फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जकार्ता से मेरठ तक खूब चमका शार्दुल का सिल्वर, मां की आंखों में छलके खुशी के आंसू, देखें तस्वीरें

Fri, 24 Aug 2018 03:00 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
1 of 10
शार्दूल विहान - फोटो : अमर उजाला
जर्काता में चल रहे एशियन गेम्स में मेरठ के शार्दुल विहान से गोल्ड की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन अंतिम क्षणों में शार्दुल चूक गया। और शार्दूल को सिल्वर हासिल हुआ। मोदीपुरम हाईवे स्थित सिवाया गांव निवासी शार्दुल के पिता दीपक विहान ने बताया कि शार्दुल ने 150 में से 141 अंक हासिल कर जूनियर वर्ग में रिकार्ड बनाया है। वहीं डबल ट्रैप शूटर शार्दुल विहान एक अंक से गोल्ड लाने से चूक गया। विहान का स्कोर 73 था, जबकि गोल्ड मेडल जीतने वाले कोरिया के शिन ने 74 स्कोर किया। शुरुआत में शार्दुलका अच्छा निशाना लगा था, लेकिन आखिर में वह चूक गया। शार्दूल विहान शामली के मूल निवासी अर्जुन अवार्डी कोच अनवर सुल्तान के निर्देशन में प्रैक्टिस कर रहा था।   देखें तस्वीरें :-
विज्ञापन

पोते ने सपना किया पूरा  

2 of 10
घर में खुशियां मनाते परिजन - फोटो : अमर उजाला
शार्दुल विहान के दादा ओमपाल सिंह का कहना है कि शार्दुल ने उनके सपना साकार कर दिया है। वहीं पिता दीपक विहान किसान परिवार से है और प्रॉपर्टी का काम भी करते है। कहा कि सुबह चार बजे जब शार्दुल दिल्ली के लिए जाता था तो उसे कामयाबी जरूर मिलेगी। 
विज्ञापन

मैंने नहीं देखा मैच

3 of 10
शार्दुल विहान
दीपक विहान का कहना है कि पिता होने के कारण घबराहट भी थी, जिस कारण से मैच नहीं देखा। जब शार्दुल ने मेडल जीता तो बस उसकी तस्वीर सामने थी और भगवान का शुक्रिया अदा किया।

मेरे लिए सबसे बड़ी खु़शी

4 of 10
मिठाई खिलाकर खुशी बांटते परिजन - फोटो : अमर उजाला
शार्दूल विहान के चाचा मनोज विहान का कहना है कि उनके लिए यह सबसे बड़ी खुशी है कि शार्दूल ने मेडल जीत लिया। शार्दूल को सुबह के समय दिल्ली कर्णी सिंह शूटिंग रेंज ले जाने की जिम्मेदारी उनकी ही थी। यदि वह मेरठ में रहता था तो पल्हैड़ा शूटिंग रेंज पर निशाना लगाता था।  
विज्ञापन

बेटे से थी पूरी उम्मीद  

5 of 10
शार्दूल के घर में डांस करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
शार्दुल के मेडल लाने पर उसकी मां मंजू देवी का खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। बेटे की जीत पर वह भावुक भी हुई लेकिन इसके बाद घर वालों के साथ डांस भी किया।  उन्होंने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि बेटा मेडल लाएगा, गोल्ड नहीं तो कोई बात नही, यह भी देश के लिए बड़ा मेडल है।  
विज्ञापन

खेल के साथ पढ़ाई पर भी ध्यान  

6 of 10
डांस करते शार्दूल के परिजन - फोटो : अमर उजाला
गेम के साथ शार्दूल पढ़ाई पर भी पूरा ध्यान दे रहा है। प्रैक्टिस की वजह से वह नियमित रूप से अपनी क्लास में नहीं जा पाता, लेकिन उसके टीचर उसे पूरा सपोर्ट करते हैं। शार्दूल मोदीपुरम के डीएमए 1 स्कूल में कक्षा 10 में पढ़ता है। टीचर राजीव ढाका और प्रिंसिपल रितु दीवान का शार्दूल को पूरा सहयोग मिलता है। घर पर शार्दूल के लिए अलग से एक ट्यूटर रखा हुआ है।  
विज्ञापन

अब तक जीत चुका है 36 मेडल

7 of 10
शार्दूल के मेडल दिखाती उनकी मां - फोटो : अमर उजाला
पिता दीपक विहान ने बताया कि शार्दूल इससे पहले कई प्रतियोगिताओं में मेडल हासिल कर चुका है। 61वीं नेशनल शूटिंग प्रतियोगिता में शार्दूल विहान ने जूनियर और सीनियर दोनों वर्गों में गोल्ड हासिल किया था। इस इवेंट में उसने कुल चार गोल्ड मेडल हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। शार्दूल अब तक 36 से अधिक मेडल जीत चुका है।
 

जमकर किया डांस

8 of 10
शार्दुल विहान
शार्दुल के मेडल जीतने पर गांव में मीडिया, नेताओं और मिलने वालों का तांता लग गया। हल्की हल्की बारिश के बीच ग्रामीण, परिजन और रिश्तेदारों ने जमकर डांस किया।

 

एसडीएम भी पहुंचे गांव

9 of 10
शार्दूल विहान के पिता व दादा - फोटो : अमर उजाला
शाम को साढे़ छह बजे शार्दुल विहान के यहां एसडीएम सरधना अमित भारतीय भी बधाई देने पहुंचे। एसडीएम ने कहा कि शार्दुल ने मेरठ सहित देश का नाम रोशन किया है। 
 
विज्ञापन

इन्होंने दी बधाई  

10 of 10
शार्दुल विहान
यूपीएसआर के संयुक्त सचिव अरुण सिंह, अंतरराष्ट्रीय शूटर अंकुर सिंह, एसएन फैसल, भाजयुमो मंत्री मनिंदर विहान,आचार्य शरद कृष्ण, अध्यापक राजीव ढाका, रितु दीवान, भाजपा अनुसूचित मोर्चा क्षेत्रीय अध्यक्ष हरेंद्र कुमार आदि ने बधाई दी। दीपक विहान ने बताया कि यूपीएसआर के अध्यक्ष श्याम सिंह यादव, सांसद डॉ. संजीव बालियान, विधायक जितेंद्र सतवाई आदि ने भी फोन पर शार्दुल के परिजनों को बधाई दी है।


शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें