Mahoba Triple Murder Case: जनपद के तीन साल पुराने नृशंस तिहरे हत्याकांड में दोषी देवेंद्र विश्वकर्मा ने खुदकुशी की दो बार कोशिश की थी। एक बार वारदात के तुरंत बाद रेलवे स्टेशन के पास और दूसरी बार जेल में बंद रहने के दौरान। अदालत ने मामले की गंभीरता को दुर्लभ से दुर्लभतम मानते हुए दोषी को फांसी की सजा सुनाई है। यह जिले में 15 साल बाद किसी जघन्य अपराध में फांसी की सजा का चौथा मामला है।
महोबा जिले में मोहल्ला समद नगर में 17 जुलाई 2023 सोमवार की रात करीब दस बजे दिल दहला देने वाली घटना हुई। शराब के नशे में पति ने पत्नी व दो बेटियों की पत्थर से कूंचकर हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मकान में बाहर से ताला लगाकर फरार हो गया था।
आरोपी के पिता की सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीनों को शवों को कब्जे में ले लिया था। समदनगर निवासी देवेंद्र विश्वकर्मा कपड़ों की फेरी लगाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। वह प्रतिदिन की तरह नशे की हालत में घर पहुंचा और पत्नी से विवाद करने लगा, जिसके बाद में दोनों के बीच मारपीट हो गई।
सिलबट्टे के पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी
इससे गुस्साए पति ने पत्नी राजकुमारी (35) का सिर पत्थर से कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। मां को बचाने दौड़ीं दो पुत्रियों आरुषि (9) व सोनाक्षी (5) की भी सिलबट्टे के पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मकान के बाहर का ताला लगाकर मौके से फरार हो गया।
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Mahoba Triple Murder Case
- फोटो : amar ujala
दो बार खुदकुशी करने की कर चुका है कोशिश
पत्नी और दो बेटियों की सिल-बट्टे से कूंचकर हत्या करने वाला देवेंद्र दो बार पहले भी जान देने की कोशिश कर चुका है। अब अदालत ने उसे फांसी की सजा सुनाई है। घटना अंजाम देने के बाद आत्मग्लानि में ट्रेन से कटने पहुंचे देवेंद्र को पुलिस ने पकड़ लिया था। इसके बाद अगस्त 2025 में देवेंद्र ने उप कारागार में अंगोछा से फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की थी।
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शर्ट पर पेन से अपना नाम लिखा था
समदनगर निवासी देवेंद्र विश्वकर्मा ने 17 जुलाई 2023 की रात पत्नी रामकुमारी, दो बेटियों आयुषी व सोनाक्षी की सिलबट्टे से कूचकर हत्या कर दी थी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी को पछतावा हुआ और वह स्वयं ट्रेन के आगे कूदकर जान देने के लिए महोबा रेलवे स्टेशन के पास पहुंच गया था। मरने के बाद उसकी शिनाख्त हो सके इसके लिए उसने शर्ट पर पेन से अपना नाम लिखा था।
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पुलिसकर्मियों ने समय रहते फंदे से नीचे उतार लिया था
इसी दौरान पुलिस वहां पहुंच गई थी और देवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेजा था। अगस्त 2025 में देवेंद्र ने उप कारागार महोबा में अंगोछा से फंदा लगा लिया था। हालांकि जेल पुलिसकर्मियों ने उसे समय रहते फंदे से नीचे उतार लिया था। बुधवार को अदालत ने अभियुक्त देवेंद्र को मृत्युदंड की सजा सुनाई।
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तीनों के सिर की तोड़ दी थीं हड्डियां
शराब के नशे में घर पहुंचे देवेंद्र ने 17 जुलाई 2023 की रात पत्नी व दो बेटियों की बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई थी। देवेंद्र ने न सिर्फ सिल-बट्टे से तीनों के सिर कूचे थे बल्कि चारपाई के पाये से हमला कर सिर की सभी हड्डियां तोड़ दी थीं। घटना वाले दिन जिसने भी यह माजरा देखा उसके रौंगटे खड़े हो गए थे। पत्नी से मामूली विवाद और नशे में देवेंद्र ने अपने हंसते-खेलते पूरे परिवार को पलभर में खत्म कर दिया था।
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मृतका का पिता बोला- फांसी की सजा से मिला इंसाफ
जनपद न्यायालय में तिहरे हत्याकांड के मामले में सजा सुनाई गई। इस दौरान आरोपी व मृतका पक्ष का कोई व्यक्ति मौजूद नहीं रहा। अधिवक्ताओं में इसको लेकर चर्चा होती रही। फोन पर हुई वार्ता में मृतका रामकुमारी के पिता हरिप्रसाद पांचाल ने कहा कि अदालत ने देवेंद्र को फांसी की सजा सुनाई है। इस जघन्य अपराध में यही सजा होनी चाहिए थी। उन्हें इंसाफ मिला है। 12 साल पहले देवेंद्र की शादी रामकुमारी से हुई थी। शुरू में उसका व्यवहार ठीक था लेकिन बाद में वह मारपीट करने लगा था।
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प्रभावी पैरवी से मिली सफलता
पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह ने बताया कि ऑपरेशन कॉन्विकशन के तहत प्रभावी पैरवी से बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए एक माह के अंदर चार्जशीट दाखिल कर दी थी। झांसी में निरुद्ध अभियुक्त देवेंद्र विश्वकर्मा की समय से लगातार न्यायालय में पेशी कराई गई और अन्य साक्ष्यों को न्यायालय में समय से दालिख किया गया। न्यायालय ने देवेंद्र को मृत्युदंड की सजा सुनाई है।
जिले में फांसी की सजा का चौथा मामला
जघन्य अपराध में न्यायालय की ओर से जिले में फांसी की सजा सुनाने का यह चौथा मामला है। इससे पहले तीन दोषियों को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। जिला शासकीय अधिवक्ता प्रमोद कुमार पालीवाल ने बताया कि 15 साल पहले अलग-अलग मामलों में तीन लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई थी। अब तिहरे हत्याकांड में अभियुक्त देवेंद्र विश्वकर्मा को मृत्युदंड की सजा हुई है।