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न बैंड, न बाजा, अधूरे हैं दूल्हे राजा 

Wed, 24 Jan 2018 09:02 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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शादी का कार्ड दिखाता दूल्हा अतुल
शादी हो और ढोल - नगाड़े व बैंडबाजों की धुन पर बाराती व जनाती न थिरके तो शादी सूनी लगती है, लेकिन यूपी सरकार व हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब बारातें वाकई में सूनी लगने लगी हैं। अब सार्वजनिक स्थान व निर्धारित समय के बाद अगर किसी ने शादी में बैंडबाजा बजाया तो संचालक को मंहगा पड़ सकता है।

 
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बैंड बाजा संचालक की दुकान में बैठे वर पक्ष के लोग 

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मंडप की तैयारियां करते पंडितजी
शादी में बैंड बाजा न बजने से परेशान दूल्हे राजा थाना व तहसील परिसर के चक्कर काटने को मजबूर हैं। शादी में बैंड बाजा की अनुमति लेने की बंदिश ने शहनाई बजाने वालों घरों में अधूरापन लाने का काम किया है। जिन घरों में शहनाई बजनी थी, उनके सामने बैंड बाजा की अनुमति लेने की नई समस्या खड़ी हो गई है।

 
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बैंड बाजा संचालक की दुकान में बैठे वर पक्ष के लोग 

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शादी का कार्ड दिखाता दूल्हा
इस कारण वर व वधू पक्ष के लोग इन दिनों गेस्ट हाउस, हलवाई, पंडित, सजावट वाले काम छोड़कर तहसील व थानों के चक्कर काट रहे हैं। रविवार 22 जनवरी को हलवाई खाना निवासी अतुल पुत्र रामबाबू गुप्ता की शादी होनी थी। घर में शादी के तैयारियां चल रही थी और तभी बैंड बाजा के संचालक ने ढोल-नगाड़े देने से मना कर दिया।

 

हाथाें में मेंहदी लगाकर थाना, तहसील के चक्कर काट रहा दूल्हा 

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डाॅन्स करते बच्चे
जिससे नई परेशानी आ गई। अब शादी में दोस्त व रिश्तेदार बैंडबाजों की धुन पर न थिरके तो अधूरा लगता है। अतुल ने मेहंदी व मंडप की रस्म पूरी करने के बाद थाने पहुंचे और उन्होंने शादी में बैंडबाजा बजवाए जाने की अनुमति मांगी, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिल सकी।

 
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डीजे, बैंड की अनुमति के लिए भाग दौड़ कर रहे वर व वधू पक्ष के लोग 

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शादी की तैयारी
इसके बाद वह तहसील के चक्कर काटते नजर आए। बाद में एसडीएम सदर ने उन्हें रात 10 बजे तक ही बैंडबाजा बजवाए जाने की अनुमति दी। दूल्हा अतुल के छोटे भाई शिवा का कहना था कि जब तक डीजे न बजे तो शादी अधूरी लगती है और उन्हें ये मौका मुश्किल से मिला है। 


 
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मामा की शादी में क्यों न नाचे 

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डेमो पिक
मामा की शादी हो और भांजे-भांजी को नचाने का मौका न मिले तो वह मायूस हो जाएंगे। अतुल गुप्ता के भांजे-भांजी नैंसी, मानसी, कन्हैया, राघव व ओमी का कहना है कि उन्होंने अपने मामा की शादी में जमकर नचाने का प्लान बनाया था, लेकिन बैंड बाजा न होने से घर में ढोलक व मजीरे की धुन पर नाचकर अधूरापन पूरा किया है। 

 
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व्यापार चौपट हो जाएगा 

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डेमो पिक
बैंडबाजा संचालक सोनू ने बताया सहालग में करीब 100 बुकिंग आती हैं। जब शादी में बैंडबाजा नहीं बजेंगे तो उनका व्यापार चौपट हो जाएगा और उनसे जुड़े कई मजदूर बेरोजगार हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि सहालग में उन्हें करीब डेढ़ लाख रुपये का फायदा होता है। इसी कारोबार से उनका व इस कारोबार से जुड़े मजदूरों को परिवार चलता है। 
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