काव्य कैफे कार्यक्रम
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युवा कवि राजीव उर्फ साहिर ने अपनी शायरी से सभी का दिल जीत लिया। पढ़ा, मेरे ख्वाबों में यूं न आया कर, मेरी जां मत मुझे सताया कर, रोशनी तेरी कम नहीं होगी, मेरी आंखों को चूम जाया कर। दिल्ली के मौजूदा हालात पर उन्होंने पढ़ा, ‘दिल्ली की सूरत विधवा औरत सी है, कबके मर गए मांग सजाने वाले लोग। साहिर ऐसे दोस्त बहुत कम होते हैं, गोद में सर रखकर सहलाने वाले लोग’।