रॉकेट तैयार करने के बाद
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इन सभी टीम को इन-स्पेस, इसरो और इसरो के पूर्व वैज्ञानिक मार्गदर्शन दे रहे हैं। इस परीक्षण प्रक्षेपणों का उद्देश्य प्रक्षेपण स्थल की उपयुक्तता और अन्य आवश्यकताओं जैसे सुरक्षा मार्जिन, संचार रेंज, क्षेत्र पुनर्प्राप्ति की स्थिति आदि का परीक्षण करना था। इस वर्ष के अंत में (अक्टूबर-नवंबर) आयोजित होने वाली छात्र प्रतियोगिता के लिए तैयारी का हिस्सा है।
इस इस दौरान इन-स्पेस के निदेशक डॉ. विनोद कुमार, सीडीओ गुंजन द्विवेदी, एडीएम (वि0/रा0) वैभव, तमकुहीराज एसडीएम ऋषभ पुंडीर, डीआईओएस श्रवण कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।