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अपराजिता: गरीबी से जूझीं, मुश्किलों से लड़ीं फिर दो बहनों को ऐसे मिली स्वर्णिम सफलता

Mon, 26 Nov 2018 06:56 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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दीक्षा और मनीषा शर्मा
प्रतिभा कभी गरीबी की मोहताज नहीं होती है। इस बात को पॉवर लिफ्टिंग करने वाली दो बहनों से साबित किया है। संसाधन न होने के बाद भी उन्होंने चार अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में दो बार गोल्ड, एक बार सिल्वर और एक बार ब्रांज मेडल हासिल किया।

गरीब किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली दीक्षा और मनीषा शर्मा मोदीनगर की देवेंद्रीपुरी कालोनी में रहती हैं। दीक्षा शर्मा मोदीपुरम के विनायक विद्यापीठ और मनीषा शर्मा रुद्रा इंस्टीटयूट से बीपीईएस कर रही हैं। दोनों पॉवर लिफ्टिंग में चार बार हिस्सा ले चुकी हैं। दीक्षा (47 किलो भार वर्ग) और मनीषा (43 किलो भार वर्ग) में दो बार गोल्ड और एक बार सिल्वर और एक बार ब्रांज मेडल जीत चुकी है। 
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दीक्षा शर्मा
दीक्षा ने बताया कि उसने फिट रहने के लिए जिम ज्वाइन किया था। वहां कोच पारुल त्यागी मिले। उन्होंने पावर लिफ्टिंग करने के बारे में पूछा तो मैंने हां कर दी। छोटी बहन मनीषा को भी साथ लेकर जाने लगी। पहले दिन 12 किलो वजन उठाया। धीरे-धीरे 20 किलो पर पहुंच गई। वर्ष 2013 में मथुरा में हुए स्टेट ट्रायल में दोनों बहनों ने गोल्ड हासिल किया। इसके बाद पटियाला में हुई चैम्पियनशिप में दीक्षा ने 47 व मनीषा ने 43 किलो भार वर्ग में गोल्ड जीता। 

जम्मू में हुई नेशनल चैम्पियनशिप में भी गोल्ड हासिल किया। इसके बाद न्यूजीलैंड में एशियन चैम्पियनशिप में हिस्सा लेना था, लेकिन पैसे न होने के कारण नहीं जा सकीं। वहीं फिलीपींस में आयोजित प्रतियोगिता में हिस्सा दिलाने के लिए मां परमेश्वरी देवी ने अपने जेवर बेच दिए। दोनों बेटियों ने मां की मेहनत को जाया नहीं जाने दिया और वहां से सिल्वर मेडल लेकर आईं।  
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दीक्षा शर्मा
एक ही कॉस्ट्यूम से चलाया काम 
फिलीपींस में हुई चैम्पियनशिप में दोनों बहनों ने एक ही कॉस्ट्यूम से काम चलाया। दीक्षा ने बताया कि कॉस्ट्यूम की कीमत 50 से 70 हजार रुपये है। पैसे न होने के कारण दोनों एक से काम चला लेती हैं। समय बहुत कम मिलने के कारण वह गोल्ड लेने से चूक गई। 

दीक्षा का कहना है कि वह आज जो कुछ भी हैं, कोच पारुल त्यागी की वजह से हैं। कोच कोई फीस नहीं लेते हैं। जब पैसे की दिक्कत आती है तो वह मदद भी करते हैं। बिना कोच के कोई इवेंट नहीं जीती जा सकती है। दीक्षा और मनीषा का कहना है कि खिलाड़ियों के लिए सरकार गंभीर नहीं है।  
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ये हैं दोनों बहनों की उपलब्धि  
वर्ष 2013 -
मथुरा में स्टेट चैंपियनशिप में दोनों ने गोल्ड जीता।
वर्ष 2013- पटियाला में स्टेट चैंपियनशिप में दोनों ने गोल्ड जीता।
वर्ष2013- जम्मू नेशनल चैंपियनशिप में दोनों ने गोल्ड जीता।
वर्ष 2014- जमशेदपुर में वर्ल्ड चैंपियनशिप में दोनों ने गोल्ड जीता।
वर्ष2017- फिलीपींस में एशियन चैंपियनशिप में दोनों ने सिल्वर मेडल जीता।  
वर्ष 2018- दुबई में एशियन चैंपियनशिप में दोनों ने ब्रांज मेडल जीता।

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