महोबा के कबरई में झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी से परेशान अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक (50) ने शनिवार की देर रात लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। अधिवक्ता के पास से मिले सुसाइड नोट में ब्लाक प्रमुख और प्रसपा के प्रदेश महासचिव छत्रपाल यादव और उनके साथियों द्वारा बेटे से 60 लाख रुपये वसूलने और रिपोर्ट दर्ज कराने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
2 of 5
घटना के बाद रोते बिलखते परिजन
- फोटो : amar ujala
वकीलों व परिजनों ने शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाते समय दोषियों पर कार्रवाई और सीओ सिटी को हटाने की मांग को लेकर हाईवे पर आधे घंटे तक जाम लगाया। इसके बाद सीओ सिटी को महोबा से हटाकर कुलपहाड़ भेजा गया। शहर के समदनगर निवासी अधिवक्ता मुकेश कुुमार पाठक के बेटे शिवम से ब्लाक प्रमुख और उनके साथियों ने जबरन दबाव बनाकर 60 लाख रुपये वसूल लिए थे।
विज्ञापन
3 of 5
मौके पर पहुंचे अधिकारी
- फोटो : amar ujala
सात फरवरी को शहर कोतवाली में ब्लाक प्रमुख समेत पांच लोगों पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। आरोपी लगातार दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने और हत्या की वकील को धमकी दे रहे थे। शनिवार की शाम एक होटल में वकील और आरोपियों के बीच वार्ता हुई, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला, जिससे अधिवक्ता मानसिक तनाव में आ गए।
4 of 5
घटना के बाद घर के बाहर लगी भीड़
- फोटो : amar ujala
होटल से घर लौटने पर अधिवक्ता ने शनिवार की रात 11 बजे राइफल से खुद को गोली मार ली। गले में गोली लगने से मौके पर मौत हो गई। रात में ही एसपी अरुण कुमार और एएसपी आरके गौतम पहुंचे राइफल व सुसाइड नोट बरामद किया है।
घटना के बाद मौके पर मौजूद पुलिस फोर्स
- फोटो : amar ujala
अधिवक्ता के बेटे राहुल की तहरीर पर पुलिस ने ब्लाक प्रमुख छत्रपाल यादव, विक्रम यादव, आनंद मोहन यादव, रवि सोनी, मनीष चौबे, अंकित सोनी व अभय प्रताप सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की रिपोर्ट दर्ज कर ब्लाक प्रमुख और विक्रम को गिरफ्तार कर लिया।