कानपुर में सचेंडी क्षेत्र के उदयपुर और सपई गांव की तकरीबन एक हजार बीघा फसल सोमवार को आग से जलकर राख हो गई। देर से पहुंचने पर गुस्साए ग्रामीणों ने दमकल की टीम पर हमला कर दिया। पहले पथराव किया फिर एफएसओ (फायर सर्विस ऑफिसर) सहित आधा दर्जन दमकलकर्मियों को पीटा। घायल दो दमकलकर्मियों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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करीब एक हजार बीघा फसल आग से जलकर राख हो गई
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के पहुंचने के बाद स्थिति नियंत्रण में आई। आग की शुरुआत उदयपुर गांव केखेतों से हुई थी। तेज हवाओं के कारण तेजी से आग एक के बाद एक खेतों को चपेट में लेती गई। सपई गांव के खेतों तक आग पहुंच गई। पुलिस के मुताबिक लगभग तीन किलोमीटर के दायरे के खेतों की फसल जली है।
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करीब एक हजार बीघा फसल आग से जलकर राख हो गई
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उदयपुर गांव निवासी गुरु प्रसाद के बंबा के पास खेत हैं। सोमवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे उनका बटाईदार कटानू साहू फसल कट रहा था, तभी खेतों से गुजरी हाईटेंशन लाइन में शॉर्ट सर्किट हुआ और उसकी चिंगारी खेत में गिर गई। कुछ ही देर बाद खेत से लपटें उठने लगीं। कटानू के शोर मचाने पर एक-एक कर सैकड़ों ग्रामीण पहुंच गए पर, वह कुछ न कर सके।
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करीब एक हजार बीघा फसल आग से जलकर राख हो गई
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उन्होंने पुलिस व दमकल को सूचना दी। इसके डेढ़ घंटे बाद दोपहर दो बजे दमकल की केवल एक गाड़ी मौके पर पहुंची। इससे नाराज ग्रामीणों ने लाटूश रोड फायर स्टेशन एफएसओ सुरेंद्र चौबे, चालक राजेश सेंगर और सिद्घनाथ दीक्षित सहित अन्य सभी को पीटा। गाड़ी पर पथराव कर तोड़फोड़ की। फिर सचेंडी पुलिस वहां पहुंच गई।
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पुलिस ने ग्रामीणों को खदेड़ा और घायल राजेश और सिद्धनाथ को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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कुछ देर बाद एसपी ग्रामीण, एसडीएम सदर अमित राठौर, तहसीलदार अमित गुप्ता सहित आठ थानों का फोर्स मौके पर पहुंचा। प्रशासनिक अधिकारियों ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। अफसरों ने किसानों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
करीब एक हजार बीघा फसल आग से जलकर राख हो गई
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खेत के पास आसपास न तो कोई तालाब था और न ही पानी का उपलब्ध का साधन। किसान अपनी फसल को बर्बाद होते देख नहीं पा रहे थे। वह पेड़ों की डालियों से आग को बुझाने के लिए जूझते रहे। लेकिन आग इतनी भीषण थी कि वह कुछ नहीं कर पाए। बेबस, लाचार किसान केवल हाथ पीटते रहे।