फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक परिवार, पांच लाशें: नहीं मिला किसी को अपनों का कंधा, ट्रैक्टर-ट्रॉली में डाल ले गए शव; उठ रहे ये पांच सवाल

Sun, 22 Feb 2026 07:47 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज

सार

एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत की गुत्थी और सही कारणों तक पहुंच पाना पुलिस के लिए चुनौती भरा है। अभी तक की जांच पड़ताल में यह साफ हो चुका है कि बच्चों की जहर देकर जान ली गई है जबकि पत्नी को भी जहर दिया गया और गले पर चाकू से प्रहार भी किया। पत्नी और बच्चों की जान लेने के बाद सत्यवीर ने खुद फंदे पर लटकर जीवन समाप्त कर लिया। 
विज्ञापन
1 of 17
कासगंज में एक की परिवार के पांच लोगों की मौत - फोटो : अमर उजाला
यूपी के कासगंज स्थित अमांपुर में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। मृतकों को अंतिम संस्कार तक अपनों का कंधा नहीं मिल सका, और उन्हें ट्रैक्टर-ट्रॉली से श्मशान घाट ले जाकर विदाई दी गई।

Trending Videos
विज्ञापन

2 of 17
कासगंज कांड। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इनकी गई जान
अमांपुर के एटा रोड स्थित मकान से शनिवार शाम पुलिस ने सत्यवीर, उनकी पत्नी रामश्री, बेटियां प्राची और अमरवती और बेटा गिरीश के शव बरामद किए। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने सभी शव कब्जे में लेकर देर रात एंबुलेंस से पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए।
विज्ञापन

3 of 17
कासगंज कांड। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव में छाई चुप्पी, बहते रहे आंसू
रविवार सुबह करीब 7:30 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचे। गांव में छाई गहरी चुप्पी और परिजनों की आंखों में आंसू थे। परिस्थितियां ऐसी रहीं कि मृतकों को अंतिम संस्कार में अपनों का कंधा भी नहीं मिल सका। परिजनों ने शवों को गांव के समीप आम के बाग में रखवाया और बाद में ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर श्मशान घाट तक ले जाया गया। एक साथ पांच लोगों की मौत ने गांव के लोगों के दिलों को झकझोर कर रख दिया। इस दर्दनाक घटना ने न केवल परिवार को उजाड़ दिया बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक और संवेदनाओं की लहर फैला दी। ग्रामीण और परिजन आज भी इस हृदयविदारक क्षण को याद कर आंसू नहीं रोक पा रहे हैं।

4 of 17
कासगंज में पांच लोगों के मिले शव। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आर्थिक तंगी बनी काल
आर्थिक तंगी से जूझ रहे सत्यवीर ने पत्नी रामश्री के जेवर भी गिरवीं रख दिए थे, लेकिन सोना चांदी की अच्छी कीमतें होने के कारण सत्यवीर के मन में आया कि वह गिरवीं रखे जेवर बेचकर गिरवीं की रकम चुका देगा और कुछ पैसा भी बच जाएगा। उसने 27 हजार रुपये में जेवर गिरवीं रखे थे। इस तथ्य की जानकारी अमांपुर के बृजेश कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति के पास सत्यवीर ने जेवर गिरवीं रखे थे। उस व्यक्ति से सत्यवीर ने कहा था कि कुछ देर बाद जेवर बेचकर रुपये लौटा जाएगा, लेकिन वापस नहीं आया। यह जेवर वह 18 फरवरी को लेकर घर गया था। हो सकता है जेवर बिक्री की बात पर पत्नी से कोई विवाद की स्थिति बनी हो जो इस बड़ी घटना का कारण बनी हो। इस बात की लोगों के बीच काफी चर्चा रही।
विज्ञापन

5 of 17
कासगंज कांड - फोटो : अमर उजाला
दो चिकित्सकों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम, कराई वीडियोग्राफी
पांच लोगों की मौत के कारणों की गुत्थी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट हो चुकी है। दो चिकित्सकों के पैनल ने सभी पांचों शवों का पोस्टमार्टम किया और पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी की गई। बच्चों की मौत जहर से हुई है जबकि पत्नी की मौत गले पर धारदार हथियार के वार से। बच्चों को किसी खाद्य पदार्थ के साथ जहर का सेवन कराया गया। पोस्टमार्टम टीम ने बच्चों का बिसरा प्रिजर्व किया है। जिसकी जांच होगी।

दो डॉक्टर के पैनल ने सभी पांच शवों का पोस्टमार्टम किया है। वीडियोग्राफी भी कराई गई है। बच्चों की मौत जहर से हुई है। जबकि महिला की मौत गले पर धारदार हथियार के वार से हुई है। - डॉ. राजीव अग्रवाल, सीएमओ।
विज्ञापन

6 of 17
कासगंज कांड - फोटो : अमर उजाला
सत्यवीर के अवसाद में जाने के 5 प्रमुख कारण आए सामने
1- सत्यवीर का बेटा गिरीश न्यूरो समस्या से गंभीर बीमार था। 15 से 20 हजार रुपये महीने का खर्च इलाज में आ रहा था। बेटे का इलाज आगरा में चल रहा था।
2- सत्यवीर आर्थिक तंगी के कारण अमांपुर कस्बे के पिता के नाम के मकान में भी हिस्सेदारी की मांग कर रहा था। इस मकान में उसका भाई देशराज रहता है।
3- उधार रुपये चुकाने का भी दबाव बना हुआ था। सत्यवीर ने कुछ लोगों से अलग-अलग उधार रुपये ले रखे थे। उधार देने वाले लोग लगातार रुपये मांग रहे थे।
4- सत्यवीर के नाम एक बोलेरो कार थी। जो किराए पर चलती थी। पिता इसका संचालन कराते थे। बोलेरो की दुर्घटना होने पर मुआवजे की राशि सत्यवीर को मिली। जिसमें कुछ रुपये उसने अपने पास रख लिए। यह रुपये रखने के लिए परिवार के लोगों से कहासुनी भी होती थी।
5- सत्यवीर के हिस्से की जमीन पर परिवार के लोग कब्जा जमाए थे और उसके खेती करने में अड़चनें पैदा कर रहे थे। लोगों के बीच इस तरह की चर्चाएं काफी थीं।
विज्ञापन

7 of 17
कासगंज में एक की परिवार के पांच लोगों की मौत - फोटो : अमर उजाला
तीव्र दुर्गंध थी जहर की, मौके से मिला खरपतवारनाशक का खाली डिब्बा
एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत की गुत्थी और सही कारणों तक पहुंच पाना पुलिस के लिए चुनौती भरा है। अभी तक की जांच पड़ताल में यह साफ हो चुका है कि बच्चों की जहर देकर जान ली गई है जबकि पत्नी को भी जहर दिया गया और गले पर चाकू से प्रहार भी किया। पत्नी और बच्चों की जान लेने के बाद सत्यवीर ने खुद फंदे पर लटकर जीवन समाप्त कर लिया। फॉरेंसिक टीम को एक खरपतवारनाशक का खाली डिब्बा मौके से मिला वहीं एक चाकू भी। जिस पर रक्त के निशान लगे हैं।

8 of 17
कासगंज में एक की परिवार के पांच लोगों की मौत - फोटो : अमर उजाला
कौन सा जहर दिया, किसी को नहीं पता
सत्यवीर ने जान लेने के लिए कौन सा जहर खिलाया यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि जान लेने में जिस जहर का प्रयोग किया वह काफी तीव्र है और उसकी दुर्गंध काफी अधिक है। इसके अलावा फॉरेंसिक टीम ने तीन घंटे तक काफी गहनता से एक एक चीज की जांच पड़ताल की जिससे कोई स्पष्ट साक्ष्य हाथ लग सके। कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला। जिससे घटना का कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा। डॉग स्क्वाइड टीम को भी कोई सुराग मौके पर नहीं मिल सका। फॉरेंसिक टीम साक्ष्यों का लगातार विश्लेषण कर रही है। पुलिस के अधिकारियों की नजर भी फॉरेंसिक टीम के विश्लेषणों पर है। जिससे सटीक घटनाक्रम सामने आ सके।

9 of 17
कासगंज में एक की परिवार के पांच लोगों की मौत - फोटो : अमर उजाला
अलग-अलग चारपाइयों पर थे शव
इस मामले में घटनास्थल की स्थिति भी काफी भयावह थी। केवल सत्यवीर का शव फंदे पर लटका हुआ था। जबकि अन्य मृतकों के शव अलग-अलग चारपाइयों पर थे। बड़ी बेटी प्राची एवं छोटे बेटे गिरीश का शव एक चारपाई पर था। जबकि पत्नी रामश्री का शव अलग चारपाई पर था। बेटी आकांक्षा उर्फ अमरवती का शव अलग चारपाई पर मिला।

10 of 17
कासगंज में एक की परिवार के पांच लोगों की मौत - फोटो : अमर उजाला
मेधावी थे बच्चे, जिनके लिए पिता ने देखे सपने
सत्यवीर ने अपने तीनों बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए तमाम सपने देखे, लेकिन सत्यवीर ने खुद ही अपने बच्चों की जान ले ली। सत्यवीर के तीनों बच्चे मेधावी थे और कक्षा में उनका श्रेष्ठ प्रदर्शन रहता था। एक बेटी आकांक्षा ने तो इसी वर्ष विद्याज्ञान की प्रवेश परीक्षा पास की थी। यह तीनों बच्चे अमांपुर के श्रीवेदराम सिंह आवासीय इंटर कॉलेज में पढ़ते थे। सबसे बड़ी प्राची कक्षा 6 की छात्रा थी, जबकि दूसरी बेटी आकांक्षा उर्फ अमरवती कक्षा 5 की छात्रा थी। जबकि छोटा बेटा गिरीश पहली कक्षा में था। 

11 of 17
कासगंज में एक की परिवार के पांच लोगों की मौत - फोटो : अमर उजाला
छह महीने से बेटा नहीं जा रहा था स्कूल
स्कूल के प्रधानाचार्य आनंदनंदन ने बताया कि बेटा गिरीश पिछले 6 माह से बीमारी के कारण स्कूल नहीं आ रहा था। उन्होंने बताया कि एक बेटी ने विद्याज्ञान परीक्षा पास की। सत्यवीर अपने बच्चों को पढ़ाना चाहते थे। इसके लिए वह स्कूल की फीस भी समय पर अदा करते थे। उन्होंने बताया कि चार दिन पहले सुबह 10 बजे करीब प्राची स्कूल की ड्रेस में उन्हें घर के बाहर मिली थी तो उससे पूछा कि स्कूल नहीं गई। तो प्राची ने कहा कि वह तैयार हो गई थी, लेकिन पापा ने रोक लिया है। इसके बाद प्रधानाचार्य ने सत्यवीर से पूछा तो सत्यवीर बिना कुछ जवाब दिए चलते चले गए।

12 of 17
कासगंज में एक की परिवार के पांच लोगों की मौत - फोटो : अमर उजाला
सत्यवीर की शादी तीनों छोटे भाइयों की शादी के बाद हुई
सत्यवीर के जीवन में चुनौतियों ने पीछा नहीं छोड़ा। सत्यवीर अपने भाइयों में सबसे बड़ा था, लेकिन उसकी शादी तीनों छोटे भाइयों की शादी के बाद हुई थी। सत्यवीर की शादी होने के बाद ही पिता और भाइयों के बीच अच्छा तालमेल नहीं रहा।

13 of 17
सत्यवीर का भाई - फोटो : अमर उजाला
परिवार वाले नहीं चाहते थे सत्यवीर की हो शादी
सत्यवीर के साढू नंद किशोर ने बताया कि चार भाइयों के बीच सत्यवीर बड़े थे। तीन अन्य भाइयों में सतीश, संतोष, देशराज उनसे छोटे थे। तीनों छोटे भाइयों की शादी सत्यवीर की शादी से पहले हो गई थी। उन्होंने बताया कि बाद में सत्यवीर की शादी रामश्री से हुई। यह शादी करीब 15 वर्ष पूर्व हुई थी। इस शादी के बाद से ही सत्यवीर के परिवार में अनबन की स्थिति बन गई। परिवार के लोग नहीं चाहते थे कि सत्यवीर शादी करे। क्योंकि शादी के बाद परिवार की संपत्ति पर उसका व उसके वारिसों का हक बन जाएगा। यह परिस्थितियां पारिवारिक विवाद की वजह बनी हुई थी। भाइयों में संपत्ति का बंटवारा हुआ। कुल 12 बीघा जमीन सत्यवीर के पिता नेम सिंह की थी। आपसी बंटवारे में 3-3 बीघा जमीन सभी भाइयों को दे दी गई। जिस पर सभी अपनी खेती कर रहे थे।

14 of 17
सत्यवीर की मां - फोटो : अमर उजाला
पिता ने शुरू कर दी थी सत्यवीर की जमीन पर खेती
सत्यवीर के हिस्से के खेत पर पिता नेम सिंह ने खेती करना शुरू कर दिया था। पिछले वर्ष अक्तूबर माह में पिता ने सत्यवीर के खेत में फसल बो दी। इस पर सत्यवीर ने पिता से शिकायत भी की, लेकिन पिता ने अपने खर्चे पानी का वास्ता दिया। इस बात से सत्यवीर आहत था। सत्यवीर के चाचा ससुर हरपाल ने बताया कि ऐसी परिस्थितियां सत्यवीर को तनाव दे रही थीं। उसके पिता और भाई सत्यवीर को सहयोग नहीं करते थे। जबकि अन्य भाइयों की मदद करते थे।

15 of 17
कासगंज में पांच लोगों की माैत। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दंपती के शव एक चिता पर जलाए गए, तीनों बच्चे तालाब किनारे गड्ढे में दफनाए गए
दंपती के शव को एक चिता पर जलाया गया जबकि तीन बच्चों के शव तालाब किनारे एक गड्ढे में दफनाए गए। एक परिवार के पांच शवों का एक साथ अंतिम संस्कार देख हर आंख से आंसू गिरने लगे।
 

16 of 17
कासगंज में पांच लोगों की मौत - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव में रहा पुलिसबल तैनात
पोस्टमार्टम के बाद शव गांव ले जाए गए उसके साथ ही पुलिस की टीम भी गांव पहुंच गई। किसी तरह की कानून व्यवस्था से जुड़ी समस्या खड़ी न हो इसको लेकर पुलिस सतर्क थी। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर अंतिम संस्कार के दौरान अमांपुर थाने की पुलिस मौजूद रही।
विज्ञापन

17 of 17
ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
स्वाभिमानी थे सत्यवीर, आखिर कैसे दे दी जान
ग्रामीणों ने बताया कि सत्यवीर स्वाभिमानी थे आखिर उन्होंने कैसे जान दे दी। ओमप्रकाश ने बताया कि सत्यवीर का व्यवहार बेहद अच्छा था और गांव व आसपास के लोग उनकी इज्जत करते थे। वह स्वाभिमानी और मेहनती इंसान थे। उनके बारे में बताते हुए ओमप्रकाश की आंखें नम हो गईं, उन्होंने बताया कि समझ में नहीं आता कि आखिर उन्होंने बच्चों के साथ ऐसा कदम कैसे उठा लिया। नगला गुलरिया के भाजपा नेता बृजेश वर्मा ने कहा कि वह सत्यवीर को अच्छे से जानते थे। सत्यवीर मेहनती और खुद्दार व्यक्ति थे। पास के गांव टिकुरिया निवासी वृद्ध राजाराम ने बताया कि सत्यवीर अमांपुर में अपनी दुकान पर बेल्डिंग का काम करते थे। मेहनत से परिवार चलाते थे। उन्होंने बताया कि गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन हर जुबान पर एक ही सवाल है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक स्वाभिमानी पिता ने पूरे परिवार समेत जीवन लीला समाप्त कर ली।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें