लखीमपुर खीरी हिंसा के बाद पुलिस ने दबिश दी। दबिश के बाद महिलाओं ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। महिलाओं ने कहा कि पुलिस दरवाजे तोड़कर घरों में घुस गई। हमे और बच्चों को पीटा। मोतीपुर गांव में बवाल के दूसरे दिन लोग दहशत में रहे।
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पुलिस की दबिश के दौरान की कहानी बयां करती महिलाएं
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी के बांकेगंज के मोतीपुर गांव में मंगलवार शाम को हुए बवाल के बाद से दहशत का माहौल है। गांव की महिलाओं का आरोप है कि रात को दरवाजे तोड़कर पुलिसकर्मी घरों में घुसे। उन्होंने घर में मिली महिलाओं और किशोरियों तक को पीटा। पुलिस ने कहीं चारपाइयां तोड़ डालीं, तो कहीं एलसीडी।
गांव निवासी आरती देवी पत्नी अरविंद ने बताया कि पुलिस ने घर में घुसकर डंडों से मारा, जिसके निशान शरीर पर हैं। आरोप है कि पुलिस उनके नाबालिग पुत्र अनांशु (12 वर्ष) को पकड़ ले गई। बारह वर्षीय नीतू पुत्री सूरज ने बताया कि पुलिस ने घरों में जबरन घुसकर महिलाओं और किशोरियों को मारा-पीटा।
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मोतीपुर गांव का विवादित स्थल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सरिता पत्नी राजेश का कहना है कि पुलिस ने उन्हें भी डंडों से मारा-पीटा। 70 वर्षीय बुजुर्ग भगवती पत्नी स्व. परवन लाल ने बताया कि घर में 13 वर्षीय पोता भोलू उर्फ अतुल, पोती छुटकइया, बड़कइया पुत्री अनीता (25 वर्ष) थे। रात में पीछे का दरवाजा तोड़कर पुलिस अचानक घर में घुस गई।
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मोतीपुर गांव में दबिश के दौरान तोड़ी गई एलसीडी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस ने घर का सामान उलट-पुलटकर एलईडी और दो चारपाई तोड़ डालीं। यही नहीं कमरे में खड़ी बाइक भी तोड़ डालीं। संतोष कुमारी ने बताया कि उस वक्त घर में रात का खाना बन रहा था।
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मोतीपुर गांव का विवादित स्थल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घबराकर सब लोग चूल्हे पर पक रहा खाना छोड़कर पीछे की दीवार से खेतों में होते हुए भाग गए। महिलाओं ने रोते हुए बताया कि घटना के बाद से घर के बच्चों तक ने खाना तो दूर चाय-नाश्ता तक नहीं किया है।
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घटनास्थल के पास नाप-जोख करती टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घरों पर बुलडोजर चलने का सता रहा है डर
महिलाओं ने बताया कि जहां वे लोग बसे हैं, वहां प्रशासन की ओर से बुधवार को भूमि की पैमाइश करवाई गई है। पैमाइश में लगे लोगों ने बहुत जल्द उनके घरों पर बुल्डोजर चलने की बात कही है। इससे महिलाएं और ज्यादा भयभीत हैं।
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मोतीपुर गांव का विवादित स्थल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दलित पैंथर्स के राष्ट्रीय संयोजक ने किया दौरा
दलित पैंथर्स के राष्ट्रीय संयोजक मनोज कुमार भारती ने प्रतिनिधिमंडल के साथ मोतीपुर गांव का दौरा किया। उन्होंने कहा कि अब तक की छानबीन में पता चला है कि सरकारी भूमि पर बिना अनुमति के डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्ति स्थापित की गई। यह कार्य अराजकतत्वों ने अराजकता फैलाने के उद्देश्य से किया है। मंडल अध्यक्ष मनोज बौद्ध, जिला अध्यक्ष सिद्धार्थ गौतम सहित अन्य पदाधिकारी भी साथ मौजूद रहे।
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मोतीपुर गांव में खाले पड़े एक घर में बंधे बेजुबान
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भूखे प्यासे घरों में बंधे हैं बेजुबान
घटना के बाद से मोतीपुर के अधिकांश लोग पुलिस के खौफ से घर छोड़कर भाग गए। इससे घरों में गाय, भैंस, बकरियां भूखे प्यासे खूंटाें से बंधी हैं।
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सरकारी गाड़ी में लगाई आग
- फोटो : संवाद
पहले भी हो चुकीं पुलिस से टकराव की बड़ी घटनाएं
लखीमपुर खीरी के बांकेगंज के गांव मोतीपुर में मंगलवार शाम हुए बड़े बवाल ने जिले में डेढ़ दशक पहले हुई दो घटनाओं की याद दिला दी। वर्ष 2010 में मैलानी क्षेत्र के ही गांव सुरजनपुर में बड़ा बवाल हुआ था, जब गांव में वारंटी को पकड़ने गई पुलिस टीम से पूरा गांव भिड़ गया था। इसी घटना के बाद अगले वर्ष 2011 में ढखेरवा में बड़ा बवाल हुआ था। पुलिस हिरासत में एक युवक की मौत के बाद ग्रामीणों ने चौकी तक फूंक दी थी।
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कार में की तोड़फोड़
- फोटो : संवाद
सुरजनपुर में वारंटी को पकड़ने गई पुलिस पर हमला कर ग्रामीणों ने एक सिपाही को बंधक बनाकर घायल करने के साथ ही उसकी राइफल भी छीन ली थी। ग्रामीणों ने पुलिस की एक बाइक को आग के हवाले कर दिया था। मशक्कत के बाद बंधक पुलिसकर्मी को छुड़ाया गया था। पुलिस दो-तीन दिन बाद छीनी गई राइफल बरामद कर सकी थी। मामले में करीब डेढ़ सौ महिला, पुरुषों की गिरफ्तारी हुई थी।
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बवालियों ने सड़क पर पलटी कार
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नवंबर 2011 में पुलिस ने ढखेरवा कस्बे के दुकानदार रंजीत की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। घटना के बाद दूसरे दिन सैकड़ों की संख्या में आक्रोशित लोगों ने पुलिस चौकी में घुसकर आग लगा दी थी और वाहनों को तोड़ दिया था।
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गाड़ियों में तोड़फोड़ करते बवाली
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लोगों के घरों तक में शरण ली थी पुलिस ने
बांकेगंज के मोतीपुर गांव में मंगलवार शाम हुए उपद्रव के दौरान जब भीड़ ने पत्थर चालाने और तोड़फोड़ शुरू कर दी तो पुलिस ने मोर्चा संभालने की कोशिश की, लेकिन उग्र भीड़ पुलिस टीम पर भी हमलावर हो गई। इसके बाद कई पुलिसकर्मी अपने को बचाने के लिए इधर-उधर भागे। कुछ तो पास ही गुरुद्वारे में चले गए और अपनी जान बचाई। तो वही सड़क किनारे के घरों और दुकानों में भी पुलिस ने शरण ली।
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बवालियों ने गाड़ियों में की तोड़फोड़
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गुरुद्वारे के पास सड़क किनारे रहने वाली सुनीता और उनके पुत्र अंकित ने बताया कि शाम करीब 6:00 बजे भीड़ ज्यादा उग्र हो गई थी। जमकर पत्थर चल रहे थे। इसी दौरान कई पुलिस वाले उनके घर में घुस आए और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। कुछ ने घर के पास में ही स्थित उनकी दुकान में भी घुसकर शरण ली। इस दौरान उपद्रवियों ने उनके घर के बाहर दरवाजा पीटते हुए धमकी दी कि जल्दी दरवाजा खोलो नहीं तो अगला नंबर तुम्हारा है इसे पूरा परिवार काफी सहम गया।
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घटनास्थल पर मौजूद डीएम और एसपी
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मोतीपुर में हुए उपद्रव के मामले में आरोपियों की धड़पकड़ चल रही है। अब तक 19 की गिरफ्तारी हो चुकी है। फिलहाल गांव में शांति-व्यवस्था कायम है। पुलिस फोर्स एहतियात के तौर पर तैनात है। गश्त भी गढ़ाई गई है। दबिश के दौरान पुलिस पर तोड़फोड़ और मारपीट के लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।-अमित कुमार राय, एएसपी पश्चिमी
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भीड़ ने गाड़ी में लगाई आग
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यह था पूरा मामला
खीरी में आंबेडकर प्रतिमा टूटने पर बवाल, तोड़फोड़-आगजनी
लखीमपुर खीरी के बांकेगंज इलाके के गांव मोतीपुर में मंगलवार शाम डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा टूटने के बाद जमकर बवाल हुआ। इस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर पुलिस पर पथराव किया। खदेड़े जाने पर हिंसक भीड़ ने सीओ गोला रमेश तिवारी को दौड़ा लिया और उनकी व नायब तहसीलदार की गाड़ी क्षतिग्रस्त कर दी। उन्हें बीच सड़क पर पलट दिया और दो गाड़ियों में आग भी लगा दी।
एसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने कहा कि एक ही जाति के दो गुटों में प्रतिमा स्थापित करने को लेकर विवाद था। दोनों गुटों के संघर्ष में ही प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो गई। घटना में कुछ पुलिसकर्मी चोटिल भी हुए हैं। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया, जिससे स्थिति और बिगढ़ गई। भीड़ में शामिल कुछ लोगों के भी चोटें आई हैं।