पति के एक बार मौखिक और दूसरी बार लिखित तलाक देने के मामले में महिला शरिया अदालत ने लड़की को दूसरी शादी करने की इजाजत दी है। दारुल इफ्ता के फतवे में भी इजाजत दी गई थी। इस पर शरिया अदालत ने फतवे पर अपनी मोहर लगा दी।
पति महिला को न तो अपने पास रख रहा था और न ही उसे नए सिरे से जिंदगी गुजारने के लिए तलाक दे रहा था। इससे महिला की जिंदगी नरक बन गई थी। यह मामला प्रयागराज की रहने वाली एक लड़की का है।