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अधिवक्ता हत्याकांड: लखनऊ तक गूंजा मामला, हत्यारोपी नासिर समेत तीन पर 10-10 हजार का इनाम घोषित

Mon, 21 Oct 2019 12:43 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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अधिवक्ता हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
अधिवक्ता मुकेश शर्मा हत्याकांड में पुलिस ने चार आरोपियों को जेल भेज दिया। लेकिन अधिवक्ता को गोली मारने के आरोपी नासिर का कोई सुराग हाथ नहीं लगा। वहीं, अधिवक्ता के पीड़ित परिवार ने जान का खतरा जताते हुए सुरक्षा की मांग की है।
 
अधिवक्ताओं ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आज सोमवार को कचहरी में बैठक बुलाई है। वहीं एसएसपी अजय साहनी ने हत्यारोपी नासिर, फैसल और नारायण पर 10-10 हजार का इनाम घोषित कर दिया।  


 
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अधिवक्ता हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
मेडिकल थाना क्षेत्र के कमालपुर निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता मुकेश शर्मा पुत्र प्रद्युम्न शर्मा की शुक्रवार रात घर के पास ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अधिवक्ता की बेटी रजनी ने नासिर व बिल्डर नौशाद पुत्र जियाउल, फैसल व उसके पिता जुबैर, नारायण, ओमकार उर्फ अभिषेक और योगेश आदि के खिलाफ हत्या, बलवा और साजिश रचने की धारा में केस दर्ज कराया था।

 
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अधिवक्ता हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी अजय साहनी ने बताया था कि अधिवक्ता के भतीजे ओमकार ने हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने नामजद ओमकार समेत चार आरोपी शनिवार को जेल भेज दिए थे।

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अधिवक्ता हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
हत्या का सही खुलासा हो
मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री रामकुमार शर्मा का आरोप है कि पुलिस ने आधा अधूरा खुलासा किया है। जिन्हें नामजद कराया गया है उन्हीं को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने अधिवक्ता के भतीजे और रिश्तेदार को भी जेल भेज दिया। 

हत्या क्यों की, इसका पुलिस सही खुलासा करे। हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद नहीं किया। इस संबंध में सोमवार को मेरठ बार एसोसिएशन और जिला बार एसोसिएशन के तत्वाधान में आपातकालीन बैठक का आयोजन किया जा रहा है। 
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मौके पर मौजूद पुलिस - फोटो : अमर उजाला
अपराधियों को सुरक्षा, वकीलों की हत्या
रामकुमार शर्मा ने डीजीपी और मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर मांग की है कि मेरठ में अधिवक्ता हत्याकांड में पुलिस-प्रशासन की लापरवाही से हुई है। भूपेंद्र बाफर, तेल माफिया और अन्य लोगों को गलत तरीके से सुरक्षा दी गई। जबकि अधिवक्ता मुकेश शर्मा ने जान का खतरा जताते हुए 20 से अधिक बार सुरक्षा मांगी। लेकिन पुलिस-प्रशासन ने संज्ञान नहीं लिया। पुलिस-प्रशासन की लापरवाही से हत्या हुई है।
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