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PHOTOS जेल से निकलती महिला का नाम है माया...15 साल पहले लगे एक आरोप से यूपी में फैली थी सनसनी

Sun, 03 Feb 2019 06:26 AM IST
प्रशांत कुमार यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक - फोटो : अमर उजाला
यूपी के हमीरपुर जिले में करीब 15 साल पहले बेतवा नदी के किनारे बीहड़ के बजेहटा में नरबलि के मामले में उम्रकैद की सजा काट रही महिला की शासन ने शनिवार को रिहाई का आदेश दिया। महिला का देवर जिला कारागार में उम्रकैद की सजा काट रहा है। महिला ने जिला कारागार में 14 साल तीन माह 12 दिन बिताए हैं। ललपुरा के बजेहटा निवासी जयपाल सिंह की पांच साल की बेटी महिमा की 19 अक्तूबर 2004 को धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। मौके से पूजा पाठ का सामान मिलने पर लोगों ने नरबलि की आशंका जताई थी। 
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डेमो पिक - फोटो : अमर उजाला
इस मामले में पुलिस ने पड़ोसी छोटे पांडेय और उसकी भाभी माया पत्नी बाबू पांडेय को नामित कर हत्या कर साक्ष्य छिपाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को घटना के दूसरे दिन गिरफ्तार कर जिला कारागार में निरुद्घ कराया था।
 
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डेमो पिक - फोटो : अमर उजाला
अदालत में मुकदमे की सुनवाई के बाद 21 नवंबर 2011 को अपर सत्र न्यायालय के न्यायाधीश ने दोनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। जेलर पीके त्रिपाठी ने बताया शासन स्तर पर स्थायी समिति की बैठक में महिला कैदी माया की आगे की सजा माफ कर दी है। जिसे शनिवार को उसे जिला कारागार से रिहा कर दिया गया।

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डेमो पिक - फोटो : अमर उजाला
महिला के जेल से निकलते ही उसके भतीजे विजय ने गुलाब के फूलों की माला डालकर बुआ का स्वागत किया। भतीजा संजू व रिश्तेदार देव नारायन पांडेय भी आए थे। रिहाई के बाद महिला ने बताया महिमा को उसने एक महीने की उम्र से पाला था। भला वह उसकी हत्या कैसे कर सकती है।
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डेमो पिक - फोटो : अमर उजाला
यह पूछने पर कि महिमा की मौत कैसे हुई। इस पर उसने जानकारी होने से इंकार कर दिया। माया ने बताया उसके दो पुत्र व दो पुत्रियां हैं। दोनों पुत्रियों की शादी हो चुकी है। जब वह जिला कारागार में निरुद्घ हुई थी तब उसका बड़ा पुत्र मोनू आठ वर्ष व छोटा पुत्र सोनू सात वर्ष का था। माया ने बताया उसने जेल में कढ़ाई, बुनाई व सिलाई का हुनर सीखा है। 
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