होनहार दिव्यांश कुशवाहा की मौत के लिए सरकारी तंत्र की लापरवाही भी जिम्मेदार है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बावजूद हाईवे पर सड़क किनारे वाहन खड़े करने को पुलिस-प्रशासन बंद नहीं कर पाया। हाईवे पर ब्लैक स्पॉट पर भी साइन बोर्ड और रिफ्लेक्टर तक नहीं लगाए गए। ब्लैक स्पॉट पर ही सड़क किनारे खड़े ट्रक ने दिव्यांश की जिंदगी छीन ली और सहपाठी खुशी अस्पताल में जिंदगी के लिए जूझ रही है।
हाईवे स्थित खडौली गांव के सामने हुए हादसे के समय दिव्यांश और उसके दोस्त निहारिका त्रिपाठी, खुशी और ऋषभ कार में ऋषिकेश से आ रहे थे। पुलिस के मुताबिक, कार की गति 120 से ऊपर हो सकती है। सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से कार घुस गई। चालक ऋषभ के बगल में बैठे दिव्यांश मौके पर ही दम तोड़ गए। खुशी की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। ऋषभ और निहारिका को काफी चोट हैं, लेकिन डॉक्टर के मुताबिक वह खतरे से बाहर हैं।