यूपी के कानपुर में एसबीआई की ग्वालटोली शाखा के एक खाताधारक के साथ बायोमेट्रिक ठगी का मामला सामने आया है। किसी ने उनके अंगूठे के निशान का इस्तेमाल कर खाते से रुपये निकाल लिए। खाताधारक जब रुपये निकालने बैंक पहुंचा तो खाते में पैसा न होने की जानकारी मिली।
विज्ञापन
2 of 5
डेमो पिक
ग्वालटोली मछली वाला हाता निवासी वसीउल रहमान का खाता यहीं की एसबीआई शाखा में है। 20 दिसंबर वे अपने खर्च के लिए रुपये निकालने बैंक पहुंचे तो खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं थी। इस पर उन्होंने बैंक प्रबंधक से शिकायत की। खाते की डिटेल पता की गई थी तो जानकारी मिली कि नौ, ग्यारह और बारह दिसंबर को उनके खाते से पांच-पांच हजार रुपये छह बार निकाले गए। खाताधारक से इन तारीखों में रुपये निकालने की बात पूछी गई तो उसने मना कर दिया।
विज्ञापन
3 of 5
डेमो पिक
इस पर एसबीआई के शाखा प्रबंधक (परिचालन) रोहित कांत मिश्र ने एसबीआई की सर्विस डेस्क को समस्या बताई। वहां से पता चला कि किसी कस्टमर सर्विस प्वाइंट में खाताधारक के अंगूठे का निशान और आधार नंबर का इस्तेमाल करके (बायोमेट्रिक विधि से) खाते से रकम निकाली गई है। बैंक ने यह जानकारी खाताधारक को दी।
4 of 5
डेमो पिक
खाताधारक ने बताया कि पिछले महीने उसने राशन की दुकान और सिम लेने के लिए सिर्फ दो बार अंगूठे का इस्तेमाल किया। बैंक को शक है कि इन्हीं में से किसी एक स्थान से अंगूठे के निशान का गलत इस्तेमाल हुआ। बैंक अब उस कस्टमर सर्विस प्वाइंट का पता लगाने का प्रयास कर रहा है जहां से धनराशि निकाली गई। इसके लिए बेलापुर (महाराष्ट्र) स्थित रूरल बैंकिंग डीम्ड एकाउंटिंग यूनिट (आरबीडीएयू) को पत्र लिखा है।
बैंक ने यह पता कर लिया है कि खाते से रकम अंगूठे और आधार नंबर का इस्तेमाल कर किसी कस्टमर सर्विस प्वाइंट से निकाली गई है। अब यह पता किया जा रहा है कि किस बैंक के कस्टमर सर्विस प्वाइंट पर ऐसा हुआ। इसके लिए संबंधित विभाग को पत्र लिखा गया है। यह बायोमेट्रिक ठगी का मामला है। लोगों को अपने अंगूठे का इस्तेमाल सतर्कता पूर्वक करना होगा। - रोहित कांत मिश्रा, प्रबंधक (परिचालन) एसबीआई