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जन्मदिन विशेषः राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के बारे में ये बातें आप नहीं जानते होंगे

Tue, 01 Oct 2019 04:28 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द मूल रूप से कानपुर देहात के रहने वाले हैं। उनके राष्ट्रपति बनने के बाद उनका गांव परौंख सुर्खियों में आ गया। रामनाथ कोविन्द भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेताओं में से एक है। रामनाथ कोविन्द का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले की तहसील डेरापुर के एक छोटे से गांव परौंख में 1 अक्टूबर 1945 को हुआ था।
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
वकालत की उपाधि लेने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय में वकालत प्रारम्भ की। वह 1977 से 1979 तक दिल्ली हाई कोर्ट में केंद्र सरकार के वकील रहे। 8 अगस्त 2015 को बिहार के राज्यपाल के पद पर नियुक्ति हुई। साल 1991 में रामनाथ भारतीय जनता पार्टी में सम्मिलित हो गये। दो साल बाद 1994 में उत्तर प्रदेश राज्य से राज्य सभा के लिए निर्वाचित हुए। वर्ष 2000 में पुनः उत्तरप्रदेश राज्य से राज्य सभा के लिए निर्वाचित हुए।
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
इस प्रकार कोविन्द लगातार 12 वर्ष तक राज्य सभा के सदस्य रहे। वह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रहे हैं। कोविन्द का नाम भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने 19 जून 2017 को एनडीए के सर्वसम्मत राष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में घोषित किया। वह भाजपा दलित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अखिल भारतीय कोली समाज अध्यक्ष भी रहे।

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
वर्ष 1986 में दलित वर्ग के कानूनी सहायता ब्यूरो के महामंत्री भी रहे। कानपुर यूनिवर्सिटी (अब छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर) से रामनाथ ने बीकॉम और एलएलबी की पढ़ाई की है।रामनाथ का विवाह 30 मई 1974 को सविता कोविंद से हुआ था। एक बेटा और एक बेटी है। बेटे का नाम प्रशांत और बेटी का नाम स्वाति है। रामनाथ कोविंद पेशे से वकील रहे हैं और दिल्ली उच्च न्यायालय में वकालत की प्रैक्टिस भी कर चुके हैं।
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद - फोटो : अमर उजाला
राम नाथ कोविंद नें दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में 16 साल तक प्रैक्टिस की। वकील रहने के दौरान कोविंद ने गरीब दलितों के लिए मुफ्त में कानूनी लड़ाई लड़ी। आदिवासी, होम अफ़ेयर, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, सामाजिक न्याय, क़ानून न्याय व्यवस्था और राज्यसभा हाउस कमेटी के भी चेयरमैन रहे। कोविंद गवरनर्स ऑफ इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के भी सदस्य रहे हैं।2002 में कोविंद ने संयुक्त राष्ट्र के महासभा को भी संबोधित  किया था। इसके अलावा वो बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रह चुके हैं।
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