फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: लखीमपुर खीरी में शारदा का कटान जारी, नदी में समाया सरकारी स्कूल का हिस्सा, गांव के वजूद पर खतरा

Wed, 22 Jul 2026 12:55 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

लखीमपुर खीरी जिले में शारदा नदी का रौद्र रूप जारी है। बुधवार को निघासन के ग्रंट नंबर-12 गांव में संविलियन विद्यालय का हिस्सा नदी में समा गया। गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर भी कटान का खतरा है।
विज्ञापन
1 of 6
ग्रंट नंबर 12 में कटान का कहर - फोटो : अमर उजाला
लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का रौद्र रूप जिले में लगातार कटान का कारण बन रहा है। निघासन क्षेत्र के ग्रंट नंबर-12 गांव में बुधवार को संविलियन विद्यालय का एक हिस्सा नदी में समा गया। गांव को जोड़ने वाली मुख्य डामर सड़क पर भी कटान का खतरा मंडरा रहा है। मंगलवार को पलियाकलां में नदी का जलस्तर खतरे के निशान 154.590 मीटर को पार कर 154.690 मीटर तक पहुंच गया था। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पलिया इलाके में कई सड़कें बाढ़ के पानी में डूब गई हैं। 

विज्ञापन

2 of 6
नदी में समा रही कटान - फोटो : संवाद
ग्रंट नंबर-12 में कटान का कहर
शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रंट नंबर-12 गांव सबसे अधिक प्रभावित है। नदी गांव के अस्तित्व पर संकट बनकर मंडरा रही है। गांव के दक्षिण दिशा में स्थित संविलियन विद्यालय का एक हिस्सा नदी में समा चुका है। गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली डामर सड़क भी कटान की चपेट में है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी प्रतिदिन जमीन लील रही है। घरों के साथ-साथ अब सार्वजनिक संपत्तियां भी खतरे में हैं।
विज्ञापन

3 of 6
ग्रंट नंबर 12 में कटान का कहर - फोटो : संवाद
ग्रंट नंबर-12 में कटान से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र प्रभावी कटानरोधी कार्य नहीं हुए तो गांव का संपर्क टूट सकता है। इससे राहत एवं बचाव कार्य भी प्रभावित होंगे। पिछले तीन वर्षों से शारदा नदी का कटान इस गांव को प्रभावित कर रहा है। बड़ी संख्या में परिवार पहले ही अपने घर छोड़कर तटबंधों पर रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और सिंचाई विभाग से तत्काल प्रभावी कटानरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की है।

4 of 6
ग्रंट नंबर 12 में कटान का कहर - फोटो : संवाद
मतदान बहिष्कार 
ग्रंट नंबर-12 के करीब 200 परिवारों के 500 लोगों ने स्थायी पुनर्वास न होने पर 19 जुलाई को चुनाव में मतदान बहिष्कार का एलान किया था। इस मुद्दे पर संवाद न्यूज एजेंसी की खबर अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित हुई थी। खबर के बाद मंगलवार को अधिकारी गांव पहुंचे। उन्होंने राहत एवं पुनर्वास की तैयारियों की समीक्षा की। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही ठोस कदम उठाएगा।
विज्ञापन

5 of 6
पलिया में शारदा नदी का रौद्र रूप। - फोटो : संवाद
पलियाकलां में खतरे के निशान से ऊपर जलस्तर
शारदा नदी ने लखीमपुर खीरी के पलियाकलां में भी खतरे का निशान लांघ लिया है। मंगलवार शाम चार बजे नदी का जलस्तर निर्धारित 154.590 मीटर से बढ़कर 154.690 मीटर तक पहुंच गया। बाढ़ का पानी सड़कों और खेतों तक फैल गया है। मझौरा से इमलिया जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। इससे एक दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क टूट गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
सड़क पर बाढ़ का पानी - फोटो : संवाद
बाढ़ प्रभावित गांवों में इमलिया फॉर्म, जंगल नंबर सात, छंगा टांडा, जमुनहा, सूरजपुर, देशराज टांडा, ढकिया, बजेड़ा, कुंवरपुर, रेती पुरवा, सापुतारा, जसकरण सिंह, गिंधी पाल और मंदिर सिंह शामिल हैं। इन गांवों के लोगों को अब भीरा होकर लंबा चक्कर लगाकर पलिया पहुंचना पड़ रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें