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Mulayam Singh Yadav: मुलायम सिंह का महराजगंज से था गहरा नाता, लोग बोले- रिश्तों को मजबूत करने में थे माहिर

Mon, 10 Oct 2022 01:13 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
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महराजगंज में मुलायम सिंह यादव। (File) - फोटो : अमर उजाला।
समाजवादी पार्टी के संरक्षक पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का महराजगंज जिले से गहरा नाता था। वह हर कार्यकर्ता से संवाद करते उसके मन की बात जान लेते थे। इस कला से वह कमजोर जगह को मतबूत कर देते थे। जिले में विकास कार्यो के साथ आपसी रिश्तों की डोर को मजबूत करने में कभी पीछे नहीं रहे। खास बात यह रही की मुलायम सिंह यादव से अगर कोई कार्यकर्ता मुलाकात कर लेता था तो दोबारा मिलने पर नाम से पुकारते थे।

अतीत के पन्नों को खोलने पर पता चला कि वर्ष 1995 में नौतनवां तहसील का उद्घाटन करने मुलायम सिंह यादव आए थे। उसी समय राममनोहर लोहिया पीजी कॉलेज नौतनवां, डॉ. घनश्याम कुंवर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौतनवां, बरगदवा पीएचसी, अड्डा बाजार पीएचसी, डाली पुल का शिलान्यास कर जिले को विकास की सौगात दिए थे।

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महराजगंज में मुलायम सिंह यादव। (File) - फोटो : अमर उजाला।
वह महराजगंज जनपद में विकास को तरजीह देने के साथ ही रिश्तों का मजबूत करना कभी नहीं भूले। पूर्व सांसद कुंवर अखिलेश सिंह की बहन रीता सिंह की शादी दो दिसंबर 1995 को हुई थी। वह उस वक्त शादी में आशीर्वाद देने आए थे। पूर्व सांसद कुंवर अखिलेश सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के साथ गुजरे वक्त को याद करते हुए भावुक हो गए।

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महराजगंज में मुलायम सिंह यादव। (File) - फोटो : अमर उजाला।
उन्होंने बताया कि नेता जी का हृदय विशाल था। वह कार्यकर्ताओं की मनोदशा को पलभर में भांप लेते थे। पार्टी को मजबूती प्रदान करने के लिए पूरे मनोयोग से हमेशा कार्य करने की नसीहत देते थे। पूर्व विधायक कुंवर कौशल सिंह उर्फ मुन्ना सिंह ने बताया कि सपा संरक्षक हर कार्यकर्ता को तरजीह देते थे। बहन की शादी में आए थे, तो पूरे एक घंटे साथ में वक्त गुजारे थे। वह बहुत आत्मीयता के साथ सभी से मिले थे।
 

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मुलायम सिंह यादव। (File) - फोटो : अमर उजाला
पार्टी को कभी बूढ़ा मत होने देना
वर्ष 2009 की बात है। जवाहर लाल नेहरू पीजी कॉलेज के खेल मैदान में सभा को संबोधित करने के बाद प्रोफेसर शिब्बन लाल सक्सेना की समाधि पर नमन करने के बाद पूर्व मुख्मंत्री मुलायम सिंह यादव ने पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश यादव से बातचीत की। थोड़ी ही देर की बातचीत में वह बहुत कुछ कह गए। राजेश यादव ने बताया कि लोक सभा का चुनाव प्रचार में नेता जी आए थे। वह कहे कि पार्टी में नौजवानों को अधिक जोड़ो। सपा नौजवानों की पार्टी है, इसे बूढ़ा मत होने देना, यह कहते हुए मेरी पीठ थपथपाते हुए हेलिकाप्टर में बैठकर रवाना हो गए। उनकी बातों को आत्मसात करते हुए पार्टी को आगे बढ़ाने में लगा हूं।
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मुलायम सिंह यादव और अमर सिंह( file) - फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2012 के बाद वह जिले में नहीं आए
सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव जिले में अंतिम बार वर्ष 2012 में आए थे। जवाहर लाल नेहरू पीजी कॉलेज में विधानसभा चुनाव के दौरान जनसभा को संबोधित किए थे। जीएसवीएस इंटर कॉलेज परिसर में 1992 में जनसभा किए थे। वर्ष 1996 में भी सिसवां, फरेंदा एवं महराजगंज में सभा किए थे। निर्वतमान जिलाध्यक्ष आमिर हुसैन कहते हैं कि नेजी से कई बार आशीर्वाद लेने का अवसर मिला है। वह हमेशा जनता से जुड़कर उनकी आवाज को बुलंद करने का सुझाव देते थे। उनके बताए गए मार्ग पर चलते हुए पार्टी को मजबूती प्रदान की जाएगी।
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