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UP: मां की गोद में बेटे का सिर, चाय पी थी, सल्फास से तड़पने पर ब्लेड से काटीं नसें; सामूहिक सुसाइड में खुलासा

Thu, 12 Mar 2026 01:42 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, फतेहपुर

सार

यूपी के फतेहपुर जिले में सामूहिक खुदकुशी का मामला सामने आया है। यहां एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी पर युवक ने मां और चाचा संग जान दे दी। बंद कमरे से मां-बेटे के शव मिले हैं, जबकि घायल चाचा ने जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। एक अधिवक्ता हिरासत में लिया गया है।
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fatehpur mass suicide - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
लखनऊ बाईपास रोड पर चौफेरवा के पास एक कमरे में मां और बेटे के बुधवार शाम खून से लथपथ शव मिले। कुछ दूरी पर चाचा लहूलुहान हालत में पड़ा था। जिला अस्पताल ले जाते समय उसकी भी रास्ते में सांसें थम गई। एएसपी व फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।

जांच में पुलिस को बेटे का एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें आत्महत्या के लिए चार लोगों को जिम्मेदार बताया गया है। इसमें लिखा है कि एससी एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी पर चाचा और मम्मी के साथ मजबूर होकर यह फैसला ले रहा हूं। मामले में देर रात पुलिस ने एक अधिवक्ता को हिरासत में ले लिया। 

इसकी जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में वकील थाने पहुंच गए। सदर कोतवाली क्षेत्र के मुराइनटोला निवासी सुशील श्रीवास्तव ने करीब चार साल पहले पैतृक घर बेच दिया था। इसके बाद वह लखनऊ बाईपास पर एनटीपीसी प्लांट चौफेरवा के पास मकान बनवाकर करीब तीन साल से रह रहे थे। 
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मृतक सुशीला श्रीवास्तव की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
परिवार में सुशील की पत्नी सुशीला श्रीवास्तव (55), पुत्र अमर श्रीवास्तव (29), भाई सुनील श्रीवास्तव (50) थे। घर में किराने की दुकान भी थी। चाचा-भतीजे किराने के सामान की सप्लाई का काम भी करते थे। सुशील शहर के पीरनपुर में रहने वाली पुत्री दीपिका श्रीवास्तव पत्नी अनमोल के घर दोपहर को गए थे। जहां से दीपिका के फोन से करीब दो बजे बेटे को फोन किया। घंटी जाती रही लेकिन, फोन नहीं उठा। इसके बाद मोबाइल बंद हो गया। सुशील शाम पांच बजे घर पहुंचे। गेट न खुलने पर वह पड़ोसी कोटेदार जयनारायण के घर की छत से घर में पहुंचे। 
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मृतक अमर श्रीवास्तव की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खिड़की से देखा तो कमरे में खून फैला हुआ था और पत्नी, बेटे के शव पड़े थे। पास ही कुर्सी के सहारे सुनील बैठा था। सुनील की सांस चलती होने पर पड़ोसी उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने सुनील को मृत घोषित कर दिया। पुलिस को घटनास्थल पर ब्लेड और सल्फास का एक पाठच खुला पड़ा मिला है। मां और बेटे के गर्दन व हाथ पर कट के निशान थे। डॉक्टर ने बताया कि सुनील के एक हाथ की नस और गर्दन आधी कटी हुई थी। तीनों ने सल्फास खाया है। 

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मौके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कर्ज के दबाव में कई साल से छिपकर रह रहा था परिवार
फतेहपुर की सदर कोतवाली क्षेत्र के लखनऊ बाईपास स्थित मकान में रहने वाले सुशील श्रीवास्तव के मकान में हुई घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस और फॉरेंसिक टीम की जांच में काफी हद तक हालात साफ हुए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर पता लगेगा कि किसने जहर खाया और किसकी मौत ब्लेड के हमले से हुई है।

 
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मौके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शहर में शाम को अचानक घर में सामूहिक हत्याकांड की खबर फैल गई। लोगों की भीड़ जुटने लगी। परिवार नई जगह पर कुछ साल पहले बसा है। इससे परिवार का स्थानीय लोगों से जुड़ाव नहीं था। मूलरूप से परिवार का जुड़ाव मुराइनटोला से है। परिवार का इकलौता बेटा अमर श्रीवास्तव सीधे और सरल स्वभाव का था। 
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घटना की जानकारी देते सुशील श्रीवास्तव - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
परिवार को भी लोग अमर की वजह से ही जानते हैं। कई दैनिक अखबार की एजेंसी भी चला चुका है। व्यापार के लिए उसने कई लोगों से लंबा कर्ज ले रखा था। करीब 50 लाख के आसपास अमर पर कर्ज था। कर्ज के दबाव में ही अमर का घर भी बिका था। इसके बाद भी कर्ज से छुटकारा नहीं मिला था। 

 
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मृतक सुनील श्रीवास्तव की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मकान बेचने के काफी दिनों बाद तक परिवार कर्जदारों से बचने के लिए छिपकर रहता था। किसी तरह लखनऊ बाईपास रोड पर मकान बनवाकर जिंदगी दोबारा पटरी पर लौट रही थी। अचानक परिवार के तीन लोगों की मौत का रहस्य लोग जानने के लिए तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। रिश्तों के बीच भी कुछ अनैतिक होने की इलाकाई लोगों में रही। परिवार के बीच कभी कोई विवाद जैसी बात सामने नहीं आई थी।
 

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मौके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मित्र और बहनोई से हाल में लिए थे रुपये
अमर ने एक दिन पहले अपने एक दोस्त से 10 हजार रुपये कर्ज लिए थे। कुछ लोगों से अमर चार से पांच लाख रुपये का कर्ज मांग रहा था। उसने होली के आसपास बहनोई अनमोल से भी 10 हजार रुपये लिए थे। अक्सर अमर लोगों से रुपयों का लेनदेन करता रहा है। बहनोई ने बताया कि तीनों की मौत आत्महत्या नहीं हो सकती है। उन्होंने हत्या की आशंका जताई है।

 

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घटना की जानकारी देते सुशील श्रीवास्तव - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मां की गोद में था बेटे का सिर, घटना से पहले चाय पी
घटनास्थल कमरा करीब आठ फीट चौड़ा और 13 फीट गहरा है। मां के कंधे के पास अमर सिर रखे था। ऐसा लगा कि मरने से पूर्व अमर मां के आंचल लिपटकर रोया होगा। कमरे में चाय पीने के झूठे गिलास भी रखे थे। कयास लगाए गए कि घटना से पहले तीनों ने चाय में ही सल्फास घोलकर पीया होगा। तड़पने पर ब्लेड से खुद पर हमले किए। मौके पर ब्लेड का पैकेट भी मिला। बताया जा रहा है कि अमर को मां और चाचा सबसे अधिक स्नेह था। मां और चाचा भी अमर के लिए सबकुछ करने को तैयार रहते थे।
 

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मृतक भाभी-देवर के फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घटनास्थल बयां कर रहा तीनों के बीच खूनी संघर्ष में देवर हमलावर
कमरे में एक जगह मां-बेटे के शव और करीब तीन फीट दूर देवर सुनील शुक्ला घायल मिला है। प्रथम दृष्टया घटनास्थल को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि तीनों के बीच आपस में खूनी संघर्ष हुआ होगा। इसमें देवर भारी पड़ा। कमरे की फर्श खून से लाल हो गई और बहकर खून दरवाजे तक आ गया। कमरे में तीन जगह पर भारी मात्रा में खून जमा मिला। इससे अंदाजा लगाया कि घटना दोपहर दो से तीन बजे के आसपास की है। इसी दौरान फोन भी उठने बंद हो गए थे।

 

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घटना की जानकारी देते सुशील श्रीवास्तव - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मां ने बेटी से पूछा था गैस सिलिंडर खाली है या नहीं
पीरनपुर मोहल्ले में ब्याही बेटी दीपिका ने बताया कि करीब दोपहर 10 से 11 बजे के बीच परिवार में गैस सिलिंडर को लेकर चर्चा हुई थी। इसी दौरान मां से उसकी फोन पर बातचीत हुई। मां पूछ रही थी कि सिलिंडर खाली है या नहीं। उसने बोला सिलिंडर मिल जाएगा। पापा शहर में आते-जाते रहते हैं। वह ले जाएंगे। परिवार में गैस सिलिंडर को लेकर भी किल्लत थी। 

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मौके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस कयास लगा रही है कि सुबह गैस सिलिंडर को लेकर भी परिवार के बीच वाद-विवाद हुआ। दोपहर में दीपिका बच्चों को लेकर घर पहुंची तब तक पापा सुशील घर पहुंच गए थे। उसने मां को फोन मिलाया फोन नहीं उठाया। भाई का नंबर स्विच ऑफ बता रहा था। पापा को बोला मम्मी फोन नहीं उठा रही हैं। इसके बाद पापा शाम को घर पहुंचे तो घटना की जानकारी हुई।

 

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मौके पर जांच करती फॉरेंसिक टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
...तो सल्फास से तड़पने पर ब्लेड से काटीं नसें
पुलिस के मुताबिक परिवार ने आत्महत्या के लिए एक नहीं दो विकल्प रखे थे। मौके पर परिवार के तीनों सदस्यों ने पहले सल्फास खाया है। इसके बाद वह तड़पते रहे। दम नहीं निकलने पर ब्लेड को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया।

 

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फतेहपुर में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत - फोटो : amar ujala
अमर के मोबाइल के सीडीआर से भी खुलेंगे कई राज
पुलिस को घटनास्थल कमरे से दो मोबाइल मिले हैं। इसमें एक मोबाइल अमर श्रीवास्तव का है। पुलिस अमर के मोबाइल के गहनता से जांच में जुटी है। मोबाइल सर्विलांस टीम को सौंपा गया है। मोबाइल कॉल डिटेल में आने वाले नंबरों की पुलिस जांच कर रही है। इसके आधार पर कुछ संदिग्धों की धरपकड़ की जा रही है।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
सुसाइड नोट में ये लिखा
घर में मिले सुसाइड नोट में अमर की ओर से लिखा गया है कि परिवार मजबूर होकर यह फैसला ले रहा है। पहले संजय सिंह ने मेरे बारे में सबको भड़काया। उस लड़की के सामान का भी पूरा पैसा दिलीप त्रिवेदी उर्फ पप्पू खा गया। शुभम व सोनू ने जानबूझकर उसका नुकसान किया। राहुल श्रीवास्तव का पेमेंट वापस होने के बाद भी उसे ब्लैकमेल किया। 

 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
अब हिम्मत नहीं बची है, सोनू बोल रहा है कि एससी-एसटी एक्ट लगा के वसूल करेगा। उनके जाने के बाद घर एक युवती (अज्ञात) को दिया जाए। बहन व बहनोई को कोई परेशान नहीं करे। सीओ सिटी प्रमोद शुक्ला ने बताया कि आत्महत्या के लिए उकसाने में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। उनकी धरपकड़ की जा रही है।
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