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म्यांमार के तीनों भाइयों की गिरफ्तारी के बाद पश्चिमी यूपी में अलर्ट, कई जिलों के संदिग्ध रडार पर

Tue, 30 Jul 2019 04:19 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
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पकड़े गए आरोपी - फोटो : अमर उजाला
म्यांमार के तीनों भाइयों के पकड़े जाने के बाद पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि उनका थाईलैंड में भी आलीशान मकान है। म्यांमार के मूल निवासी होने के बाद और मदरसे में पढ़ने वाले युवकों का थाईलैंड में मकान की जानकारी मिलने पर खुफिया विभाग भी सकते में है।

इस बिंदू पर भी जांच शुरू कर दी गई है। वहीं सहारनपुर, मेरठ समेत पश्चिमी यूपी में सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस अधीक्षक अजय कुमार का कहना है कि रिजवान, नोमान और फुरकान ने सगे भाई होना बताया है। इसकी पुष्टि के लिए विदेश मंत्रालय के उच्चायुक्त को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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पकड़ा गया आरोपी - फोटो : अमर उजाला
वेस्ट यूपी में और भी विदेशी होने की आशंका
सहारनपुर, बागपत, देवबंद, मेरठ समेत आसपास के जिलों में भी इस तरह के और विदेशी नागरिकों के होने की संभावना है। पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने बताया कि पकड़े गए म्यांमार के सभी लोगों को कोर्ट में पेश किया जा रहा है। इन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। इसके अलावा एटीएस की टीम ने भी शामली पहुंचकर पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की।

जनपद शामली में मदरसे से म्यांमार के चार युवकों समेत सात संदिग्धों के पकड़े जाने के बाद जनपद में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस व खुफिया विभाग की टीमों को संदिग्ध प्रतिष्ठानों के प्रति जांच-पड़ताल में लगाया गया है। 
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शामली में स्थित मस्जिद - फोटो : अमर उजाला
शामली जनपद के थानाभवन पुलिस ने कस्बा जलालाबाद स्थित मदरसे से म्यांमार के चार युवक सहित सात लोग गिरफ्तार किए गए हैं। म्यांमार के चारों आरोपी वीजा अवधि खत्म होने के बाद अवैध रूप से यहां रुककर मदरसे में पढ़ा रहे थे। शामली में उक्त संदिग्ध पकड़े जाने के बाद से जनपद में भी हड़कंप मचा हुआ है। 

दरअसल, पूर्व में जनपद व इसका हिस्सा रहे शामली के लोग सामाजिक व व्यापारिक मूल्यों से एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। ऐसे में शामली में संदिग्ध पकड़े जाने के बाद जिले के अफसर भी सतर्क हो गए हैं। इसके तहत जिले के सभी थाना प्रभारियों के साथ ही खुफिया विभाग को भी सक्रिय कर संदिग्धों की टोह में लगा दिया गया है। संदिग्ध गतिविधियों वाले लोगों को चिह्नित कर उन्हें रडार पर लिया जा रहा है।

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पकड़ा गया आरोपी - फोटो : अमर उजाला
इन आरोपों में दर्ज हुई रिपोर्ट
एसपी के मुताबिक अब्दुल मजीद द्वारा म्यांमार नागरिक होते हुए भी अपने को भारतीय नागरिक के रूप में दर्शाते हुए गलत तथ्यों पर धोखाधड़ी कर भारतीय आधार कार्ड, पैन कार्ड, एसबीआई और पीएनबी की शाखा में खाता खुलवाना और अपनी पहचान छिपाना और बिना यात्रा दस्तावेजों के छुपकर भारत में घुसकर रहने का आरोप है। 

जबकि तीनों भाइयों पर नाम बदलकर अपनी पहचान छिपाने का आरोप है। एसपी के मुताबिक साइन कोको ने अपना नाम बदलकर मोहम्मद रिजवान खान, वाइन कोको ने मोहम्मद फुरकान और सोई कोको ने अपना नाम बदलकर नोमान अली रखा था।
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इसी कमरे में रहता था आरोपी - फोटो : अमर उजाला
इन तीनों ने अपने पासपोर्ट और वीजा अवधि समाप्त होने और अपने असली नामों को छिपाते हुए संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) कार्यालय नई दिल्ली से शरणार्थी का दर्जा प्राप्त करने के लिए अपने असली नाम एवं पासपोर्ट वीजा को छिपाकर धोखे से मुस्लिम नाम से यूएनएचसीआर कार्यालय से दस्तावेज प्राप्त करना और भारत में रहने की कोई सूचना नहीं देने का आरोप है। 

इसी आधार पर थानाभवन थाने पर अब्दुल मजीद, नोमान अली, मोहम्मद रिजवान खान, फुरकान हुसैन, मोहतमिम कारी अशरफ व मौलाना हफीयुल्ला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एसपी के अनुसार अब्दुल मजीद के बयान और दस्तावेजों के आधार पर मदरसा दारुल उलूम जलालाबाद के मोहतमिम वासिफ अमीन को भी गिरफ्तार किया गया है।
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पकड़े गए आरोपी - फोटो : अमर उजाला
कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेजा जेल
सातों आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश करने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस दौरान जलालाबाद और कैराना के कई मौलाना कचहरी परिसर में मौजूद रहे। खुफिया विभाग के कर्मचारी भी वहां मौजूद थे। 
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