इटावा में पूर्व सांसद प्रेमदास कठेरिया के बेटे और सपा प्रत्याशी कमलेश कठेरिया के सामने उनकी पत्नी पूजा कठेरिया ने ताल ठोक दी है। शुक्रवार को नाम वापसी का आखिरी दिन पूजा ने नाम वापस नहीं लिया। नामांकन कराते समय पूजा न कहा था कि लोकतंत्र में सभी को चुनाव लड़ने का हक है।
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पूजा कठेरिया
पूजा के ससुर पूर्व सांसद प्रेमदास कठेरिया सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के करीबियों में गिने जाते हैं। मुलायम सिंह ने उन्हें पहले महेवा से ब्लॉक प्रमुख फिर इटावा का जिला पंचायत अध्यक्ष बनवाया था। प्रेमदास के मुलायम के खास होने का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इटावा संसदीय सीट सुरक्षित होने पर उन्हीं को सपा ने लोकसभा का टिकट दिया था।
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कमलेश कठेरिया
प्रेमदास ने 46982 वोट से जीत हासिल की थी। पिछले चुनाव में उन्हें करीब पौने दो लाख मतों से शिकस्त मिली तो बेटे कमलेश को विरासत सौंपकर सक्रिय राजनीति से किनारा कर लिया। 2017 के विधानसभा चुनाव में बेटे कमलेश को भरथना सुरक्षित सीट से लड़ाया लेकिन वे हार गए।
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प्रेमदास कठेरिया, कमलेश कठेरिया
इस बार लोकसभा चुनाव में सपा ने फिर प्रेमदास के परिवार पर ही भरोसा जताया। कमलेश सपा के टिकट पर मैदान में हैं लेकिन उनके सामने पत्नी पूजा कठेरिया ने भी नामांकन करा दिया। पहले उम्मीद थी कि पूजा नाम वापस ले लेंगी लेकिन नाम वापसी के अंतिम दिन भी उन्होंने पर्चा वापस नहीं लिया।
सपा प्रत्याशी कमलेश कठेरिया ने कहा कि मुझे पता नहीं है कि पूजा ने लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन किया है। राजनीति के जानकारों का कहना है कि इस तरह की नामांकन पहले भी होते रहे हैं। प्रत्याशी कई तरह के लाभ लेने के लिए अपने किसी परिजन का नामांकन करा देते हैं।