शादी यादगार हो और लोग तारीफ करें...इसके लिए लोग अपनी हैसियत के हिसाब से हरसंभव प्रयास करते हैं। लेकिन ऐसा कभी-कभी ही देखने को मिलता है जब एक शादी जमाने के लिए नजीर बन जाए। इसके लिए दौलत की नहीं बड़े दिल की जरूरत होती है। कुछ ऐसा ही वाकया यूपी के हरदोई जिले में हुआ। इस शादी के चर्चे आसपास के जिलों में हो रहे हैं।
आगे की स्लाइड में पढ़िए- समाज के लिए नजीर बनी इस शादी के बारे में
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विधवा को बनाया जीवनसाथी
जहानीखेड़ा चौकी क्षेत्र अंतर्गत महमूदपुर सरैंया निवासी कौशल पुत्र नवीन कुमार खेती करता है। उसकी रिश्तेदारी लखीमपुर खीरी जनपद के पसिगवां थाना क्षेत्र के ग्राम बद्दापुरवा में है। रिश्तेदारी में आने जाने के दौरान कौशल का प्रेम प्रसंग बद्दापुरवा निवासी शांती से हो गया। शांती के पति शौकीन की कुछ वर्ष पहले मौत हो चुकी है।
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विधवा को बनाया जीवनसाथी
- फोटो : अमर उजाला
प्रेम प्रसंग की जानकारी कौशल के परिजनों को भी थी, लेकिन निराश्रित महिला से शादी करने को परिजन तैयार नहीं थे। पूरे मामले की जानकारी किसी तरह पुलिस चौकी के प्रभारी संजीव शर्मा तक पहुंची। संजीव शर्मा ने कौशल के पिता को समझाया-बुझाया और स्थानीय लोगों के बीच बात रखी।
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विधवा को बनाया जीवनसाथी
- फोटो : अमर उजाला
इस पर अंबारी के ग्राम प्रधान नन्हें सिंह और महमूदपुर सरैंया की प्रधान के पुत्र रिजवान ने भी कौशल के पिता नवीन कुमार को समझाया। इस पर नवीन तैयार हो गया। गुरुवार शाम चौकी परिसर में लोगों की मौजूदगी के बीच कौशल और शांबीजा विवाह हो गया। दोनों ने एक दूसरे को वरमाला पहनाने के बाद मुंह मीठा कराया।
चौकी प्रभारी संजीव शर्मा ने बताया कि लड़के के पिता को समझाया गया कि विधवा विवाह कराने से बढ़कर पुण्य का भी कोई दूसरा कार्य नहीं होता। चौकी प्रभारी और अंबारी के प्रधान नन्हें सिंह की मानें तो कौशल के पिता नवीन कुमार के मन में यही बात घर कर गई और वह शादी के लिए तैयार हो गए। दोनों की जाति एक ही है इसलिए और कोई अड़चन नहीं आई।