपल मर्डर के बाद मौके पर पुलिस और भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अंतिम यात्रा में उमड़ी व्यापारियों की भीड़
टेंट व्यापारी सोहनलाल अग्रवाल और उनके बेटे विकास अग्रवाल का बुधवार सुबह पीएन शर्मा पार्क के पास स्थित श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया। वहां पर भतीजे मोनू ने अपने चाचा सोहनलाल और चचेरे भाई विकास की चिता को मुखाग्नि दी। इससे पहले उनकी अंतिम यात्रा में व्यापारियों की भीड़ रही।
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बड़ौत में ट्रिपल मर्डर के बाद अस्पताल में लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भाई बोला, कचहरी के पास वरुण लुहारी ने खुलेआम दी थी धमकी
बड़ौत में टेंट व्यापारी सोहनलाल अग्रवाल और उनके बेटे विकास की हत्या के बाद परिवार वालों में अपनों को खोने का गम व अपराधियों को लेकर गुस्सा दोनों दिख रहा है। व्यापारी सोहनलाल अग्रवाल के बड़े भाई राजेश अग्रवाल ने दस साल पहले हुई घटना के बाद की आपबीती बताई।
उन्होंने कहा कि चार साल पहले कचहरी में तारीख पर जाते समय हिस्ट्रीशीटर वरुण ने पैरवी करने पर हत्या करने की धमकी दी थी। इसके बाद से उनके भाई और भतीजे डरते हुए कचहरी जाते थे। राजेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि दस साल पहले हुई घटना के बाद परिवार भयभीत हो गया था। इसके बाद वर्ष 2017 में उनकी दुकान पर आकर धमकी दी। इसके बाद दोबारा भी धमकी दी गई। इसकी शिकायत भी पुलिस से की गई थी। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले वरुण के जेल से जमानत पर बाहर आने की जानकारी होने पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
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हत्याकांड के बाद व्यापारियों ने लगाया जाम
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दस साल पहले गेट में लगी गोली दे रही घटना की गवाही
दस साल पहले टेंट व्यापारी के घर पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के निशान अभी भी हैं। उस समय एक गोली व्यापारी के मकान के दरवाजे में लगी, जबकि दूसरी दीवार में घुस गई थी। बुधवार को व्यापारी के घर आए लोग भी गोली का निशान देखते रहे। उस निशान को अभी तक वहां से खत्म नहीं किया गया है।
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बागपत जिला अस्पताल में व्यापारी विकास की मौत के बाद पुलिस से नोंक-झोंक करते परिजन
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50 करोड़ का व्यापार प्रभावित
बाजार सुबह करीब दो घंटे बंद रखकर व्यापारियों ने पहले धरना दिया इसके बाद जुलूस निकालकर दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर 10 मिनट तक मानव श्रृंखला बनाई। पुलिस ने उनको समझाकर हटाया। इसके बाद बाजार खोला गया। बड़ौत में व्यापारियों ने दिनभर बाजार बंद रखा।
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बागपत जिला अस्पताल में व्यापारी विकास की मौत के बाद विलाप करते परिजन
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नेहरू की प्रतिमा तक जुलूस निकालकर दो घंटे धरना दिया और फरार बदमाशों के एनकाउंटर की मांग की गई। अग्रवाल मंडी टटीरी, छपरौली समेत अन्य कस्बों के व्यापारियों ने बाजार बंद करके धरना दिया। लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष डॉ. योगेश जिंदल ने कहा कि बृहस्पतिवार को सभी बाजार खोले जाएंगे। दोपहर में बैठक करके आगे के लिए निर्णय लिया जाएगा। जिले में कई जगहों पर बाजार बंद रहने से करीब 50 करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित होने का अनुमान है।
हिस्ट्रीशीटर के पिता को जेल भेजा
टेंट व्यापारी सोहन लाल और उनके बेटे विकास की हत्या में उनके भाई ने हिस्ट्रीशीटर वरुण निवासी लुहारी, उसके भाई करुण, पिता बाबूराम, साथी सचिन उर्फ मोंटू निवासी गुराना, जयंत उर्फ गोलू निवासी लुहारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। इसमें हिस्ट्रीशीटर वरुण की मौत हो गई, जबकि पुलिस ने दबिश देकर उसके पिता सेवानिवृत्त शिक्षक बाबूराम को गिरफ्तार कर लिया पुलिस की 10 टीमों ने अन्य वांछित हत्यारोपियों की तलाश में कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला।
हत्याकांड के बाद गमगीन परिजन
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पुलिस ने जंगल में 100 से ज्यादा नलकूपों पर भी छापामारी की। इसमें सीओ अंशु जैन ने बताया कि बुधवार को हत्यारोपी बाबूराम को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। दूसरे आरोपी हिस्ट्रीशीटर वरुण की मौत हो गई। अन्य हत्यारोपियों की तलाश में कई टीमों को लगाया गया है।