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सुनो! कृष्णा प्रदेश में तीसरा आया है: यह सुन तुलसी माला पिरो रहे पिता के छलक पड़े आंसू, रोमांचित कर देगी कहानी

Tue, 25 Apr 2023 05:18 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
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कृष्णा का मुंह मीठा कराते माता-पिता, साथ में गांव के लोग - फोटो : अमर उजाला
UP Board 10th Result: परीक्षा दे चुके छात्र-छात्राएं परिणाम आने का इंतजार कर रहे थे। सोमवार को शिक्षा बोर्ड से आई खबर ने उनकी धड़कनें बढ़ा दीं। खबर मिली कि मंगलवार की दोपहर 1.30 बजे परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। इसमें अब महज कुछ घंटे बाकी थे। समय बीता लेकिन कुछ बच्चे सो पाए कुछ परिणाम को लेकर तो कुछ अपने स्थान को लेकर करवटें बदलते रहे। 

आखिर वह समय आया जब परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया गया। कुछ ही समय में प्रदेश में स्थान हासिल करने वालों की सूची आ गई। दसवीं की इस सूची में एक नाम कृष्णा झा का भी था। वह मथुरा जिले के परखम स्थित बीकेजीएस इंटर कालेज के छात्र हैं। उन्होंने 600 अंकों के पूर्णांक में से 586 अंक प्राप्त कर प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया। 

साथियों ने उसे शुभकामनाएं दीं

परीक्षा परिणाम देखकर कृष्णा खुशी से पागल हो गया। गुरुजनों ने उसकी इस सफलता पर उसे खूब आशीर्वाद दिया। साथियों ने उसे शुभकामनाएं दीं। वह अपनी इस खुशी को परिवार के साथ साझा करना करना चाहता था। वह भागकर घर पहुंचे और अपना परिणाम घर में बताया। परीक्षा परिणाम सुनकर माता-पिता भावुक हो गए। बड़ी बहन ने उसे बधाई दी।   
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परिवार के साथ एक कमरे के घर पर रहते हैं कृष्णा - फोटो : अमर उजाला

आइए बात करते हैं कृष्णा के संघर्षों की....

दरअसल, कृष्णा शहर से दूर एक गांव में एक साधारण परिवार से आते हैं। वह अपने परिवार के साथ एक कमरे के घर पर रहते हैं। उसी घर के एक कोने पर उनके पिता बंटी झा, तुलसी की माला पिरोने का काम करते हैं। घर में कृष्णा और माता-पिता के आलावा उसकी बड़ी बहन दिव्या भी है। वह बीए तृतीय वर्ष में पढ़ाई कर रही है। 
 
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माता-पिता के साथ कृष्णा झा - फोटो : अमर उजाला

पड़ोसी के घर रिजल्ट देखा रिजल्ट

कृष्णा के पिता तुलसी की माला पिरोकर घर का खर्च व बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाते हैं। उनके घर में न तो टीवी है और ही कोई एंड्रॉयड मोबाइल। उनके पिता के पास एक साधारण मोबाइल है जिस पर बात हो जाती है। घर पर मोबाइल न होने की वजह से कृष्णा अपने पड़ोसी के घर रिजल्ट देखने गया। रिजल्ट देखा और अच्छे नंबर देखे तो वह खुश हो गया। अब तक वह इस बात से अंजान था कि उसने प्रदेश में स्थान हासिल किया है। 
 

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तुलसी का माला पिरोते कृष्णा के पिता बंटी झा - फोटो : अमर उजाला

कमतरी में पढ़कर हासिल किया बड़ा मुकाम 

कुछ ही समय में प्रदेश में स्थान हासिल करने वालों की सूची जारी हुई तो न्यूज के माध्यम से उसे पता चला कि उसने प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया है। जैसे ही यह बात उसने अपने घर में बताई उसके माता-पिता की आंखों से आंसू छलक पड़े। उनके लिए यह आज की संसार की सबसे बड़ी खबर थी। बेटे ने कमतरी में पढ़कर एक बड़ा मुकाम हासिल किया था। बहुत ही कमतरी में जीवनयापन कर रहे परिवार के लाल ने प्रदेश में स्थान हासिल किया तो बधाई देने वालों का तांता लग गया। 
 
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माता-पिता व गुरुजनों को दिया सफलता का श्रेय - फोटो : अमर उजाला

बहन पढ़ने के लिए हमेशा मोटिवेट करती

कृष्णा ने बताया कि वह पिता को दिन रात मेहनत करते देखते तो उनके मन में कुछ बड़ा हासिल करने की इच्छा होती। ताकि वह अपने परिवार का ख्याल रख सकें। बताया कि उसके पास सिर्फ एक रास्ता था। वह यह कि वह पढ़-लिखकर कोई अच्छी नौकरी हासिल कर सके। बताया कि पढ़ाई में बहन ने बहुत सहयोग किया। वह हमेशा मोटिवेट करती। सफल लोगों की कहानी बताती। 

मां ने हमेशा समय का सदुपयोग करना सिखाया

कृष्णा ने बताया कि मेरी सफलता सिर्फ मेरी मेहनत नहीं बल्कि इसके लिए मेरे गुरुजनों ने भी काफी मेहनत की। मेरे पिता ने एक-एक पैसे जोड़कर स्कूल की पास भरी। अन्य जरूरत का सामान लाकर दिया। मेरी मां ने हमेशा मुझे समय का सदुपयोग करना सिखाया। बड़ी बहन मेरी पढ़ाई में हमेशा मदद करती। कृष्णा ने बताया कि वह सेना में अधिकारी बनकर देश सेवा करना चाहते हैं। इसके लिए वह एनडीए में जाना चाहते हैं। 

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