मथुरा में रजबहे में कार समाने से उसमें सवार तीन चचेरे भाई समेत चार युवकों की मौत हो गई। दर्दनाक हादसे के बाद सभी के घरों में कोहराम मचा हुआ है। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मथुरा के मगोर्रा थाना क्षेत्र के नगला देविया गांव के मोड़ पर बीती रात किसी अज्ञात वाहन द्वारा टक्कर मार दिए जाने के बाद अनियंत्रित होकर कार रजवाहे में जा गिरी। कार सवार चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। राहगीरों और पुलिस की मदद से कार को बाहर निकला गया।
बृहस्पतिवार सुबह चारों मृतकों के परिजन पोस्टमार्टम गृह पर पहुंच गए। मृतक अमित के पिता डॉ. सतीश चंद्र बताया कि अमित तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटा है। वह बीएससी, टेट और ट्रिपल सी की पढ़ाई कर चुका है। राहुल पुत्र चरण सिंह की गांव में ही बॉम्बे ट्रेलर के नाम से दुकान है। वह अपने पिता के काम में उनका सहयोग करता था।
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रजबहे के अंदर देखते पुलिस अधिकारी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मृतक मोहित पुत्र प्रेम सिंह दो बहनों के बीच अकेला भाई था। मोहित वकालत की पढ़ाई कर रहा था। फरीदाबाद निवासी गुलशन पुत्र शिव कुमार जो कि बिहार के औरंगाबाद जिले के मूल निवासी हैं। गुलशन की मां प्रमिला देवी ने बताया कि बुधवार दोपहर को गुलशन दोस्त की बहन की शादी में जाने की बात कह कर गया था। गुलशन फरीदाबाद में अपने भाई के साथ पेंटिंग का काम किया करता था। पोस्टमार्टम गृह पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ मौजूद रही।
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रजबहे से निकाली गई कार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शादी में शामिल होने जा रहे थे सभी
पुलिस के मुताबिक मगोर्रा क्षेत्र के रहने वाले चार हमउम्र युवक कार में सवार होकर गोवर्धन होते हुए डीग क्षेत्र में एक सगाई समारोह में शामिल होने जा रहे थे। कस्बा महावन के मोहल्ला बलदेव गढ़ निवासी राहुल (23) उनके चचेरे भाई मोहित (21) और अमित (23) एक अन्य दोस्त के साथ बुधवार शाम राजस्थान के डीग जिले के लिए निकले थे। गाड़ी स्वामी एडवोकेट सज्जन सिंह ने बताया कि इस गाड़ी को अमित ही चलाता था। वही गाड़ी लेकर निकला था।
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रजबहे से निकाली गई कार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तीव्र मोड़ पर घुमा न सके कार
जैसे ही उनकी कार रात लगभग नौ बजे नगला देविया के निकट मोड़ पर पहुंची, तो सामने अमित गाड़ी को तीव्र मोड़ पर घुमा नहीं पाया और गाड़ी लहराती हुई सीधे सड़क किनारे रजबहे में गिर गई। आसपास के लोग कार को रजबहे में गिरता देख फौरन दौड़कर मदद के लिए पहुंचे। इसी बीच किसी ने पुलिस को भी सूचना दे दी।
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दुर्घटनाग्रस्त कार।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एक भी युवक बाहर नहीं निकल सका
यदि इनमें से कोई एक भी होता तो शायद कार चला रहा युवक सजग हो जाता और कार को नियंत्रित कर लेता। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार सीधी रजबहे में गिरी। लोग दौड़े लेकिन देखते ही देखते कार डूब गई। ग्रामीण भी थोड़ी देर बाद ही रजबहे में उतर गए तो देखा कि कार के शीशे तो टूटे हुए थे, लेकिन एक भी युवक कार से बाहर नहीं निकल सका।
हादसे में क्षतिग्रस्त कार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ये होने चाहिए इंतजाम
घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर और अन्य सुरक्षा उपकरणों की स्थापना न केवल दुर्घटनाओं को रोकने में सहायक होती है, बल्कि जीवन की रक्षा भी करती है।