सोमवार दोपहर के 2:43 बजे हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा की निराला नगर शाखा के सभी कर्मचारी लंच करके अपनी-अपनी टेबल पर पहुंच रहे हैं। ग्राहक उनके इंतजार में कुर्सी पर बैठे हैं। तभी पुलिस की वर्दी में एक महिला गन (एमई-थ्री) लेकर बैंक में घुसती है। प्रबंधक के खुले कमरे में तीन-चार महिला कर्मी खड़ी हैं। महिला ने उन पर अपनी गन तान दी और कहा आपको बदमाशों ने घेर लिया है।
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बैंक मैंनेजर से बात करतीं एसपी साउथ रवीना त्यागी
- फोटो : अमर उजाला
तभी बैंक अफसर रश्मि भाटिया उनकी तरफ बढ़ती हैं तो बंदूकधारी महिला ने कहा हैंड्सअप, जहां खड़ी हो वहीं रुक जाओ, वरना गोली मार दूंगी। इसके बाद सभी कर्मचारी पसीना-पसीना। किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा क्या करना है क्या नहीं। सायरन तक नहीं बजाया। ग्राहक भी सकते में रहे।
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एसपी साउथ रवीना त्यागी ने बैंक कर्मियों को दिए निर्देश
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यह कोई वारदात नहीं बल्कि वारदात के दौरान बैंक में मौजूद संसाधनों और कर्मचारियों की सजगता को परखने के लिए की गई मॉकड्रिल थी। एसपी साउथ रवीना त्यागी की मॉकड्रिल में संसाधन और कर्मचारी दोनों ही फेल निकले। क्योंकि किसी कर्मचारी ने सायरन बजाने की जहमत नहीं उठाई। एसपी के बार-बार कहने पर सहायक प्रबंधक रुबीना अहमद ने सायरन का बटन दबाया, तो पता चला कि वह बंद पड़ा है।
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पूरी तरीके से ध्वस्त थी बैंक की सुुरक्षा व्यवस्था
- फोटो : अमर उजाला
इस पर एसपी ने उन्हें फटकार लगाई। इसके अलावा उनके कहने पर भी न तो कोई डायल-100 पर सूचना दे पाया और न ही किसी के पास थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज का नंबर था। इसके बाद उन्होंने बैंक के कैमरे चेक किए। फायर उपकरण स्टोर में बंद पड़े मिले। इससे पूर्व उन्होंने बाबूपुरवा के चार राड चौराहा, बाकरगंज स्थित शाखा का भी निरीक्षण किया। वहां भी खामियां मिलीं, जिन्हें उन्होंने दूर करने को कहा। कानपुर एसपी साउथ रवीना त्यागी निरीक्षण के दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा की दोनों ही शाखाओं में सुरक्षा इंतजाम को लेकर कई खामियां पाई गई हैं।
एसपी साउथ ने जांचे सुरक्षा के इंतजाम
- फोटो : अमर उजाला
इस पर प्रबंधक को चेतावनी दी गई है। साथ ही बैंक के सुरक्षा इंतजाम और पुख्ता किए जाने के लिए उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जाएगा। बैंक ऑफ बड़ौदा की निराला नगर शाखा में सात साल पहले तीन बीटेक छात्रों ने हॉलीवुड फिल्म ओसियन-11 देखने के बाद डकैती को अंजाम दिया था। इसके बावजूद बैंक में लापरवाही बरती जा रही है। सुरक्षा के इंतजाम ही अधूरे हैं।