फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन सगे भाइयों की मौत: बहन की सगाई वाले दिन दर्दनाक हादसा, नाला बन गया काल; मातम में बदल गईं खुशियां

Mon, 08 Dec 2025 01:49 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

मथुरा में हुए दर्दनाक हादसे में तीन सगे भाइयों की मौत हो गई। ये तीनों भाई ताऊ की बेटी के लगुन कार्यक्रम में जा रहे थे। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। 
विज्ञापन
1 of 5
मथुरा हादसा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मथुरा के राधाकुंड बाईपास पर स्थित संगम धाम मैरिज होम में ताऊ की बेटी के लगुन चढ़ते ही हादसे की खबर पहुंची तो समारोह में कोहराम मच गया। खुशियां मातम में बदल गईं। लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। महौली के मासूम नगर के रहने वाले कन्हैया, अकुंश और प्रवीण अपने ताऊ की बेटी के लगुन-सगाई समारोह में भाग लेने के लिए निकले थे। 

वार्ड 15 के पार्षद जितेंद्र सिंह भी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि सभी परिवारीजन व रिश्तेदार पहुंच चुके थे। तीनों भाई ही देरी से घर से निकले थे। मैरिज होम से महज ढाई सौ मीटर की दूरी पर बंबा है, जहां हादसा हुआ। बाइक अनियंत्रित होकर बंबे में गिरने के दौरान प्रवीण का मोबाइल छिटककर ऊपर गिर गया था। पुलिस ने जब तीनों को बाहर निकाला तो मोबाइल से फोन मिलाया तो पिता सगाई समारोह में मौजूद थे। लगुन चढ़ चुकी थी। खबर मिलते ही सगाई समारोह में कोहराम मच गया। लोग दौड़कर घटनास्थल पर पहुंच गए। एक पल में ही खुशियां मातम में बदल गईं।

 
विज्ञापन

2 of 5
मथुरा हादसा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दो माह पहले हुई थी बेटी, मां, पत्नी बेहाल
कन्हैया अपनी बाइक लेकर दोनों भाइयों के साथ आए थे। कन्हैया की दो साल पहले शादी हुई थी। दो माह पहले ही बेटा हुआ था। वहीं अंकुश तीन भाइयों में सबसे छोटा था। प्रवीण दो भाइयों में ब़़ड़ा था। तीनों की मौत की खबर मिलने पर कन्हैया की पत्नी गश खाकर गिर पड़ी। वहीं उनके मांओं का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने आनन-फानन में शवों को पोस्टमार्टम गृह भिजवा दिया। पुलिस प्रशासन ने रात में ही तीनों शवों का पोस्टमार्टम चिकित्सकों के पैनल से कराया।
 
विज्ञापन

3 of 5
मथुरा हादसा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सिंचाई विभाग के बंबे पर नहीं थी बाउंड्रीवाल
हादसे की वजह सिंचाई विभाग के रजवाहे (बंबे) रहा। बंबे के दोनों ओर किसी तरह की बाउंड्रीवाल नहीं है। आसपास के लोगों ने बताया कि मोड़ पर शाम ढलते ही अंधेरा हो जाता है। दोनों तरफ बाउंड्रीवाल नहीं करवाई गई है। इस कारण आए दिन लोग गिरने से बचते हैं। दिन में भी यहां हादसों का खतरा बना रहता है, क्योंकि पुलिया से ठीक पहले मोड़ है, जिससे अंदाजा नहीं लगता है कि आगे बंबे की पुलिया है।
 

4 of 5
मथुरा हादसा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अलाव ताप रहे लोगों ने दी जानकारी
हादसे के वक्त घटनास्थल से कुछ दूरी पर गांव के कुछ लोग अलाव पर हाथ सेंक रहे थे। उन्हें बंबे में गिरने की तेज आवाई आई। इस पर वह दौड़कर बंबे पर पहुंचे तो बाइक सवारों के गिरने की जानकारी हुई। उन्होंने ही घटना की जानकारी पुलिस को दी।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
मथुरा हादसा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस वजह से हुआ हादसा 
एसपी देहात सुरेशचंद्र रावत ने बताया कि मोड़ पर अंधेरा होने के कारण संभवत: बाइक बेकाबू होकर गिर गई। सीओ अनिल कुमार ने बताया कि हादसे की जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम से मिली थी। इसके बाद पुलिस ने तीनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। दुखद घटना से मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें