कानपुर में कोचिंग संचालक हत्याकांड में पत्नी की हत्या करना और फिर जहर खाकर खुद जान देना, यह कोई एकाएक घटनाक्रम नहीं है। इसके पीछे पूरी सोची समझी साजिश थी। घटना के दौरान अपार्टमेंट के सभी 60 कैमरे बंद होना, आधी रात को अपार्टमेंट से बाहर जाने के 40 मिनट बाद कैमरों का चालू होना, नौकरानी और भाई इरफान के बयान में विरोधाभास होना कई सवाल खड़े कर रहा है। इसके चलते मृतक कोचिंग संचालक के परिजन भी शक के दायरे में आ गए हैं। कमरे में पत्नी का शव और 50 किलोमीटर दूर सड़क पर पति का शव मिलने से पुलिस भी सकते में आ गर्ह है।
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सल्फास खाने के बाद 50 किमी कैसे चलाई कार, पुलिस कर रही जांच
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जांच करती पुलिस
नागेश्वर अपार्टमेंट पूरी तरह से सीसीटीवी कैमरों से लैस है। हैरानी की बात है कि 28 अप्रैल की रात से सभी सीसीटीवी कैमरे बंद थे। अपार्टमेंट के सिक्योरिटी रूम के रिकॉर्ड के मुताबिक शहवान सोमवार रात 8:45 बजे अपार्टमेंट आया था। आधी रात 12:10 बजे स्कोडा कार से अपार्टमेंट से चला गया था। पुलिस की जांच में पता चला कि शहवान के जाने के ठीक 40 मिनट बाद सभी कैमरे चालू हो गए।
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घटनास्थल पर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
घटना का एक और तथ्य पुलिस के गले नहीं उतर रहा है। दरअसल शहवान कार में बेहोशी की हालत में बिल्हौर में मिला। पुलिस का कहना है कि सल्फास खाने के बाद कोई भी व्यक्ति इतनी दूरी तक कार नहीं चला सकता है। पुलिस को आशंका है कि इस पूरे मामले में शहवान के साथ कोई और भी था, जिसने पहले नमरा की हत्या में मदद की फिर शहवान के जहरीला पदार्थ खाने के बाद बिल्हौर छोड़ आया।
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घटनास्थल पर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
तुरंत सूचना क्यों नहीं दी
नौकरानी राधा के मुताबिक सुबह करीब 10 बजे वह शहवान के घर गई थी। गेट पर चाबी लगी थी। घंटी बजाने पर भी जब दरवाजा नहीं खुला तो उसने पड़ोस में रहने वाले भाई इरफान को बताया। तब इरफान ने दरवाजा खोला। वहीं इरफान ने बताया कि सुबह करीब साढ़े सात बजे वह शहवान के फ्लैट गया था। नमरा का शव देख वह बाहर आ गया था। इसके बाद वह पत्नी को मायके छोड़ने गया। लौटने के बाद अपने फ्लैट में चला गया। इससे वह शक के दायरे में है। पुलिस का कहना है कि उसने तुरंत पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी।
सोमवार को भी नहीं खुला था दरवाजा
नौकरानी राधा ने बताया कि सप्ताह में तीन से चार बार शहवान के घर काम करने जाती थी। सोमवार शाम को वह काम करने गई थी लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला था। इसलिए वह दोबारा मंगलवार सुबह काम करने पहुंची थी।