एफआईआर के अनुसार कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल के ठेकेदार ने यमुना में नावों का संचालन बंद नहीं कराया। बिना अनुमति के ही पुल को हटाने और जोड़ने का काम किया जा रहा था। साथ ही श्रद्धालुओं के मना करने के बाद भी नाविक ने मोटरबोट को नहीं रोका और पुल से टकराने के बाद बोट दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
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मथुरा नाव हादसे में गिरफ्तार ठेकेदार और नाविक।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मथुरा के वृंदावन में केसी घाट पर शुक्रवार को हुए मोटरबोट हादसे के लिए मोटरबोट चालक और रिवर फ्रंट का काम करा रहे ठेकेदार की लापरवाही को जिम्मेदार माना गया है। पुलिस की ओर से दोनों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी मांट थाने में दर्ज कराई गई है, जबकि संबंधित विभागीय अधिकारियों की लापरवाही को अनदेखा कर दिया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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मथुरा हादसे के बाद यूपी एसडीआरएफ के जवान
- फोटो : पीटीआई
केसी घाट पर श्रद्धालुओं से भरी मोटरबोट पांटून पुल से टकराने के बाद पलट गई थी। हादसे में 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, जबकि 8 घायल हुए थे। पांच श्रद्धालु लापता हैं, जिनमें से एक का शव शनिवार को नदी से बरामद कर लिया गया। इस तरह 11 लोगों की मौत की घटना के लिए प्रथम दृष्टया नाविक पप्पू उर्फ दाऊजी और मांट के मिरताना निवासी ठेकेदार नारायण शर्मा को जिम्मेदार माना गया है।
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मथुरा में बोट हादसे के बाद मौके पर जमा भीड़ और पुलिस
- फोटो : पीटीआई
एसआई आकाश चौहान ने दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा है कि जिस वक्त हादसा हुआ, उस समय पांटून पुल को जेसीबी की मदद से रस्सी से खींचा जा रहा था। इस कार्य के लिए कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल के ठेकेदार ने यमुना में नावों का संचालन बंद नहीं कराया। बिना अनुमति के ही पुल को हटाने और जोड़ने का काम किया जा रहा था। साथ ही श्रद्धालुओं के मना करने के बाद भी नाविक ने मोटरबोट को नहीं रोका और पुल से टकराने के बाद बोट दुर्घटनाग्रस्त हो गई। प्राथमिकी में दोनों को हादसे का जिम्मेदार मानते हुए गैर इरादतन हत्या का अभियोग दर्ज कराया गया है।
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मथुरा में बोट हादसे के बाद मौके पर जमा भीड़ और बचाव अभियान चलाती पुलिस
- फोटो : पीटीआई
पुलिस ने पप्पू उर्फ दाऊजी और ठेकेदार नारायण शर्मा को शाम को गिरफ्तार कर लिया। उनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं हादसे के पीछे सिंचाई विभाग भी कम जिम्मेदार नहीं है, लेकिन प्राथमिकी में केवल दो ही लोगों को जिम्मेदार बताया गया है।
मथुरा में बोट हादसे के बाद मौके पर जमा भीड़ और पुलिस
- फोटो : पीटीआई
एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि दो दिन से यमुना में कार्य चल रहा था। कार्यदायी संस्था ने किसी तरह के सेफ्टी मेजर्स का इस्तेमाल क्यों नहीं किया। बिना एसओपी का पालन किए कार्य कराया जा रहा था। इस मामले में मुकदमे के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।