बाबा औघड़नाथ के भक्तों के लिए बुरी खबर है। भक्तों द्वारा औघड़नाथ मंदिर में स्थित शिविलिंग पर लगातार जल, दूध, शहद, दही, भस्म के साथ विभिन्न प्रकार की सामग्रियों का पूजन में इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके चलते शिविलिंग का क्षरण हो रहा है। स्वयंभू माने जाने वाले बाबा औघड़नाथ तो भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं, लेकिन भक्त उनका ख्याल नहीं रख रहे हैं। यही हालात रहे तो भविष्य में शिवलिंग विलुप्त होने के कगार पर पहुंच सकता है।