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आतंकियों के निशाने पर अब पश्चिमी यूपी, ATS का बड़ा खुलासा, इन खुफिया तरीकों से चलती हैं 'क्लास'

Sat, 23 Feb 2019 01:46 PM IST
Dimple Sirohi गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ

सार

  • आतंकियों के निशाने पर वेस्ट यूपी, फैलीं गहरी जड़ें।
  • खुद को सुरक्षित रखकर आतंकी हमले का बनाया प्लान। 
  • एनआईए और एटीएस की कई जिलों में छापेमारी शुरू। 
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jaish e mohammed
पश्चिमी यूपी का आतंकी कनेक्शन कोई नया नहीं है। यहां लगातार कई जिलों से एनआई और एटीएस पहले भी आतंकियों को गिरफ्तार कर चुकी हैं। चिंताजनक बात यह है कि इन आतंकियों का लक्ष्य अब पश्चिमी यूपी के युवा हैं, जिन्हें उनके ही देश के खिलाफ अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किया जा सके।

जी हां, शुक्रवार को सहारनपुर से गिरफ्तार किए गए दोनों आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद एटीएस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। एटीएस के मुताबिक पाकिस्तान में बैठे जैश-ए-मोहम्मद के आकाओं द्वारा खुद को सुरक्षित रखते हुए एक खास तरह से वेस्ट के जिलों में रहने वाले युवाओं को आतंक की ट्रेनिंग दी जा रही है। आगे जानें आखिर क्या है वह तरीका जिससे पश्चिमी यूपी के युवा दूर बैठकर आतंकी गतिविधियों से लगातार जोड़े जा रहे हैं: - 
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पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों की इंटरनेट कॉलिंग से वेस्ट के जिलों में ‘क्लास’ चलती है। फर्जी आईडी पर सिम लेना और फिर अपना नेटवर्क फैलाना आतंकियों का प्लानिंग का हिस्सा है। देवबंद में पकड़े दोनों आतंकियों से कई मोबाइल फोन और सिम बरामद हुए है। जिन्हें जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा। 

 
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आतंकी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
यूपी एटीएस ने शुक्रवार को देवबंद में जैश के दो आतंकियों शाहनवाज और आकिब को गिरफ्तार किया। एटीएस का दावा है कि आतंकियों ने सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, हापुड़, बुलंदशहर समेत वेस्ट यूपी के जिलों में नेटवर्क फैलाने के लिए इंटरनेट कॉलिंग का इस्तेमाल किया है। 

 

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hoax call
आसानी से ट्रेस नहीं होती इंटरनेट कॉल 
यानी आतंकी भी जानते हैं कि इंटरनेट कॉल आसानी से ट्रेस नहीं होती हैं। इसको देखते आतंकियों ने फर्जी आईडी पर सिम और नये मोबाइल का खूब इस्तेमाल किया है। जांच पड़ताल में आतंकियों से कई जुड़ीं बातें सुरक्षा एजेंसियों के सामने आई हैं, जिनकी पड़ताल करने में सुरक्षा एजेंसियां अभी लगी हैं।  
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आतंकी - फोटो : Demo Pic
पाक अधिकारियों के संपर्क में थे आतंकी 
एटीएस के अधिकारियों की मानें तो देवबंद में पकड़े दोनों आतंकियों के मोबाइल फोन में पाकिस्तानी आतंकियों के मेसेज मिले हैं। इंटरनेट कॉलिंग होने के प्रमाण भी एटीएस को मिले है। दावा है कि पाकिस्तान में उच्च स्तर के अधिकारी से आतंकी शाहनवाज और आकिब संपर्क में थे। आतंकियों के इरादे नापाक थे। उनको क्या-क्या करना है, इसकी जानकारी पाकिस्तान में बैठे अधिकारी आतंकियों को देते थे। 
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आतंकी बन रहे युवा
खुद को सुरक्षित रखकर फैला रहे नेटवर्क 
एटीएस की पूछताछ में आतंकियों ने बताया है कि खुद सुरक्षित जगह बैठकर आतंक की क्लास चलाते थे। इससे पहले मेरठ में किठौर और मुंडाली थानाक्षेत्र से आतंकी संगठन से जुड़े तीन संदिग्धों को एटीएस ने पकड़ा था। जिनमें से दो संदिग्ध मदरसे में रहते थे। आतंकियों से जुड़े लोग धार्मिक स्थलों में पनाह लेते हैं, इसको लेकर सुरक्षा एजेंसियां जांच करने में जुटी हैं।
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मेरठ पुलिस - फोटो : अमर उजाला
वेस्ट यूपी में बेचैनी 
देवबंद में दो आतंकियों की गिरफ्तारी होने पर वेस्ट यूपी में खलबली मची है। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं। मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर समेत कई जिलों में छापेमारी शुरू कर दी गई है। जैश के आतंकियों ने वेस्ट यूपी को निशाना बनाया है। 

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मेरठ पुलिस - फोटो : अमर उजाला
अब तक 30 संदिग्ध लोगों की गिरफ्तारी
एटीएस की मानें तो भारत की गोपनीय जानकारी जुटाने या फिर आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए लोकल लोगों को अपने संगठन में शामिल करने के लिए मोटा पैसा दिया जाता है। वेस्ट यूपी में अब तक 30 संदिग्ध लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। 
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एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार
हम अलर्ट हैं
एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार का कहना है कि देवबंद में दो आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अलर्ट है। लोकल स्तर से भी संदिग्ध लोेगों की तलाश की जा रही है। धार्मिक स्थल के जिम्मेदार लोगों से बातचीत की जाएगी, ताकि उनका सत्यापन हो सके।

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