फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बर्बादी की बाढ़: दरक रहे मकान, धंस रहे फर्श...घरेलू सामान खराब; सांसद हेमा मालिनी ने राहत शिविर में गाया भजन

Fri, 12 Sep 2025 12:09 AM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

मथुरा में यमुना के जलस्तर में कमी आने के साथ ही बर्बादी का मंजर सामने आने लगा है। बाढ़ के चलते फसलें नष्ट हो चुकी हैं, तो मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। जलभराव के चलते कीचड़ और फर्श धंसने लगे हैं।
विज्ञापन
1 of 11
मथुरा में बाढ़। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मथुरा में बाढ़ से बर्बादी का मंजर अब दिखने लगा है। भले ही बीते दिनों से जलस्तर में प्रति घंटे एक सेंटीमीटर की कमी दर्ज की जा रही है, लेकिन बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही अब पीड़ितों के सामने अपने आशियाने बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। पानी कम होने के बाद घर दरक रहे हैं और फर्श धंस रहे हैं। वहीं, फसलें नष्ट होने से किसानों के अरमानों पर आफत का पानी फिर गया। दर्जनों गांव और कॉलोनियां अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं और बाढ़ से विस्थापित लोग चुनौतियों से जद्दोजहद कर रहे हैं। घरेलू सामान बर्बाद हो चुका है।

 
विज्ञापन

2 of 11
मथुरा में बाढ़। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस आपदा से सबसे बड़ा कहर किसानों पर बरपा है। बाढ़ के पानी से 33 गांवों की फसलें पूरी तरह से नष्ट हो चुकी हैं, जिससे किसानों की उम्मीदें पानी में बह गईं। खेतों में लहलहाती फसलें अब सिर्फ कीचड़ और मलबे का ढेर बन गई हैं। जलस्तर में कमी के बावजूद, अभी भी दर्जनों गांव पूरी तरह से पानी में डूबे हैं। इधर, मथुरा-वृंदावन में दर्जनों कॉलोनियां अभी बाढ़ की चपेट में हैं।

 
विज्ञापन

3 of 11
मथुरा में बाढ़। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हालांकि जलस्तर कम होने से दो-दो फीट पानी कम हुआ है। जयसिंहपुरा, लक्ष्मीनगर क्षेत्र के तिवारी पुरम, ईसापुर और हंसगंज में अभी भी हालात विकराल हैं, जहां पानी कम हुआ है वहां अब मकानों को बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। घरों में कई दिन तक पानी भरने के कारण कीमती सामान खराब हो गया है। 

 

4 of 11
मथुरा में बाढ़। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मकानों के फर्श धंस गए हैं और पक्की गलियां जर्जर हो गई हैं। दीवारों पर भी दरारें आ गई हैं। राशन का सामान खराब हो चुका है। लोग घर वापस लौटने लगे हैं और घर की मरम्मत कराना शुरू कर दिया है। घरों के बाहर सफाई कार्य में जुट गए हैं। हालांकि प्रभावित क्षेत्रों में बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं।

 
विज्ञापन

5 of 11
मथुरा में बाढ़। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एडीएम डाॅ. पंकज वर्मा ने बताया कि मंगलवार से लगातार यमुना का जलस्तर कम हो रहा है। बृहस्पतिवार शाम चार बजे प्रयाग घाट का 166.72 मीटर दर्ज किया गया है। हथिनीकुंड से 24479 क्यूसेक और ओखला से 47490 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं गोकुल बैराज से 1.18 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। 

 
विज्ञापन

6 of 11
मथुरा में बाढ़। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
साथ ही कहा कि वर्तमान की स्थितियां सामान्य होने के बाद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराया जाएगा और नष्ट फसलों का भी सर्वे होगा। इसके बाद आगे की दिशा तय की जाएगी। फिलहाल लोगों को राहत पहुंचाने और बचाव कार्य पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है।
 
विज्ञापन

7 of 11
मथुरा में बाढ़। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जलभराव वाले क्षेत्रों में मंडराने लगा बीमारियां फैलने का खतरा
जहां-जहां पानी कम हो गया है, वहां जलभराव और गंदगी से बीमारियां फैलने का खतरा मंडराने लगा है। निचले इलाकों में भी पानी भरा हुआ है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। पानी से उठती दुर्गंध से लोगों का जीना मुश्किल है। लोगों का कहना कि प्रशासन को अब राहत व बचाव के साथ-साथ पानी कम होने वाले क्षेत्रों में ध्यान की जरूरत है।

 

8 of 11
बाढ़ राहत शिविर में सांसद हेमा मालिनी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सांसद ने महिलाओं के साथ गाया भजन
सांसद हेमा मालिनी ने बृहस्पतिवार को लक्ष्मीनगर स्थित सुभाष इंटर कॉलेज में बने राहत शिविर का हाल जाना। साथ ही शरणार्थियों के साथ भजन गाया तो उनके दर्द में मुस्कान लौट आई। भजन के सुरों पर डीएम, एडीएम एफआर समेत अन्य अधिकारी तालियां बजाते रहे। फिर बच्चों को चॉकलेट और खाद्य सामग्री बांटी और उनका हौसला बढ़ाया।

 

9 of 11
बाढ़ का पानी कम होने के बाद घर की मरम्मत करते लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बाढ़ के कहर से परेशान पीड़ितों के लिए यह मुलाकात एक भावनात्मक पल बन गई। सांसद ने पीड़ितों से बात की और उनका हालचाल जाना। राहत शिविर में मौजूद बच्चों से भी मुलाकात की और उन्हें चॉकलेट और अन्य खाद्य सामग्री बांटी, जिससे उनके चेहरे खिल उठे। बच्चों के साथ बातचीत कर हेमा मालिनी ने उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि मुश्किल की इस घड़ी में व अकेले नहीं हैं। जनप्रतिनिधि व अधिकारी सभी उनके साथ हैं।

 

10 of 11
मथुरा में बाढ़। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सरकार पीड़ितों की हरसंभव मदद करेगी। साथ ही सांसद ने जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह और एडीएम एफआर डाॅ. पंकज वर्मा के साथ राहत शिविर की व्यवस्थाएं परखीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ितों को भोजन, पानी, और चिकित्सा जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर मिलें।

 
विज्ञापन

11 of 11
मथुरा में बाढ़। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कांग्रेसियों ने कई क्षेत्रों में बांटी राहत सामग्री
इधर, रांची बांगर के साथ-साथ अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कांग्रेसियों ने राहत सामग्री बांटी। जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों के लिए प्रियंका गांधी रसोई चलाई जा रही है। बृहस्पतिवार को कोयला अलीपुर, गंगा सिटी, यमुना सिटी, गणेश वाटिका, राजराजेश्वरी पुरम, गिर्राज वाटिका में खाद्य सामग्री बांटी। वहीं महानगर अध्यक्ष यतेंद्र मुकद्दम भी बीते दिनों से लगातार बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बांट रहे हैं। पूर्व महानगर अध्यक्ष विक्रम वाल्मिकी लोगों को मदद में जुटे हैं।

ये भी पढ़ें-UP: आतिशबाजी के गोदाम में विस्फोट...उड़ गई दो दुकानों की छत, आसपास के हिल गए मकान; मंजर देख दहशत में आए लोग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें