शामली में हुए गायक अंकित हत्याकांड में एक और नया खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि वेस्ट यूपी, दिल्ली और विदेश से भी गोगी और लॉरेंस गैंग के सदस्यों के खातों में रकम पहुंची थी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन खातों में रकम किसने भेजी और आगे यह पैसा किन खातों में पहुंचाया गया। 26 अगस्त को बंटीखेड़ा गांव निवासी हरियाणवी गायक अंकित बालियान की शार्प शूटरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने 31 अगस्त को गोगी गैंग के 50-50 हजार रुपये के इनामी सोनीपत निवासी मोहित और सुमित को मुठभेड़ में मार गिराया था।
हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड की पुलिस जांच में वेस्ट यूपी ही नहीं, दिल्ली, हरियाणा और विदेशों से भी गोगी, लाॅरेंस और बाबा गैंग के सदस्यों के खातों में रुपया पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस को गिरोह के सदस्यों से जुड़े 40 से अधिक ऐसे खातों का पता चला है, जिन्हें अलग-अलग स्थानों की पुलिस पहले ही फ्रीज करा चुकी है। अब पुलिस इन खातों के लेनदेन की कड़ियां जोड़कर साइबर ठगों से गिरोह के गठजोड़ की भी जांच कर रही है।
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अंकिता बालियान की हत्या के बाद भागते हत्यारे सीसीटीवी में कैद
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस की जांच में असम, गुरुग्राम, पटना और देहरादून से गिरोह से जुड़े खातों में रकम पहुंचने की जानकारी मिली है। इसके अलावा यूरोप में बैठे शान नाम के व्यक्ति से जुड़े खाते की भी जांच की जा रही है। शान के खाते में ही 20 लाख से अधिक रुपयों का लेनदेन मिला है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन खातों में रकम किसने भेजी और आगे यह पैसा किन खातों में पहुंचाया गया।
राहुल और सोनू के खातों की भी पड़ताल
एसपी एनपी सिंह के अनुसार जांच में गोगी गैंग के सोनीपत निवासी वांछित राहुल और सोनू के खाते में रकम आने की जानकारी मिली है। कनाडा और अमेरिका में बैठे चिराग और मोंटी के खातों की भी जांच कराई जा रही है। इन खातों में संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिली है। पुलिस इन खातों में हुए लेनदेन का ब्योरा जुटा रही है। जिन स्थानों से रकम भेजी गई, वहां भी जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
म्यूल खातों का इस्तेमाल, ठगी की रकम की आशंका
जांच में गिरोह के सदस्यों द्वारा म्यूल खातों का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन खातों से साइबर ठगी की रकम को इधर उधर किया गया।
गुरुग्राम और सोनीपत में सबसे ज्यादा रकम
पुलिस की अब तक की जांच में सबसे अधिक रकम गुरुग्राम और सोनीपत से भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा गिरोह के सदस्य भी आपस में खातों की माध्यम से रकम भेजते रहे हैं। पुलिस अब इन सभी लेनदेन को जोड़कर यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह का आर्थिक नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें कौन-कौन जुड़े हैं।
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शूटर सत्यम द्वारा कार के पास खड़े होकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
अंकित के नाम पर 50 से अधिक फर्जी आईडी
अंकित बालियान की हत्या के बाद अब उसके नाम का इस्तेमाल सोशल मीडिया पर व्यूज और रुपये कमाने के लिए किया जा रहा है। पुलिस की जांच में पता चला है कि शामली के अलावा हरियाणा के लोगों ने अंकित के नाम पर 50 से अधिक फर्जी आईडी पर अकाउंट बना लिए है। पुलिस जांच में सामने आया है कि कुछ लोगों ने अधिक से अधिक व्यू पाने के लिए अंकित के नाम का इस्तेमाल किया।
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सीसीटीवी में कैद हत्या से पूर्व जिम से निकलते हुए अंकित
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इन आईडी पर रोजाना अंकित से संबंधित वीडियो पोस्ट किए जा रहे हैं। पुलिस इन फर्जी आईडी की पड़ताल कर रही है। पुलिस के अनुसार अंकित की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर उसके नाम से लगातार वीडियो और अन्य सामग्री प्रसारित हो रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि इन आईडी को कौन चला रहा है और इनसे होने वाली कमाई का क्या स्रोत है।
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सीसीटीवी में कैद अंकित की हत्या के बाद भागते हमलावर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फर्जी नाम से आईडी बनाने से बचें
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी दूसरे व्यक्ति के नाम, फोटो और पहचान का इस्तेमाल कर फर्जी सोशल मीडिया आईडी न बनाएं। इससे आगे चलकर कानूनी कार्रवाई की स्थिति बन सकती है।
20 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ
अंकित हत्याकांड में वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस के अनुसार अब तक 20 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा चुकी है।
हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की गाड़ी के शीशे में लगी गोली के निशान
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सत्यम-आर्यन की तलाश में रोज मिल रहीं सूचनाएं
एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सत्यम और आर्यन के बारे में सूचना देने के लिए पुलिस को रोजाना बड़ी संख्या में सूचनाएं मिल रही हैं। कई बार दोनों के किसी स्थान पर मौजूद होने की सूचना मिलती है, लेकिन जांच करने पर सूचना गलत निकलती है। इसके बावजूद पुलिस हर सूचना का सत्यापन कर रही है।