जाम से बचने और जल्दी पहुंचने के चक्कर में लोग अक्सर शॉर्टकट रास्तों से निकलना बेहतर समझते हैं। लेकिन ये जल्दी के रास्ते आपको मौत की नींद भी सुला सकते हैं। दिल्ली-हरिद्वार मार्ग पर मेरठ से गुजरने वाला एक रास्ता भी कुछ ऐसा ही है जो लगातार जानलेवा बनता जा रहा है। देखें आखिर कौन सा है ये रास्ता जो आपको मौत के मुहं में ले जा सकता है: -
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गंगनहर
हम बात कर रहे हैं मेरठ-मुरादनगर को जोड़ने वाली चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग (गंगनहर) पटरी की जो लगातार जानलेवा बनती जा रही है। यदि आप दिल्ली से हरिद्वार के सफर पर हैं तो मुरादनगर मेरठ को जोड़ने वाले इस रास्ते रास्ते से संभलकर निकलें।
हाल ही में गंगनहर में जहां 26 मई की रात ब्रेजा कार डूबने से तीन युवा कारोबारियों की मौत हो गई थी। वहीं गुरुवार रात एक और अनहोनी होने से बच गई। एक महिंद्रा थार (गाड़ी) गंगनहर में गिर गई। गनीमत रही कि कार खुली होने के चलते उसमें सवार पांचों युवक तैरकर गंगनहर से बाहर निकल आए। पुलिस ने शुक्रवार सुबह हाईड्रा क्रेन से गाड़ी को नहर से निकाला।
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गंगनहर पटरी पर आए दिन हो रहे हादसे
- फोटो : AmarUjala
सीओ सरधना पंकज सिंह के अनुसार दिल्ली के नॉर्थ घोंडा निवासी सुमित पुत्र अजीत सिंह महिंद्रा थार से अपने साथी आशीष पुत्र अनिल पूनिया, अंकुर चौधरी पुत्र देवेंद्र चौधरी, सागर पुत्र रणवीर शर्मा व रोहटा निवासी विकास पुत्र राकेश गुरुवार रात कांवड़ मार्ग से हरिद्वार जा रहे थे। मुरादनगर से उन्होंने गंगनहर पटरी वाला रास्ता पकड़ लिया।
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गंगनहर
यहां सलावा झाल से कुछ दूरी पर मोड़ पर अचानक थार अनियंत्रित हो गई और गंगनहर में जा गिरी। गाड़ी खुली होने के चलते सुमित व चारों अन्य साथी किसी तरह तैरकर बाहर निकले। जबकि गाड़ी डूब गई। युवकों ने सलावा चौकी पहुंचकर चौकी प्रभारी सतीश कुमार को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गाड़ी को बाहर निकलवाने का प्रयास किया। लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। बाद में सरधना एसओ धर्मेंद्र राठौर मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद गाड़ी को बाहर निकाला जा सका।
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गंगनहर में कार की तलाश करती एनडीआरएफ की टीम
- फोटो : अमर उजाला
15 दिनों में तीसरा मामला
गंगनहर में पिछले 15 दिनों में गाड़ी गिरने का यह तीसरा मामला है। 25 मई को गंगनहर में देवरिया के परिवार की कार गिर गई थी, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी। उसके अगले दिन तड़के ब्रेजा कार गंगनहर में समा गई थी, जिसमें दिल्ली के तीन युवा कारोबारियों की मौत हो गई थी। सीओ सरधना का कहना है कि यदि गाड़ी खुली हुई नहीं होती तो अनहोनी हो सकती थी।
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गंगनहर
- फोटो : अमर उजाला
अफसरों के दावे भी हो रहे धड़ाम
गंगनहर पटरी मार्ग पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के दावे भी धड़ाम हो रहे हैं। कई बार पीडब्लूडी के अधिकारियों और पुलिस को निर्देश दिए जा चुके हैं कि यहां नहर की साइड वाली पटरी पर रेलिंग का काम पूरा करें। स्पीड ब्रेकर और अस्थायी बैरियर लगाए जाएं। वहीं ओवर स्पीड वाहनों पर कार्रवाई की जाए।
भारी वाहनों को रोकने के लिए हाइट गेज लगाए जाएं। लेकिन पुलिस ने जहां हाइट गेज लगाए, वह भी भारी वाहनों ने तोड़ दिए। जब से पटरी मार्ग पर सड़क अच्छी और चौड़ी बनी है वाहन यहां फर्राटा भरते हैं जो हादसों का कारण है। चेतावनी बोर्ड लगवाने की मांग की है। एक सप्ताह पहले मंडलायुक्त अनीता सी. मेश्राम ने सभी विभागों के अधिकारियों को गंगनहर को लेकर कड़े निर्देश दिए थे।
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गंगनहर
- फोटो : अमर उजाला
स्थानीय लोगों की मांग
नहर किनारों पर अवरोधक बनाए जाएं।
पथ प्रकाश की आवश्यक व्यवस्था हो।
हर मोड़ पर रिफ्लेक्टर बोर्ड लगाए जाएं।
पुलों पर हाइट गेज लगाए जाने चाहिए।
थोड़ी-थोड़ी दूरी पर स्पीड ब्रेकर बनने चाहिए।
पुलिस द्वारा चेकिंग की जाएं।
पटरी मार्ग पर हुए हादसे
14 सितंबर 2013 : गंगनहर में कार गिरने पर नोएडा निवासी एक ही परिवार के सात लोग डूबे।
2013: मानपुरी के निकट गंगनहर में गिरा मैजिक वाहन। चार कांवड़ियों की मौत।
25 दिसंबर 2018: नानू भलसोना गंगनहर पुल के बीच गंगनहर में कार गिरी। तीन की मौत।
13 दिसंबर 2018 : पूठ पुल के निकट नहर में गिरी कार। एक इंजीनियर की मौत।
क्रेन से नहर से बाहर निकाली जा सकी ब्रेजा कार
- फोटो : अमर उजाला
07 दिसंबर 2018 : 18 टायरा ट्रक नानू गंगनहर पुल से गिरा। क्लीनर की मौत।
18 अप्रैल 2019: कांवड़ मार्ग पर स्कॉर्पियों सवार तीन युवकों की जान गई।
23 अप्रैल 2019: कांवड मार्ग पर टीकरी गांव के सामने बाइक सवार युवक की मौत।
20 जनवरी 2019 : रोहटा क्षेत्र में ही नहर में कार गिरने से तीन लोगों की मौत।
25 मई 2019: अर्टिगा कार गंगनहर में गिरी। देवरिया के पांच लोगों की मौत, एक महिला लापता।
26 मई 2019: सलावा झाल के निकट अज्ञात कार नहर में समाई। 29 मई को तीनों केशव मिले। एनडीआरएफ और पीएसी हुई थी फेल, निजी गोताखोरों ने निकाले शव।