उत्तर प्रदेश के कानपुर में चकेरी पुलिस ने एक शर्मनाक करतूत से महकमे की भद पिटवाने के बाद आखिरकार अगवा किशोरी को खोज निकाला। नौबस्ता के बंबा इलाके से किशोरी के साथ नामजद आरोपी ठाकुर को गिरफ्तार किया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। चकेरी से सात जनवरी को एक 16 वर्षीय किशोरी का अपहरण हुआ था।
विज्ञापन
2 of 5
किशोरी के लापता होने का मामला
- फोटो : अमर उजाला
किशोरी की दिव्यांग बूढ़ी मां ने ठाकुर(दूर का रिश्ते में चचेरा भाई) समेत सात नामजद व दो अज्ञात पर साजिश के तहत अपहरण करने का केस दर्ज कराया था। किशोरी को खोजने के नाम पर दरोगा अरुण कुमार व राजपाल सिंह ने किशोरी की मां से डीजल भरवाने के नाम पर 12 से 15 हजार रुपये वसूल लिए थे।
विज्ञापन
3 of 5
किशोरी के लापता होने का मामला
- फोटो : अमर उजाला
दो दिन पहले जब पीड़िता ने डीआईजी से शिकायत की तो दोनों दरोगा निलंबित किए गए और चार टीमों को किशोरी की तलाश में लगाया गया। चकेरी इंस्पेक्टर दधिबल तिवारी ने बताया कि किशोरी मिल गई है। उसका मेडिकल कराया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जब पुलिस ने आरोपी ठाकुर का मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाया तो पता चला कि नंबर ऑन है।
4 of 5
किशोरी के लापता होने का मामला
- फोटो : अमर उजाला
उसकी लोकेशन नौबस्ता में मिली। उसी आधार पर उसे ट्रेस किया गया। जांच में खुलासा हुआ कि जब से किशोरी का अपहरण हुआ तब से ठाकुर ये नंबर चला रहा है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि निलंबित पुलिसकर्मियों ने किस हद तक लापरवाही की है। वहीं पता चला है कि नौबस्ता के नट बस्ती में पूरे माह से दोनों रह रहे थे। कभी डिवाइडर तो कभी पेड़ के नीचे सोते थे। मजदूरी कर ठाकुर दो वक्त की रोटी जुटाता था।
पुलिस जीप से डीआईजी ने छुड़वाया था घर
- फोटो : amar ujala
इंस्पेक्टर ने बताया कि मेडिकल जांच में किशोरी की उम्र 16-17 वर्ष होने की पुष्टि हुई है। पूछताछ में किशोरी और आरोपी ने बताया कि उन्होंने एक मंदिर में शादी कर ली है। पुलिस इन सभी तथ्यों को खंगाल रही है। किशोरी कभी मां तो कभी आरोपी के साथ रहने की बात कह रही है। अगर वो मां केपास नहीं जाती है तो नारी निकेतन में भेजा जाएगा। अभी ये तय नहीं किया गया है।