राजनीति में माहिर अखिलेश यादव से उत्तर प्रदेश के सीएम की कुर्सी हासिल करना कोई हंसी खेल नहीं था। भाजपा ने यह काम कर दिखाया और योगी आदित्यनाथ को गद्दी पर बैठाया। यहां से उन्होंने अपना देसी दाव खेलकर अखिलेश जैसे धुरंधर को पटखनी दी। अब एक बार फिर से योगी वैसा ही दाव खेलने जा रहे हैं। लेकिन सवाल ये है कि इस बार उनका शिकार कौन है..?
डेमो
यूपी चुनाव से पहले जहां योगी के सामने अखिलेश यादव थे वहीं अब वे तमाम नीतियां हैं जो अखिलेश सरकार द्वारा बनाई गई हैं। योगी सरकार द्वारा अब तक कई नीतियों को बदला जा चुका है और कई अभी भी बदलनी बाकी हैं। योगी सरकार बेहद तेजी से इस ओर कदम बढ़ा रही है। इस बात का पता खुद अखिलेश यादव को भी चल चुका है। इसलिए अखिलेश एक प्रेसवार्ता के दौरान ये कह भी चुके हैं कि योगी सरकार हमारा नाम मिटाने में लगी हुई है।
इटावा सफारी में अखिलेश यादव
योगी के देसी दाव का शिकार उनकी नीतियों के सपोर्टर होने वाले हैं। योगी की निगाह अब ऐसे लोगों पर ही होगी। हालांकि आखिर में इसका नुकसान भी पूर्व सीएम अखिलेश यादव को ही झेलना होगा।
फिलहाल योगी सरकार ने समाजवादियों को उन नीतियों को निशाना बनाया है जिनसे समाजवादियों का प्रचार हो रहा था। समाजवादी बस, एंबुलेंस, स्कूल बैग इन सबसे निपटने के बाद अब अखिलेश के महत्वकांक्षी ड्रीम प्रोजेक्ट को निशाने पर लिया गया है।
अखिलेश यादव (फाइल फोटो)
इससे पूर्व सीएम अखिलेश यादव को एक और बड़ा झटका लगने वाला है। ‘योगी सरकार’ इस पर अपनी ‘मोहर’ लगाने जा रही है। सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने यह तय कर चुके हैं।
इटावा सफारी
सीएम योगी इटावा सफारी पार्क का उदघाटन अक्टूबर में करेंगे। उद्घाटन कार्यक्रम की स्वीकृति के लिए स्थानीय भाजपा विधायकों ने पैरवी शुरू कर दी है। इसके लिए सफारी प्रशासन प्रस्ताव बनाकर भी शासन को भेज दिया गया है। शहर के इटावा सफारी पार्क के सभी सफारी लगभग बनकर तैयार हो चुके हैं।
बब्बर शेर
इनमें से तेंदुआ सफारी को छोड़कर अन्य सभी में जानवर भी पहुंच गए हैं। ऐसे में अब सफारी प्रशासन ने पार्क के उद्घाटन का खाका तैयार करना शुरू कर दिया है। सफारी प्रशासन चाहता है कि करोड़ों की लागत से बनकर तैयार इटावा सफारी पार्क का उदघाटन मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ करें। इसके लिए सफारी प्रशासन ने न सिर्फ प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है बल्कि स्थानीय भाजपा प्रतिनिधियों से भी पैरवी के लिए संपर्क बनाया है।
इटावा सफारी में बब्बर शेर
शासन को भेजे प्रस्ताव में सफारी प्रशासन ने सितंबर माह में सफारी पूरी तरह से ओके होने की बात कहते हुए अक्टूबर माह में किसी भी दिन उदघाटन के लिए तैयार होने की बात कही है।
इटावा सफारी में अखिलेश यादव
इसके बाद से सपा प्रमुख अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट इटावा सफारी पार्क भाजपा नेताओं को भी रास आने लगा है। इसके लिए वे लायन सफारी को इटावा की पहचान बताते हुए पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र को विकसित करने की मंशा भी जता चुके हैं।